बोले केशव प्रसाद मौर्य- जब तक राम मंदिर बन नहीं जाता तब तक चर्चा नहीं रुकेगी

अयोध्या की मणिरामदास छावनी में आयोजित संत सम्मेलन में देश भर के संत-धर्माचार्य जुटे हुए हैं. शनिवार को शुरू हुए इस सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ने कहा कि मैं राम भक्त के साथ-साथ कारसेवक भी हूं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 15, 2019, 7:29 PM IST
बोले केशव प्रसाद मौर्य- जब तक राम मंदिर बन नहीं जाता तब तक चर्चा नहीं रुकेगी
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने कहा कि मैं राम भक्त और कारसेवक दोनों हूं (फाइल फोटो)
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Updated: June 15, 2019, 7:29 PM IST
अयोध्या की मणिरामदास छावनी में आयोजित संत सम्मेलन में देश भर के संत-धर्माचार्य जुटे हुए हैं. शनिवार को शुरू हुए इस सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ने कहा कि मैं राम भक्त के साथ-साथ कारसेवक भी हूं. इसके साथ ही मौर्य ने कहा कि संतों के आशीर्वाद से ही दूसरी बार केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनी है.

राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि श्री राम लला की जन्मभूमि पर बनने वाले मंदिर पर कलश स्थापित नहीं हो जाता तब तक चर्चा नहीं रुकेगी. हमारे पास दो विकल्प हैं, पहला सुप्रीम कोर्ट का निर्णय और दूसरा बातचीत का. जब इन दोनों से समाधान नहीं निकलेगा तो कानून बनाकर मामले का हल किया जा सकता है. फिलहाल इस मामले को बातचीत के जरिए भी सुलझाने का काम चल रहा है और साथ ही साथ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी जारी है. कोर्ट ने एक मध्यस्थता समिति भी बनाई है.



सम्मेलन रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित
बताते चले कि यह संत सम्मेलन रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है. लेकिन संतों का जमावड़ा राम मंदिर निर्माण को लेकर सरगर्मी बढ़ा रहा है. हाल ही में अयोध्या में वीएचपी और संघ पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक मेंसंत-धर्माचार्यों ने राममंदिर निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर करते हुए अविलंब राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने की हुंकार भरी थी. जिसके बाद से ये माना जा रहा है कि संत सम्मेलन का मुख्य मुद्दा राममंदिर निर्माण ही है.

एक तरफ संतों का सम्मेलन चल रहा है वहीं दूसरी तरफ शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपनी पार्टी के सभी 18 नवनिर्वाचित सांसदों के साथ 16 जून को अयोध्या पहुंच रहे हैं. यहां वे रामलला के दर्शन करेंगे. इसके साथ ही शिवसेना केंद्र सरकार पर राम मंदिर के लिए कानून लाने का दबाव भी बनाएगी.

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