अयोध्या में मस्जिद निर्माण में मदद करने पर मिलेगी इनकम टैक्स में छूट, सरकार ने लिया फैसला

ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने कहा कि उन्हें शुक्रवार को इसे मंजूरी देने वाला प्रमाण पत्र मिला है. (फाइल फोटो)

ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने कहा कि उन्हें शुक्रवार को इसे मंजूरी देने वाला प्रमाण पत्र मिला है. (फाइल फोटो)

इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन फाउंडेशन के अध्यक्ष जफर फारूकी ने कहा कि उन्होंने पिछले साल एक सितंबर को आयकर अधिनियम की धारा 80 जी के तहत कर छूट के लिए आवेदन किया था जो 21 जनवरी को खारिज कर दिया गया था.

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अयोध्या. सरकार ने मस्जिद के निर्माण में योगदान देने वालों को कर में छूट (Tax Exemption) दी है. परियोजना की देखरेख करने वाले ट्रस्ट के एक सदस्य ने यह जानकारी दी. उच्चतम न्यायालय ने बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद मामले में मस्जिद के निर्माण के लिए पांच एकड़ जमीन आवंटित की थी. परियोजना की देखरेख करने वाले ट्रस्ट, इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (IICF) के सबसे पहले इसके लिए आवेदन करने के 9 महीने बाद यह निर्णय लिया गया.

फाउंडेशन के अध्यक्ष जफर फारूकी ने कहा कि उन्होंने पिछले साल एक सितंबर को आयकर अधिनियम की धारा 80 जी के तहत कर छूट के लिए आवेदन किया था और आवेदन 21 जनवरी को खारिज कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि उन्होंने तीन फरवरी को फिर से आवेदन किया और 10 मार्च तक सवालों के जवाब दिए. पिछले साल अयोध्या में राम मंदिर के लिए भी इसी तरह की छूट दी गई थी.

शुभचिंतकों ने स्वेच्छा से दान दिया है

ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने कहा कि उन्हें शुक्रवार को इसे मंजूरी देने वाला प्रमाण पत्र मिला है. हुसैन ने कहा, ‘‘अब तक 20 लाख रुपये मिल चुके हैं. हमने दान के लिए कोई अभियान शुरू नहीं किया है. सभी शुभचिंतकों ने स्वेच्छा से दान दिया है.’’
लाउडस्पीकर बजाने को लेकर याचिका

इससे पहले विभिन्न धार्मिक स्थलों में लाउडस्पीकर पर रोक लगाने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में गुरुवार को एक जनहित याचिका दाखिल की गई. इसमें मांग की गई है कि कोरोना काल में लॉकडाउन की वजह से शैक्षणिक संस्थान बंद हैं. बच्चे ऑनलाइन क्लास कर रहे हैं. वकील भी घर से काम कर रहे हैं. ऐसे में धार्मिक स्थलों के आसपास लाउडस्पीकर बजने से लोगों के काम में खलल पड़ रहा है. साथ ही यह मानसिक तनाव का भी कारण बनता है. याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की है कि बिना अनुमति मानक के विपरीत लाउडस्पीकर बजाने को प्रतिबंधित करने के कानून का पालन कराया जाए.

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