लाइव टीवी

18 महीने के मासूम बच्चे के खिलाफ भैंस चोरी का मुकदमा दर्ज, अयोध्या पुलिस दबिश भी दे रही!

KB Shukla | News18 Uttarakhand
Updated: January 18, 2020, 5:01 PM IST
18 महीने के मासूम बच्चे के खिलाफ भैंस चोरी का मुकदमा दर्ज, अयोध्या पुलिस दबिश भी दे रही!
अयोध्या में एक 18 माह के बच्चे के खिलाफ भैंस चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है. (Demo Pic)

अयोध्या जिले (Ayodhya) की खंडासा पुलिस ने 18 माह के मासूम को अपने रोजनामचे में बतौर आरोपी दर्ज कर रखा है. इतना ही नहीं, 3 दिन से पुलिस इस मासूम आरोपी के घर दबिश भी दे रही है. मामला प्रकाश में आया तो पुलिस प्रकरण को लिपकीय त्रुटि (Clerical Mistake) बता रही है.

  • Share this:
अयोध्या. उत्तर प्रदेश के अयोध्या (Ayodhya) जिले में पुलिस का एक अजीबोगरीब कारनामा सामने आया है. जिले की खंडासा पुलिस ने 18 माह के मासूम बच्चे को अपने रोजनामचे में बतौर आरोपी दर्ज कर रखा है. इतना ही नहीं, 3 दिन से पुलिस इस मासूम आरोपी के घर दबिश भी दे रही है. मामला प्रकाश में आया तो पुलिस प्रकरण को लिपकीय त्रुटि (Clerical Mistake) बता रही है. मगर सवाल यह है कि 9 दिनों तक पुलिस को आखिर अपनी गलती का एहसास क्यों नहीं हुआ? आखिर पुलिस प्रकरण की कौन सी विवेचना और जांच-पड़ताल कर रही थी?

मामला खंडासा थाना क्षेत्र के कोटिया गांव का है. यहां रहने वाले तरुण कुमार ने बीते 9 जनवरी को खंडासा पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के ही पिता-पुत्र ने उनकी भैंस चोरी करने का प्रयास किया. खंडासा पुलिस में मामले की तहरीर ली और भारतीय दंड विधान की धारा 379 के तहत कोठिया गांव निवासी अनिल कुमार और उसके पुत्र के नाम रिपोर्ट दर्ज कर ली. रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश में 3 दिन आरोपी के घर दबिश भी दी.

दबिश देने गई पुलिस को बच्चे के दादा ने पूरी कहानी बताई, मगर सुनवाई नहीं

दबिश देने गई पुलिस को बच्चे के दादा गोपी ने पूरा वाक्या बताया. बताया कि उसने कोई भैंस चोरी का प्रयास नहीं किया है. मामला आपसी विवाद और मारपीट का है. वहीं नामजद किया गया उनका पोता महज डेढ़ साल का है. डेढ़ साल का मासूम ऐसी वारदात भला कैसे कर सकता है? गोपी ने दबिश देने गए पुलिस के सामने अपने डेढ़ साल के बच्चे को भी प्रस्तुत किया. बावजूद इसके पुलिस ने अपनी विवेचना आगे नहीं बढ़ाई और बच्चे का नाम नहीं निकाला.

खुलासा हुआ तो लिपिकीय त्रुटी बता रहे पुलिस अधिकारी

शनिवार को मामला जब मीडिया के माध्यम से चर्चा में आया तो पुलिस अधिकारी लिपिकीय त्रुटि बता रहे हैं. सवाल यह है कि कथित भैंस चोरी के प्रयास के मामले में पुलिस को 9 दिन तक अपने रोजनामचे में दर्ज गलती का एहसास तक नहीं हुआ. मामला चर्चा में आने के बाद पुलिस दावा कर रही है कि ऐसा लिपिकीय त्रुटि के चलते हुआ.

सीओ बोले- गलती दुरुस्त करने के दिए हैं निर्देशजानकारों की माने तो पुलिस अफसर रिपोर्ट दर्ज करते समय ऐसी भूल अथवा लापरवाही करती रहती है. न तो पुलिस रिपोर्ट करते समय संदिग्ध आरोपियों का हुलिया दर्ज करती है, न उम्र और न ही चुराई गई अथवा लूटी और छीनी गई संपत्ति की अनुमानित कीमत. यही लापरवाही आज पुलिस के छीछालेदर का सबब बन गई. इस बाबत क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर राजेश कुमार राय का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज करते समय लिपिकीय गलती के चलते डेढ़ साल के मासूम को संदिग्ध आरोपी दर्ज कर दिया गया. खंडासा पुलिस को अपनी विवेचना में इस गलती को दुरुस्त कर लेने का निर्देश दिया गया है.

ये भी पढ़ें:

बीजेपी पर अखिलेश का तंज- हमारे बुक्कल नवाब को ले लिया, पूजा में लगा दिया

बहराइच के जंगल में नग्न अवस्था में मिला युवती का शव, SIT जांच के आदेश

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अयोध्या से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 18, 2020, 4:01 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर