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भगवान राम पर सांसद बृजभूषण शरण सिंह के दिए बयान से भड़के अयोध्या के साधु-संत, कहा- माफी मांगें

यूपी के कैसरगंज से सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बयान दिया है कि भगवान राम के जन्म में गोंडा का हाथ है (प्रतीकात्मक तस्वीर)
यूपी के कैसरगंज से सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने बयान दिया है कि भगवान राम के जन्म में गोंडा का हाथ है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अयोध्या (Ayodhya) के साधु-संतों ने कैसरगंज से बजेपी के सांसद बृजभूषण शरण सिंह (BJP MP Brij Bhushan Sharan Singh) के भगवान राम (Bhagwan Ram) पर दिए बयान को अमर्यादित बताते हुए कहा कि यह उनकी अज्ञानता और दूषित मानसिकता का परिचायक है इसलिए उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 4, 2021, 5:57 PM IST
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अयोध्या. उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह (BJP MP Brij Bhushan Sharan Singh) के बयान ने अयोध्या (Ayodhya) के साधु-संतों को नाराज कर दिया है. बृजभूषण शरण सिंह के इस बयान पर कि भगवान राम (Bhagwan Ram) को पैदा करने में गोंडा (Gonda) का हाथ है, संतों ने कहा कि यह केवल अज्ञानता और दूषित मानसिकता का परिचायक है. यह राजनीतिक बयान (Political Statement) है और न ही धार्मिक बयान है बल्कि यह दूषित बयान है. इस तरीके का बयान नेताओं को देना शोभा नहीं देता है.

राम जन्मभूमि के प्रधान पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह का भगवान राम पर दिया गया बयान सर्वथा गलत है. उन्होंने कहा कि यह हो सकता है कि वर्ष 1949 में राम जन्मभूमि में भगवान के प्रकट होने में गोंडावासियों ने सहयोग किया हो. भगवान को पैदा करने में गोंडा का हाथ है यह कहना ही गलत है. भगवान राम स्वयं प्रकट हुए और त्रेता युग में प्रकट हुए. त्रेता में गोंडा जिला ही नहीं था तो इसका सवाल ही पैदा नहीं होता. दास ने कहा कि 23 सितंबर, 1949 में भगवान राम के प्रकट होने में जिन लोगों ने सहयोग किया, यह कहा जा सकता था की उसमे गोंडा के लोगों ने भी सहयोग किया हो. यह कहना कि गोंडा ने भगवान राम को पैदा कराया है यह गलत है. यह बयान न तो राजनीतिक है, न ही धार्मिक है और ना ही वैज्ञानिक है. यह बयान सर्वथा दूषित है.

गोंडा के कैसरगंज से सांसद बृजभूषण शरण सिंह के भगवान राम की पैदाइश को लेकर दिए बयान को अयोध्या के संतों ने अमर्यादित और अज्ञानता भरा करार दिया है (फाइल फोटो)




वहीं तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने कहा कि भगवान राम को लेकर अमर्यादित बयान देने का अधिकार किसी को नहीं है. राष्ट्रमंडल और राष्ट्रवाद का जो स्वरूप है वो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का पावन चरित्र है. त्रेता युग में चक्रवर्ती सम्राट महाराज दशरथ थे और पूरे भूमंडल पर उनका अधिकार था. यह शास्त्रों के अध्ययन की कमी है और इस तरीके का बयान किसी को भी नहीं देना चाहिए. नेताओं को अपनी मर्यादा की सीमा में रहना चाहिए. उस समय गोंडा नाम का कोई जिला नहीं था और संपूर्ण भूमंडल पर चक्रवर्ती महाराज दशरथ का राज था. इस तरीके का बयान देना ज्ञान की कमी और अमर्यादित है. संतों ने कहा कि बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह से अपने दिए बयान को लेकर माफी मांगनी चाहिए.
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