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अयोध्या सीरियल ब्लास्ट मामले में फैसले का दिन, चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा

मंडल कारागार के विशेष कक्ष में कचहरी सीरियल ब्लास्ट मामले में चली सुनवाई, बाहर कड़ी सुरक्षा
मंडल कारागार के विशेष कक्ष में कचहरी सीरियल ब्लास्ट मामले में चली सुनवाई, बाहर कड़ी सुरक्षा

सीरियल ब्लास्ट मामले में सुनवाई के लिए विशेष अदालत (Special Court) का गठन किया गया है. यह विशेष अदालत कई वर्षों से मंडल कारागार स्थित विशेष कक्ष में पूरे प्रकरण की सुनवाई कर रही है

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अयोध्या. 12 साल पहले फैज़ाबाद कचहरी (Faizabad Court Blast) में हुए सीरियल बम धमाके (Serial Blast) के मामले में विशेष अदालत (Special Court) शुक्रवार को अपना फैसला (Judgement) सुनाएगी. इस मामले में अदालती सुनवाई के लिए विशेष अदालत (Special Court) का गठन किया गया है. यह विशेष अदालत कई वर्षों से मंडल कारागार स्थित विशेष कक्ष में पूरे प्रकरण की सुनवाई कर रही है. कचहरी सीरियल धमाका मामले की सुनवाई कर रहे अपर जनपद न्यायाधीश की अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसले के लिए शुक्रवार की तारीख निर्धारित की है. साथ ही आरोपियों को मंडल कारागार स्थित विशेष अदालत में तलब किया है.

कचहरी सीरियल धमाके के फैसले के मद्देनजर जिला वकील संघ के अध्यक्ष विजय बहादुर सिंह की ओर से जिला अधिकारी को पत्र लिखकर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की मांग की गई थी. हालात के मद्देनजर जिला पुलिस की ओर से अदालत की सुरक्षा व्यवस्था पर रखने के लिए गुरुवार को दूसरी बार माक ड्रिल कराया गया था.

बता दें कि वर्ष 2007 में 23 नवंबर को वाराणसी और लखनऊ कचहरी के साथ जनपद कचहरी में सीरियल बम धमाके हुए थे. इस ब्लास्ट में एक वरिष्ठ वकील समेत चार लोगों की मौत हो गई थी जबकि दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे.



फैसले से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई
आज ही जुमे की नमाज है, नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) और पूरे देश में एनआरसी (NRC) लागू किए जाने की आशंका समेत अन्य मुद्दों को लेकर विपक्षी दल आंदोलित हैं. जुमे की नमाज के बाद अल्पसंख्यक समुदाय की ओर से विरोध-प्रदर्शन की आशंका है. इसको लेकर जिला प्रशासन सतर्क है. फैसले को लेकर मंडल कारागार से जिला कचहरी तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. वहीं जुमे की नमाज को सकुशल और शांतिपूर्वक संपन्न कराने और किसी तरह के विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है.

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CAA और NRC मुद्दे को लेकर गुरुवार को लखनऊ और संभल में हिंसा भड़क उठी थी (फोटो: पीटीआई)


जिला प्रशासन की ओर से त्रिस्तरीय (तीन चरण) सुरक्षा व्यवस्था लागू कर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है. साथ ही पुलिस बल से समन्वय के लिए मजिस्ट्रेटों के साथ पुलिस अधिकारियों को लगाया गया है. पैरामिलिट्री फोर्स (Paramilitary force) और एटीएस कमांडो (ATS Commando) को भी तैनात किया गया है. संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की फौज भी मैदान में उतार दी गई है. जिला पुलिस ने लोगों में शांति और सुरक्षा का भरोसा बनाए रखने के लिए विहार तक रूट मार्च कराया है.

गुरुवार को लखनऊ और संभल में भड़क उठी थी हिंसा

नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ विपक्षी दलों की ओर से बुलाए गए भारत बंद (Bharat Band) को लेकर लखनऊ (Lucknow) में गुरुवार को जमकर बवाल हुआ था. जगह-जगह आगजनी, तोड़फोड़ और हिंसा की गई थी. अराजकता का आलम यह था कि प्रदेश से लेकर केंद्र तक गिरती कानून-व्यवस्था चिंता का विषय बनी थी. ताजा हालात के मद्देनजर जिला प्रशासन किसी तरह का कोई रिस्क लेने को तैयार नहीं है. इसको लेकर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. इसके अलावा हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर सक्रिय नजर रखी जा रही है.

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