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Diwali 2022: लंका विजय के बाद सबसे पहले यहां गये थे भगवान राम, जानिए क्या थी वजह?

प्रभु राम के पड़ाव को लेकर रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने जानकारी देते हुए बताया कि जब भगवान राम वन के ...अधिक पढ़ें

सर्वेश श्रीवास्तव

अयोध्या. दिवाली के त्योहार को लेकर कई प्रचलित और पौराणिक कथाएं हैं. उनमें से सबसे प्रमुख कथा भगवान राम के अयोध्या आगमन की है. पौराणिक मान्यता के अनुसार लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण समेत वानर सेना के साथ 14 वर्ष के बाद पुष्पक विमान से अयोध्या लौट आए थे. इसकी खुशी में अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका भव्य स्वागत किया था, लेकिन क्या आपको पता है कि श्री राम लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद सीधे अयोध्या नहीं आए थे. बल्कि उनका पुष्पक विमान रास्ते में कई अन्य जगहों पर भी रुका था.

प्रभु राम के पड़ाव को लेकर रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने जानकारी देते हुए बताया कि जब भगवान राम वन के लिए जा रहे थे, तो जिन ऋषि-मुनियों से मिले थे वापस आते समय उन्हीं ऋषि-मुनियों से लंका विजय करने के बाद मिलते हुए अयोध्या आए थे. श्री राम भारद्वाज, अगस्त ऋषि समेत कई ऋषि-मुनियों से आशीर्वाद लेते हुए आए थे. इतना ही नहीं, वो चित्रकूट अपने सखा निषादराज से भी मिलने के लिए गए थे.

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रामचरितमानस में भी है वर्णन
रामचरितमानस के लंका कांड में प्रभु श्री राम के अयोध्या लौटने का वर्णन करते हुए गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है…

तुरत विमान तहां चली आवा।
दंडक वन जह परम सुहावा ।।
कुंभजादि मुनि नायक नाना।
गए राम सबके अस्थाना।।

अर्थात विमान वहां पहुंचा जहां बहुत ही सुंदर खूबसूरत दंड कवन था. यहीं पर महर्षि अगस्त्य के साथ कई ऋषि मुनि थे. भगवान राम सब के स्थान पर गए और आशीर्वाद लिये. फिर पुष्पक विमान पर सवार होकर वहां से आगे बढ़े. उसके बाद पुष्पक विमान चित्रकूट पहुंचा. इसका भी जिक्र तुलसीदास ने लंका कांड में किया है.

सकल रिषिन्ह सन पाइ असीसा।
चित्रकूट आए जगदीसा।।
तहँ करि मुनिन्ह केर संतोषा।
चला बिमानु तहाँ ते चोखा।।

यहां पर भी ऋषि मुनि भगवान राम का इंतजार कर रहे थे. जब राम चित्रकूट पहुंचे, तो ऋषि-मुनियों ने भगवान का स्वागत किया और आशीर्वाद दिया. तुलसीदास आगे लिखते हैं…

पुनि देखु अवधपुरी अति पावनि।
त्रिबिध ताप भव रोग नसावनि।

इस समय भगवान राम अति प्रसन्न थे और आंखों में आंसू थे, लेकिन बावजूद इसके श्री राम अयोध्या नहीं गए, बल्कि वो प्रयागराज में रुके. जहां उन्होंने संगम में त्रिवेणी स्नान किया. उन्होंने वानरों और ब्राह्मणों को दान दिया. इसके बाद प्रभु श्रीराम ने अयोध्या के लिए प्रस्थान किया.

Tags: Ayodhya News, Ayodhya Ram Temple, Diwali festival, Up news in hindi

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