अयोध्या: भव्य दीपोत्सव के लिए संतों ने सीएम योगी आदित्यनाथ का जताया आभार

अयोध्या में इस बार रामलला वाली दिवाली मनाई गई
अयोध्या में इस बार रामलला वाली दिवाली मनाई गई

Ayodhya News: इस बार की दीपावली रामलला वाली थी. पूरे नगर को सजा संवार कर त्रेता युग की राम नगरी बनाई गई. इस पर संतों ने प्रतिक्रिया दी है. संतो ने खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया है.

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अयोध्या. दीपोत्सव (Deepotsav) के सफल आयोजन के बाद अयोध्या (Ayodhya) की गलियां रौनक है और इस बार की दीपावली (Deepawali) भी बेहद खास थी. रामलला वाली दीपावली मनाने के बाद पूरी अयोध्या मदमस्त है. संतों में उत्साह है तो राम भक्त और अयोध्या वासी भी प्रफुल्लित हैं. लगातार कई बार दीपोत्सव के दरमियान अयोध्या ने इतिहास रचे. दीपक जलाने की अपने ही रिकार्डों को लगातार तोड़ती नजर आई. एक बार फिर विश्व रिकार्ड कायम हुआ और इस बार छह लाख से ज्यादा दीपक जलाए गए. इस बार की दीपावली रामलला वाली थी. पूरे नगर को सजा संवार कर त्रेता युग की राम नगरी बनाई गई. इस पर संतों ने प्रतिक्रिया दी है. संतो ने खुशी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के तीन पीढ़ियां राम मंदिर के आंदोलन में मुख्य भूमिका निभाई और स्वयं मुख्यमंत्री के शासन में अयोधया को उसका स्वरूप मिला. फैसला आया तो अब अयोध्या राम मय हो गयी है.

490 वर्षों के बाद आया ऐसा मौका

राम जन्मभूमि के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि इस बार की दीपावली बेहद ही भव्य थी. राम जन्मभूमि परिसर में बच्चों ने बड़े-बड़े दीपक जलाए थे. स्टैंड पर दीपक लगाए गए जो अलौकिक और अद्भुत थी. रंगोली से पूरे रामलला परिसर को सजाया गया. 1528 के बाद जब विवाद शुरू हुआ उसके बाद से अब तक राम जन्मभूमि परिसर में दीपक नहीं जला था. 490 वर्ष के बाद यह मौका आया जब रामलला के परिसर में दीपक जला/ वह अलौकिक छटा देख कर के मन भाव विभोर हो गया. इस बार का दीपोत्सव आनंद दाई और समृद्धि देने वाला था.



इस बार की दीपावली दिव्य और भव्य थी
वहीं सरयू तट पर नित्य आरती कराने वाले महंत शशि दास ने कहा कि इस वर्ष दीपावली सबसे भव्य और दिव्य थी. योगी सरकार आने के बाद चौथा दीपोत्सव था, लेकिन रामलला के मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के बाद यह प्रथम दीपोत्सव है. अयोध्या के वासियों और साधु-संतों ने दीपोत्सव के दिन ही दीपावली मनाई. अयोध्या के प्रमुख मंदिर हनुमानगढ़ी कनक भवन और राम जन्मभूमि में दीपक जलाए गए. मुख्यमंत्री को आभार व्यक्त करता हूं. मुख्यमंत्री इसी तरह काम करते रहे जिससे कि अयोध्या, मथुरा और काशी विश्व के पटल पर स्थापित हो सके.

रामराज्य का श्री गणेश

तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने कहा कि मान्यता है कि रावण का वध करने के बाद जब भगवान राम अयोध्या आए थे उस समय अयोध्या वासियों ने दीपक जलाए थे. उत्साह जो उस समय का था वही उत्साह इस वर्ष दीपोत्सव में देखने को मिला. 492 के बाद अयोध्या को खुशी मिली है. रामराज्य का यह श्री गणेश है और भारत को विश्व गुरु बनने का संकेत. अयोध्या के खोए हुए गौरव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वापस किया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब से मुख्यमंत्री हुए हैं तब से अयोध्या के विकास के लिए अग्रसर हैं और विश्व के पटल पर अयोध्या दर्ज हो गई है. मोदी और योगी ने मिलकर भारत के पौराणिक स्वरूप को स्थापित किया है.
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