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राम जन्मभूमि: खुदाई में मिले अवशेष, वेदांती बोले- 'बाबर' नाम का कोई व्यक्ति कभी अयोध्या नहीं आया
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News18 Uttar Pradesh
Updated: May 22, 2020, 7:58 AM IST
राम जन्मभूमि: खुदाई में मिले अवशेष, वेदांती बोले- 'बाबर' नाम का कोई व्यक्ति कभी अयोध्या नहीं आया
कभी कोई 'बाबर' नाम का व्यक्ति अयोध्या नहीं आया (file photo)

पूर्व सांसद और संत राम विलास वेदांती (Ram Vilas Vedanti) ने कहा कि कभी किसी कीमत पर कोई भी बाबर नाम का व्यक्ति नहीं आया. अयोध्या में बाबर के नाम पर में कोई गली ना कोई मोहल्ला ना कोई घाट ना कोई गांव था. फिर बाबर के नाम पर बाबरी मस्जिद कैसे.

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अयोध्या. अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर में चल रहे समतलीकरण के दौरान राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को कई पुरातात्विक मूर्तियां, खंभे और शिवलिंग मिलने के बाद बीजेपी के पूर्व सांसद और संत राम विलास वेदांती (Ram Vilas Vedanti) ने अयोध्या में बड़ा बयान दिया है. संत राम विलास वेदांती ने कहा कि जब वहां पुरातत्व विभाग से संबंधित राम जन्मभूमि के चिन्ह मिले थे- चक्र, संख, गदा, त्रिशूल, स्वास्तिक के चिन्ह, 'ॐ' ,मृत कलश, सारी मंदिर की आकृति के बनावट के पत्थर मिले. उन पत्थरों को बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के लोगों ने यह कहकर नकार दिया कि विश्व हिंदू परिषद वालों ने रख दिया है. अब जब खुदाई प्रारंभ हो गई है और खुदाई में जो अवशेष मिल रहे हैं अब उनको तो विश्व हिंदू परिषद गाड़ नहीं रही है और ना ही विश्व हिंदू परिषद उखाड़ रही है. तो जो स्वाभाविक था वो हुआ राम जन्मभूमि का दिखाई दिया है.

वेदांती ने कहा कि कभी किसी कीमत पर कोई भी बाबर नाम का व्यक्ति नहीं आया. अयोध्या में बाबर के नाम पर में कोई गली ना कोई मोहल्ला ना कोई घाट ना कोई गांव था. फिर बाबर के नाम पर बाबरी मस्जिद कैसे. इसीलिए मैंने हाईकोर्ट की गवाही में कहा था कि वहां पर मस्जिद नाम की कोई चीज नहीं है. वहां रामलला विराजमान है. उन्होंने कहा कि खंडहर कभी भी टूट कर गिर सकता है इसलिए हमने सितंबर 1992 को कारसेवकों को बुलाकर ढांचे को तुड़वाने की जिम्मेदारी हमने अपने ऊपर ली थी. आज दुनिया के सामने सारे मुसलमानों से निवेदन करना चाहूंगा कि इसको देख ले और देख कर के दुनिया के मुसलमानों को बता दें कि इस्लाम का कोई चिन्ह मिला ही नहीं और ना ही मस्जिद का कोई चिन्ह मिला है. वहां तो बस भगवान श्री राम के चिन्ह मिले हैं.

उन्होंने कहा कि मंदिर के चिन्ह मिले हैं, पुरातत्व विभाग ने भी इसको देखा है. हम सब लोगों ने उसको देखा है. साधु-संतों वहीं खुदाई में मिला इसलिए संपूर्ण विश्व के मुसलमानों से मैं निवेदन करना चाहूंगा कि अब इस संबंध में किसी प्रकार का कोई विवाद रही नहीं गया है. माननीय सुप्रीम कोर्ट के जजों ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है.



पूर्व सांसद और संत राम विलास वेदांती ने कहा कि मैं पुरातत्व विभाग से लेकर विश्व हिंदू परिषद, भारत के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने नया ट्रस्ट बनाकर भव्य रामलला के मंदिर के निर्माण की योजना को प्रारंभ कर दिया है. बता दें कि खुदाई के दौरान भारी संख्या में देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियों के अतिरिक्त 7 ब्लैक टच स्टोन के स्तम्भ, 6 रेड सैंडस्टोन के स्तम्भ सहित 4 फीट से बड़ा एक शिवलिंग भी मिला है.



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First published: May 22, 2020, 7:12 AM IST
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