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AYODHYA: मां दुर्गे की प्रतिमा विसर्जित करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान, जानिए लाभ

Jyotishacharya Pandit Kalki Ram: ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि शारदीय नवरात्र में सनातन धर्म के लोग भगवती ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट : सर्वेश श्रीवास्तव

अयोध्या. शारदीय नवरात्र की आज समाप्ति है. विजयादशमी की इस तिथि पर मां जगत जननी जगदंबे की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है. ढोल नगाड़ों के साथ मां के भक्तों ने मां को स्थापित किया था और आज विजयादशमी के दिन ढोल-नगाड़ा और जयकारों के साथ विसर्जन किया जाएगा. लेकिन विसर्जन करने से पहले कुछ बातों का ध्यान देना आवश्यक हो जाता है. चलिए आपको बताते हैं उन सामाजिक मान्यताओं का जिनका ध्यान विसर्जन के दौरान रखने से मां जगत जननी की कृपा बरसती है.

ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि शारदीय नवरात्र में सनातन धर्म के लोग भगवती दुर्गा की उपासना करते हुए माता को 9 दिनों तक स्थापित कर विधि-विधानपूर्वक पूजा-आराधना करते हैं. इसके बाद माता जगत जननी को विसर्जन किया जाएगा. ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है.

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विसर्जन के दौरान रखें इन 9 बातों का विशेष ध्यान

मां भगवती को स्थापित किए गए स्थान से हटाने से पहले उनकी आरती करनी चाहिए. धूप और दीप जलाएं. उसके बाद भोग लगाएं.
इस दौरान मां जगत जननी से प्रार्थना करनी चाहिए कि 9 दिनों में कोई भी गलती हुई हो, तो हे मां जगदंबे क्षमा करो.
फिर मां जगत जननी जगदंबा की प्रतिमा को उठाकर जयकारा लगाते हुए सामर्थ्य के अनुसार जिस वाहन में ले जाना है, वहां रखें.
मूर्ति विसर्जन करते समय सात्विक रहना चाहिए. मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए.
नदी या सरोवर में जहां मां भगवती को विसर्जन करना है, वहां पर पहुंच कर विसर्जन करने से पहले मां भगवती की आरती करनी चाहिए.
5 या 9 लोगों को भगवती का जयघोष करते हुए विसर्जन में शामिल होना चाहिए.
मां जगत जननी को चढ़ाई गई सभी सामग्रियों को भी विसर्जित करना चाहिए.
ऐसा करने से मां जगत जननी प्रसन्न होती हैं और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.
नोट: यहां दी गई जानकारी मान्यताओं और ज्यातिषाचार्य पंडित कल्कि राम द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है. NEWS18 LOCAL इसकी पुष्टि नहीं करता है.

Tags: Ayodhya News, UP news

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