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मस्जिद के लिए दी गई जमीन से असंतुष्ट बाबरी एक्शन कमेटी, जफरयाब जिलानी बोले...
Ayodhya News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: February 7, 2020, 1:53 PM IST
मस्जिद के लिए दी गई जमीन से असंतुष्ट बाबरी एक्शन कमेटी, जफरयाब जिलानी बोले...
मस्जिद के लिए दी गई जमीन से असंतुष्ट बाबरी एक्शन कमेटी (file photo)

मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि मुस्लिमों से अपील करेंगे कि कोई इस तरीके की मांग ना करें जिससे की सौहार्द बिगड़े. हमें मलबे से कोई लेना-देना नहीं है.

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अयोध्या. अयोध्या (Ayodhya) में बाबरी मस्जिद और राम जन्म भूमि के विवाद के समापन के बाद अब राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का भी गठन हो चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम समाज को 5 एकड़ जमीन देने की जो बात कही थी उस पर भी मुहर लग गई है. वह भी मुस्लिमों को रौनाही थाना क्षेत्र में दिया जाएगा. लेकिन इस पूरे मामले में अब तक एक नया मोड़ आ गया है, अब बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जिलानी ने कहा है कि उनको बाबरी मस्जिद का मलबा चाहिए. जिलानी अब बाबरी मस्जिद के मलबे के लिए वह कोर्ट किस शरण में भी जाने की बात कह रहे हैं. साथ ही जो मुस्लिम समाज को जमीन दी गई है उस पर भी असंतोष जाहिर कर रहे हैं.

मुस्लिम पक्षकार बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने बाबरी मस्जिद के मलबे को लेकर मना कर दिया है. उनका साफ कहना है कि अब हम ऐसा कोई काम नहीं करेंगे जिससे कि हिंदू और मुस्लिम के बीच का सौभाग्य कड़े कोर्ट फैसला कर दिया है. हमें जमीन मिली चाहिए और जमीन अयोध्या में मिले मस्जिद के मलबे से हमें कोई लेना-देना नहीं. अंसारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने फैसला कर दिया है राम मंदिर बने हमको कोई एतराज नहीं है. हम मलबे की बात भी नहीं करते हैं. हम यह चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में जो मस्जिद के लिए जमीन दी है वह हमें मिलनी चाहिए.

हमारे घर के पास मस्जिद, मकबरा और कब्रिस्तान है हमारे घर के सामने जमीन है. उस पर हम ने सुझाव दिया था कि वहीं जमीन हमें दिया जाए. इस पर हम धर्मशाला विद्यालय और महिला चिकित्सालय का निर्माण कराएंगे. इसे हिंदू और मुस्लिम दोनों को यहां पर सुविधा होगी राम जन्म भूम बनने से किसी भी मुस्लिम को कोई एतराज नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है उसका पूरे देश ने सम्मान किया है तब हमारा भी सम्मान होना चाहिए अयोध्या धर्म की नगरी है.

यहां पर सभी धर्म के देवी देवता विराजमान हैं कोई बाबरी प्रकार इकबाल अंसारी ने कहा कि हम रौनाही की जमीन की बात ही नहीं करते हो ना हम वहां जाएंगे सुप्रीम कोर्ट ने फैसला कर दिया है. राम जन्म भूमि का काम शुरू हो हमें मलबे से कोई सरोकार नहीं सरकार के द्वारा कही गई जमीन हमें अयोध्या में मिले जिससे कि हिंदू और मुस्लिम का सौहार्द बना रहे.

मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि मुस्लिमों से अपील करेंगे कि कोई इस तरीके की मांग ना करें जिससे की सौहार्द बिगड़े. हमें मलबे से कोई लेना-देना नहीं है. वहीं राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी कमल नयन दास ने कहा कि यह उनका अपना विषय है. मस्जिद की जमीन जहां पर दे दी गई है. वह दे दी गई है लेना ले लेना उनका निर्णय है. कमल नयन दास ने जफरयाब जिलानी को राष्ट्र का शत्रु कहा और कहा कि देश इनके कहने पर नहीं चलेगा. यह हिंदू और मुस्लिम को लड़ाने का काम करते हैं.

उन्होंने ने कहा कि देश का तभी विभाजन हुआ है, जब जनसंख्या की विषमता हुई है प्रधानमंत्री राष्ट्रीय खेल अखंडता के लिए लगे हैं और वह समय भी दूर नहीं है जब मोदी जी सामान संगीता के लिए तैयार हो जाए और बिना सामान संगीता के राष्ट्र के अखंडता की रक्षा नहीं की जा सकती. साथ ही जफरयाब जिलानी के बाबरी मस्जिद के मलबे की मांग पर कहा कि वहां पर मस्जिद कभी थी ही नहीं वहां पर राम मंदिर था जितना भी मलबा था वह सब राम भक्त उठा ले गए हैं, वहां पर कुछ भी नहीं है.

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First published: February 7, 2020, 1:53 PM IST
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