राम मंदिर निर्माण: धार्मिक अनुष्ठान के दूसरे दिन आज होगी रामार्चा, हनुमानगढ़ी पताका की पूजा

5 अगस्त को होने वाले भूमि पूजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
5 अगस्त को होने वाले भूमि पूजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

Ayodhya Ram Mandir Nirman: वैसे तो भूमि पूजन का मुख्य कार्यक्रम 5 अगस्त को होना है, जब प्रधानमंत्री रामलला के मंदिर की आधारशिला रखेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 6:57 AM IST
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अयोध्या. 5 अगस्त को होने वाले भूमि पूजन (Bhumi Pujan) से पहले अयोध्या (Ayodhya) में 3 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत सोमवार को गौरी-गणेश पूजन के साथ शुरू हो गई. इसी क्रम में मंगलवार को रामार्चा पूजा होगी. काशी और अयोध्या के 9 वैदिक आचार्य इस रामार्चा पूजा को संपन्न करवाएंगे. इसके अलावा आज हनुमानगढ़ी में भगवान् हनुमान की पताका की भी पूजा होगी.

मुख्य कार्यक्रम 5 अगस्त को
वैसे तो भूमि पूजन का मुख्य कार्यक्रम 5 अगस्त को होना है, जब प्रधानमंत्री रामलला के मंदिर की आधारशिला रखेंगे. यह मुहूर्त 32 सेकंड का है जो मध्याह्न 12 बजकर 44 मिनट 8 सेकंड से 12 बजकर 44 मिनट 40 सेकंड के बीच है. भूमि पूजन का कार्यक्रम 5 अगस्त की सुबह 8:00 बजे से शुरू हो जाएगा. इस दौरान देवी-देवताओं के आह्वान के साथ कार्यक्रम शुरू होगा.

175 लोग आमंत्रित
राम जन्‍म भूमि तीर्थ ट्रस्‍ट (Ram Janma Bhoomi Teerth Trust) के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) बताया कि भूमि पूजन कार्यक्रम में कुल 175 आमंत्रित अतिथि ही शामिल होंगे. 135 विशिष्ट साधु-संतों के अलावा अन्य अतिथियों को आमंत्रित किया गया है. उन्होंने बताया कि आमंत्रण पत्र ही प्रवेश पास है. इस पर सुरक्षा के लिए बार कोड लगाया गया है, जो एक बार ही उपयोग में आएगा. ऐसे में यदि कोई बाहर निकला तो दोबारा प्रवेश नहीं कर पाएगा. आमंत्रित अतिथि कार्यक्रम में मोबाइल-कैमरा आदि नहीं ले जा सकेंगे.



CM योगी ने लिया तैयारियों का जायजा
उधर मुख्य कार्यक्रम से दो दिन पहले सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भूमि पूजन की तैयारियों का जायजा लेने अयोध्या पहुंचे. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों संग बैठक की. ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय से मुलाक़ात भी की. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चार और पांच अगस्त को हम लोग दीये जलाएं, मंदिरों को सजाएं, दीपोत्सव मनाएं और रामायण का पाठ करते हुए उन लोगों को याद करें जिन्होंने मंदिर के लिए अपने प्राणों की आहुति दी.
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