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रामदास अठावले का बड़ा बयान, बोले- अयोध्‍या में बनना चाहिए बौद्ध मंदिर
Ayodhya News in Hindi

KB Shukla | News18 Uttar Pradesh
Updated: February 18, 2020, 6:46 PM IST
रामदास अठावले का बड़ा बयान, बोले- अयोध्‍या में बनना चाहिए बौद्ध मंदिर
यूपी में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया को जमाने की कोशिश में हैं रामदास अठावले.

मोदी सरकार के सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले (Ramdas Athawale) ने मंदिर-मस्जिद विवाद हल होने के बाद अयोध्या में बौद्ध मंदिर के निर्माण की मांग उठाई है. उनका कहना है कि राम नगरी गौतम बुद्ध की विचारधारा का केंद्र रही है, इस लिए हमें भी जमीन मिलनी चाहिए.

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अयोध्या. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के मंत्रिमंडल में सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले (Ramdas Athawale) ने मंदिर-मस्जिद विवाद हल होने के बाद नया शिगूफा छोड़ा है. केंद्रीय राज्य मंत्री का कहना है कि अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) के साथ-साथ बौद्ध मंदिर का निर्माण होना चाहिए, क्योंकि राम नगरी गौतम बुद्ध की विचारधारा का भी केंद्र रही है.

सीएम योगी से करेंगे मुलाकात
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे और अयोध्या में बौद्ध मंदिर निर्माण के लिए जमीन की मांग करेंगे. उनका कहना है कि सरकार की ओर से जमीन न दी गई तो बौद्धिष्ट लोग जमीन की व्यवस्था करेंगे. आपको बता दें कि राम नगरी अयोध्या को सर्व धर्म समभाव की नगरी माना जाता है. जैन धर्म के आदि प्रवर्तक समेत कई प्रवर्तकों ने इस पावन भूमि पर जन्म लिया. राम नगरी में जहां एक और हिंदू धर्म के विभिन्न पन्थों और संप्रदायों से जुड़े सिद्ध पीठ स्थान हैं, तो वहीं तमाम नामचीन सूफी संतों और मुस्लिम धर्म प्रवर्तकों की दरगाह हैं. इसी धरती पर सरयू किनारे सिख धर्म का ऐतिहासिक ब्रह्म कुंड गुरुद्वारा है, जहां गुरु नानक देव ने समय बिताया था.बौद्ध काल में भी इस नगरी की अच्छी खासी प्रतिष्ठा रही है और बौद्ध धर्म के तमाम अनुयायियों ने इस नगरी में रहकर लोगों को संदेश दिया है.

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया को जमाने की कोशिश



काफी समय तक चले राम जन्मभूमि विवाद में समय-समय पर बौद्ध समर्थकों की ओर से तरह-तरह के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल घटक दल के किसी मंत्री ने पहली बार राम नगरी में राम मंदिर के इतर बौद्ध मंदिर के निर्माण की मांग उठाकर मास्टर स्ट्रोक खेला है. केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने अयोध्या में मंदिर-मस्जिद के साथ बौद्ध मंदिर के निर्माण की बात उठाकर सियासी संदेश देने की कोशिश की है. माना जा रहा है कि यह कोशिश देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों समेत अन्य पिछड़े वर्ग को साधने की है. वर्तमान में यह वर्ग बहुजन समाज पार्टी का समर्थक माना जाता है और अठावले की पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया भी इसी वर्ग का प्रतिनिधित्व करती है.



मूल रूप से महाराष्ट्र प्रांत में अपना सार्थक जनाधार रखने वाली रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया उत्तर प्रदेश में पैर पसारने की कोशिश में जुटी है. इसी कोशिश के तहत केंद्रीय मंत्री ने जनपद का दौरा किया और पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के लोगों को अपनी पार्टी में शामिल कराया है. साथ ही उन्‍होंने दावा किया है कि रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया भविष्य में उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी का विकल्प बनेगी. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी में दलित राजपूत बैकवर्ड व अन्य समाज के लोग भी जुड़ रहे हैं.

सीएए पर कही ये बात
नागरिक संशोधन कानून के बारे में रामदास अठावले ने कहा कि यह कानून किसी मुसलमान की नागरिकता नहीं छिनता. यह कानून सिर्फ उन अल्पसंख्यकों के लिए है जो अफगानिस्तान, बांग्लादेश व पाकिस्तान में निवास करते हैं या फिर भारत आ चुके हैं. सरकार उन लोगों को नागरिकता देने का काम कर रही है. यह वह लोग हैं जिनके साथ अन्याय हुआ है. मुस्लिम समाज से अपील करते हुए अठावले ने कहा कि उन्हें इस कानून से तकलीफ नहीं होगी और अगर तकलीफ हुई तो यह रामदास अठावाले मुस्लिम समाज के साथ खड़ा होगा. साथ ही उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुसलमानों को लेकर सपोर्ट की भूमिका में हैं.

 

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First published: February 18, 2020, 6:42 PM IST
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