अयोध्या जमीन विवाद: ट्रस्ट को बैनामा करने वाला हरीश पाठक कोर्ट और पुलिस की नजर में चल रहा फरार, ये हैं आरोप

राम मंदिर ट्रस्ट पर लगे आरोप को लेकर सियासी घमासान जारी है

UP News: अयोध्या की जमीन को लेकर जहां ट्रस्ट विवादों में है, वहीं बाबा हरिदास उर्फ हरीश पाठक 2018 से कोर्ट और पुलिस की नजर में फरार चल रहा है.

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अयोध्या. जमीन खरीद विवाद से (Ram Mandir Trust Land Dispute) घिरे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर विपक्ष का हमला बदस्तूर जारी है. इस बीच ट्रस्ट ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सभी डील का ब्यौरा अपलोड किया है, ताकि रामभक्तों को सच्चाई की जानकारी हो सके.  इस बीच अयोध्या (Ayodhya) जमीन से जुड़े विवाद में एक बड़ा खुलासा हुआ है. लेकिन इस बार सवालों के घेरे में अयोध्या पुलिस है. आरोप अयोध्या पुलिस की कार्यशैली पर है. ये बात हम इसलिए कह रहे है क्योंकि 18 मार्च 2021 को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्र्स्ट ने अयोध्या के बाग बिजेशी में एक ज़मीन खरीदी है, ये ज़मीन राम मंदिर ट्रस्ट ने 8 करोड़ में हरीश पाठक उर्फ बाबा हरिदास उर्फ बबलू पाठक से खरीदी है. लेकिन आप जानकर हैरान हो जायेगे कि हरीश पाठक पिछले कई सालों से फरार है.

अयोध्या पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक हरीश पाठक के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दायर कर रखी है. हरीश पाठक के खिलाफ आईपीसी की धारा 420,467,468,471,406 जैसी गंभीर धाराओं में 2016 से ही मुकदमा दर्ज है. पुलिस इसके खिलाफ कुर्की की कार्यवाई भी कर चुकी है. इसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी है, लेकिन ये शातिर अपराधी पिछले कई सालों से फरार चल रहा है. पुलिस ने कोर्ट को बता रखा है कि ये अपराधी मिल नही रह है. लेकिन इसी फरार हरीश पाठक ने राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग की और ज़मीन का सौदा तय किया। यही नही इस फरार अपराधी ने रजिस्ट्री दफ्तर पहुचकर 18 मार्च 2021 को अधिकारियों व ट्र्स्ट के पदाधिकारियों के सामने ट्र्स्ट को बैनामा किया, यही नही सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी को भी बैनामा किया। यानी काफी देर तक वहां मौजूद रहा. बावजूद इसके पुलिस ने इसे गिरफ्तार नहीं किया. अब सवाल यह उठता है कि आखिर कौन इस फरार अपराधी को बचा रहा है.

हरीश पाठक के खिलाफ ये मुक़दमे दर्ज
हरीश पाठक के खिलाफ अयोध्या और आसपास के जिलों में ठगी और धोखाधड़ी के कई केस दर्ज हैं।  दरअसल, आज से करीब दो साल पहले 19 अक्टूबर 2019 को गोंडा के राम सागर ने हरीश पाठक और उनके सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज करवाया था. गोंडा जिले के हरीश पाठक, कुसुम पाठक और उनके बेटे विकास पाठक, प्रताप नारायण, माधुरी पांडे, चंद प्रकाश अनंत तिवारी ने फैजाबाद शहर के देवकाली बेनीगंज रोड पर वर्ष 2009 में साकेत गोट फार्मिंग लिमिटेड के नाम से कार्यालय खोला था. इसके जरिए किसानों से बकरी पालन के नाम पर खूब ठगी की गई.

खुद को किया दिवालिया घोषित
जानकारी के मुताबिक तीन साल बाद जब धन और बकरी की वापसी का समय आया तो धोखाधड़ी का खुलासा हुआ. लोगों को दो बकरी और धन वापस नहीं करने की शिकायतें आने लगी. 2011 से 2014 तक कंपनी के कार्यालयों में ताले लग गए. हरीश पाठक और कुसुम पाठक की कंपनी दिवालिया बताकर बंद कर दी गई. लेकिन तब तक बड़ी संख्या में लोग ठगी के शिकार हो चुके थे. पीड़ित लोगों ने इनके खिलाफ धोखाधड़ी के केस दर्ज करवाए, कैंट थाने में भी 16 अगस्त 2016 में हरीश पाठक समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ.

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