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अखिलेश के Covid वैक्सीन पर दिए बयान से भड़के साधु-संत, कहा- न करें ओछी राजनीति

शनिवार को लखनऊ में अखिलेश यादव ने पत्रकारों के पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था कि वो बीजेपी के वैक्सीन नहीं लेंगे (फाइल फोटो)
शनिवार को लखनऊ में अखिलेश यादव ने पत्रकारों के पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था कि वो बीजेपी के वैक्सीन नहीं लेंगे (फाइल फोटो)

अयोध्या (Ayodhya) के मुस्लिम पक्षकार रहे इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने कहा कि अभी-अभी दवाई (कोविड-19 वैक्सीन) आई है और उस पर राजनीति शुरू हो गई है. कोरोना वायरस संक्रमण (Corona Virus) को मिटाना है और दवा (Covid-19 Vaccine) को लेकर लोग राजनीति ना करें

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 3, 2021, 7:27 PM IST
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अयोध्या. नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला के बाद अब मुस्लिम पक्षकारों ने भी समाजवादी पार्टी (Samajwad Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को आइना दिखाना शुरू कर दिया है. अयोध्या के मुस्लिम पक्षकार रहे इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने कहा कि अभी-अभी दवाई (कोविड-19 वैक्सीन) आई है और उस पर राजनीति शुरू हो गई है. कोरोना वायरस संक्रमण (Corona Virus) को मिटाना है और दवा को लेकर लोग राजनीति ना करें. कोरोना की दवा (Covid-19 Vaccine) को हर किसी के लिए सुलभ बनाया जाए और इसे हर किसी को उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की दवा का विरोध करने से लोग लगवाएंगे नहीं, राजनीति करेंगे. इसलिए इस महामारी (Pandemic) को हटाने के लिए दवा पर राजनीति न करें.

अंसारी ने कहा कि यह सवाल हमारे देश का है और कोरोना वायरस महामारी की है. कोरोना की वैक्सीन अभी-अभी आई है, और लोगों ने इसे लेकर राजनीति शुरू कर दी है. वैक्सीन नहीं लगवानी है, वैक्सीन की जांच करानी है, तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है लेकिन हमारे देश का संकट कोरोना वायरस है. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस को हमारे देश से मिटाना है, अगर यह पूरी दुनिया से मिट जाए तो बहुत अच्छी बात है. लेकिन हम यह चाहते हैं कि वैक्सीन पर लोग राजनीति ना करें, इसपर राजनीति करने की जरूरत भी नहीं है. वैक्सीन आई है, इतनी सहूलियत होनी चाहिए कि गरीब आदमी हो, मजदूर हो या बड़ा आदमी हो सभी लोगों तब यह वैक्सीन पहुंचे.





कोविड वैक्सीन पर अखिलेश यादव के बयान से साधु-संत नाराज
वहीं अयोध्या का साधु-संत भी अखिलेश यादव से इस मुद्दे पर नाराज नजर आया. उन्होंने सवाल किया कि अगर एक व्यक्ति दवा नहीं लेता और अगर वो संक्रमित होता है तो कितने लोगों को संक्रमित करेगा. इसलिए जोड़ने की राजनीति करें, देश को तोड़ने की नहीं. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को ओछी राजनीति करने से बचना चाहिए, कोरोना वायरस की दवा को लेकर ऐसी राजनीति निंदनीय है. तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने कहा, समाजवादी पार्टी के शासन में जो व्यक्ति लोगों को सुविधा नहीं दे पाया, तमाम निर्दोषों की हत्याएं हुई. सपा के शासनकाल में सारी व्यवस्था चौपट रही थी वो दवा को लेकर अब राजनीति कर रहा है.

उन्होंने अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि एक नेता होकर इस तरह का बयान देना सपा की नफरत की राजनीति है. अयोध्या में निर्दोष राम भक्तों के ऊपर इन्होंने गोलियां चलवाईं थी, अब इस तरह का भड़काऊ भाषण दे रहे हैं कि वो बीजेपी के द्वारा तैयार वैक्सीन नहीं लगाएंगे. जब इनका शासन आएगा तो फ्री में लगवाएंगे. महंत दास ने कहा कि वैक्सीन को लेकर अखिलेश यादव का बयान उनकी ओछी हरकत को दर्शाता है. हम इसकी निंदा करते हैं. साथ ही आशा करते हैं कि अखिलेश यादव को सद्बुद्धि आए और वो देश के हित की बात करें, देश को तोड़ने की नहीं.
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