अयोध्या: राम जन्मभूमि कार्यशाला में चल रहा पत्थरों की सफाई का काम, सोशल डिस्टेंसिंग पर दिया जा रहा ध्यान
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अयोध्या: राम जन्मभूमि कार्यशाला में चल रहा पत्थरों की सफाई का काम, सोशल डिस्टेंसिंग पर दिया जा रहा ध्यान
राम जन्मभूमि कार्यशाला में चल रहा पत्थरों की सफाई का काम (फाइल फोटो)

साल 2002 से राम जन्म भूमि की कार्यशाला में काम करने वाले कारीगर श्यामू ने बताया कि यह विशेष तरीके के पत्थर (Stone) से इन पत्थरों की सफाई की जा रही है. यह एनरिक पत्थर है जो पत्थरों की सफाई का काम में ही आता है.

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अयोध्या. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में लॉकडाउन (Lockdown) के बाद भी राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण का कार्य धीरे-धीरे प्रगति पर है. राम जन्मभूमि परिसर में लोहे के बैरिकेट्ड हटाए जा रहे हैं, सफाई हो रही है. तो वहीं अब राम मंदिर में लगाए जाने वाले पत्थरों की भी सफाई का काम तेजी के साथ किया जा रहा है. विश्व हिंदू परिषद की कार्यशाला में इस समय राम मंदिर निर्माण के निमित्त तराशे गए पत्थरों में न्यू के पत्थरों की सफाई की जा रही है. इस काम में तीन कुशल कारीगर इस समय लगे हुए हैं और लॉकडाउन खत्म करने के बाद कारीगरों की संख्या बढ़ा दी जाएगी. लेकिन यह तीन कारीगर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए पत्थरों पर लगी काई और गंदगी को साफ करने का काम कर रहे हैं.

आपको बता दें कि अयोध्या विवाद पर फैसला आने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट का गठन हुआ है और वह ट्रस्ट तेजी के साथ राम मंदिर निर्माण के लिए काम कर रहा है. रामलला को अस्थाई मंदिर में शिफ्ट किया जा चुका है. दरअसल, श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण होना है. उसके लिए धीरे-धीरे कार्य किया जा रहा है. देश इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है. ऐसे में राम मंदिर निर्माण का कार्य तो प्रभावित हुआ है लेकिन रुका नहीं है. राम मंदिर परिसर में धीरे-धीरे साफ सफाई और लोहे के बैरिकेट्स हटाने का काम तथा जमीन के समतलीकरण का काम हो रहा है. तो वहीं राम मंदिर की कार्यशाला में राम मंदिर निर्माण के लिए तराश कर रखे गए पत्थरों की सफाई का काम भी शुरू हो गया है. सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए मात्र 3 मजदूर ही लगा कर के पत्थर की सफाई की जा रही है.

विशेष तरीके के पत्थर से की जा रही सफाई
साल 2002 से राम जन्म भूमि की कार्यशाला में काम करने वाले कारीगर श्यामू ने बताया कि यह विशेष तरीके के पत्थर से इन पत्थरों की सफाई की जा रही है. यह एनरिक पत्थर है जो पत्थरों की सफाई का काम में ही आता है. यह विशेष तरीके का पत्थर होता है जो ब्लेंडर की मशीनों पर लगाकर कर के सफाई के काम में लिया जाता है. सफाई करने वाले कारीगर की मानें तो यह पत्थर मंदिर निर्माण के न्यू में लगाया जाएगा. लॉकडाउन के बाद कारीगरों की संख्या में इजाफा किया जाएगा. 8 घंटे नित्य यह कारीगर पत्थरों की सफाई का काम कर रहे हैं.
तीन कारीगर कर रहे काम


रामजन्म कार्यशाला के देखभाल करने वाली हनुमान की अनुसार लॉकडाउन में तीन आदमी बाहर के थे जो लॉकडाउन में अपने घर नहीं जा पाए, वे तीन कारीगर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए दूर-दूर पत्थरों की सफाई का कार्य कर रहे हैं. लॉकडाउन खत्म होने के बाद कारीगरों की संख्या और बढ़ाई जाएगी और तेजी के साथ न्यू के पत्थरों की सफाई की जाएगी. अभी फिलहाल न्यू के पत्थरों की सफाई की जा रही है.

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