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AIMPLB बैठक पर बोले पक्षकार इकबाल अंसारी- कोर्ट ने जो फैसला कर दिया, उसे मान लो

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 17, 2019, 11:13 AM IST
AIMPLB बैठक पर बोले पक्षकार इकबाल अंसारी- कोर्ट ने जो फैसला कर दिया, उसे मान लो
अयोध्या फैसले पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक पर इकबाल अंसारी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

अयोध्या केस (Ayodhya Case) मे पक्षकार इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने कहा कि हिंदुस्तान का अहम फैसला था, हम अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाएंगे. हम चाहते हैं कि इस मसले को यहीं पर खत्म कर दिया जाए. जितना मेरा मकसद था, उतना मैंने किया. घर अल्लाह का है और अल्लाह मालिक है.

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अयोध्या. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court Of India) के अयोध्या फैसले (Ayodhya Verdict) को लेकर लखनऊ (Lucknow) में आयोजित ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की बैठक पर बाबरी पक्षकार इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने कहा है कि इस मसले को यहीं पर खत्म कर दिया जाए. उन्होंने कहा कि फैसला आ गया, फैसले को हमने मान भी लिया, हम आगे अब नहीं जाना चाहते. हम हिंदुस्तान के मुसलमान हैं और हिंदुस्तान का संविधान भी मानते हैं.

इकबाल अंसारी ने कहा कि हिंदुस्तान का अहम फैसला था, हम अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाएंगे. हम चाहते हैं कि इस मसले को यहीं पर खत्म कर दिया जाए. जितना मेरा मकसद था, उतना मैंने किया. घर अल्लाह का है और अल्लाह मालिक है. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने जो फैसला कर दिया, उसे मान लो. अयोध्या समेत पूरे देश में शांति का माहौल बना रहे, देश तरक्की करें. हम पक्षकार थे और हम अब रिव्यू दाखिल करने आगे नहीं जाएंगे. उन्होंने कहा कि पक्षकार ज्यादा हैं, कोई क्या कर रहा है, नहीं मालूम लेकिन हम अब रिव्यू दाखिल नहीं करेंगे.

अधिकतर पक्षकारों की राय- फैसले के खिलाफ अपील 
बता दें ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) की इस बैठक में अयोध्‍या मामले (Ayodhya Case) पर हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) के फैसले पर रुख को लेकर निर्णय होना है. बता दें एक दिन पहले ही मामले से जुड़े मुस्लिम पक्षकारों ने बोर्ड को अपनी राय दी कि वे फैसले के खिलाफ अपील की मंशा रखते हैं. उन्होंने यह भी राय दी है कि मुसलमानों को बाबरी मस्जिद (Babari Masjid) के बदले कोई जमीन भी नहीं लेनी चाहिए. इन पक्षकारों ने पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी से नदवा में मुलाकात के दौरान यह ख्‍वाहिश जाहिर की. खास बात यह है कि मामले से जुड़े एक अहम पक्षकार इकबाल अंसारी ने इस बैठक से किनारा कर लिया है. इकबाल बैठक में शामिल नहीं हुए, उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वह फैसले से खुश हैं.

इन्‍होंने अपील की जताई मंशा
बोर्ड के सचिव जफरयाब जिलानी ने बताया कि मौलाना रहमानी ने रविवार को नदवा में ही होने वाली बोर्ड की वर्किंग कमेटी की महत्‍वपूर्ण बैठक से पहले रामजन्‍मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले से जुड़े विभिन्‍न मुस्लिम पक्षकारों को राय जानने के लिए बुलाया था. उन्‍होंने बताया कि मामले के मुद्दई मुहम्‍मद उमर और मौलाना महफूजुर्रहमान के साथ-साथ अन्‍य पक्षकारों हाजी महबूब, हाजी असद और हसबुल्‍ला उर्फ बादशाह ने मौलाना रहमानी से मुलाकात के दौरान कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय समझ से परे है. लिहाजा, इसके खिलाफ अपील की जानी चाहिए. इसके अलावा एक अन्‍य पक्षकार मिसबाहुद्दीन ने भी फोन पर बात करके यही राय जाहिर की. जिलानी ने बताया कि इन पक्षकारों ने यह भी कहा कि मुसलमानों को बाबरी मस्जिद के बदले कोई जमीन नहीं लेनी चाहिए.

इनपुट: निमिष गोस्वामी
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First published: November 17, 2019, 11:13 AM IST
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