CAA Protests: अयोध्या पुलिस पम्पलेट और लाउडस्पीकर से कर रही है जागरूक

अयोध्या पुलिस पम्पलेट और लाउडस्पीकर से जनता को कर रही है जागरूक
अयोध्या पुलिस पम्पलेट और लाउडस्पीकर से जनता को कर रही है जागरूक

सोशल मीडिया पर भी ऐसे तमाम संदेश प्रसारित हो रहे है. इसको लेकर जिला पुलिस में अभियान शुरू किया है. अभियान के तहत लोगों को हकीकत से रूबरू कराया जा रहा है, साथ ही बताया जा रहा है कि मौजूदा हालात में उनको क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए?

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अयोध्या. उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद यूपी पुलिस (UP Police) लगातार कार्रवाई कर रही है. इसी क्रम में अयोध्या पुलिस पम्पलेट और लाउडस्पीकर से जनता को जागरूक कर रही है. दरअसल कोशिश आम जनमानस के बीच नागरिकता संशोधन बिल को लेकर उपजे सवालों का जवाब और समाज में चल रही अफवाहों को दूर करना है. नागरिकता संशोधन बिल को लेकर समाज में तमाम तरह की अफवाह है फैली हुई हैं. कहा जा रहा है कि यह एक समुदाय विशेष की नागरिकता पर सवाल खड़े कर रहा है और समुदाय विशेष को अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए प्रमाण पत्र दिखाना होगा.

भ्रम पर मुनादी 

सोशल मीडिया पर भी ऐसे तमाम संदेश प्रसारित हो रहे है. इसको लेकर जिला पुलिस में अभियान शुरू किया है. अभियान के तहत लोगों को हकीकत से रूबरू कराया जा रहा है, साथ ही बताया जा रहा है कि मौजूदा हालात में उनको क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए?  जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में शहर से लेकर देहात तक पुलिसकर्मियों की ओर से आम जनमानस को गुमराह ना हो का पंपलेट बाटा गया. साथ ही पुलिसकर्मियों की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से नागरिकता संशोधन बिल की असलियत तथा इसको लेकर उपजे भ्रम पर मुनादी कराई गई.



नागरिकता संशोधन बिल की जानकारी
बताया गया कि नागरिकता संशोधन बिल किसी भी धर्म के मौजूदा भारतीय नागरिकों को प्रभावित नहीं करता असलियत यह है कि या 2014 तक भारत में रह रहे कुछ पड़ोसी देशों के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने से संबंधित है. यह बात केवल भ्रम और अफवाह है कि नागरिकता संशोधन बिल भारतीय मुस्लिमों को प्रभावित करता है यह सरासर झूठ है. बिल के तहत ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि देश में रह रहे लोगों को अपनी नागरिकता प्रमाणित करानी पड़ेगी. इसके लिए दस्तावेज जुटाने पड़ेंगे.

कानून व्यवस्था में सहयोग की अपील 

जबकि सच यह है कि इस तरह की कोई राष्ट्रव्यापी घोषणा नहीं की गई है. इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की ओर से बताया जा रहा है कि जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जनपद में निषेधाज्ञा लागू की गई है. यह निषेधाज्ञा किसी के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं करती है. कोई भी निषेधाज्ञा का उल्लंघन ना करें और कानून अपने हाथ में ना लें अगर किसी को प्रस्तावित बिल अथवा किसी तरह की समस्या है तो वह शांतिपूर्वक अपनी बात अधिकारियों के संज्ञान में ला सकता है और सरकार तथा राष्ट्रपति को ज्ञापन भेज सकता है. पुलिस की ओर फेस सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भ्रम फैलाने वाली सामग्री अथवा बयान प्रसारित न करने और कानून व्यवस्था में पुलिस के सहयोग की अपील की जा रही है.

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