बाबरी विध्वंस केस: पूर्व पक्षकार हाजी महबूब ने CBI कोर्ट से की अपील, कहा- आरोपियों को मिले सजा

पूर्व पक्षकार हाजी महबूब ने CBI कोर्ट से की अपील (file photo)
पूर्व पक्षकार हाजी महबूब ने CBI कोर्ट से की अपील (file photo)

इससे पहले पूर्व सांसद और राम मंदिर आंदोलन के अगुआ रामविलास दास वेदांती (Ram Vilas Vedanti) ने कहा कि यदि कोर्ट इस मामले में उन्हें उम्रकैद या फांसी की सजा भी देती है तो उन्हें मंजूर होगा.

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अयोध्या. बाबरी विध्वंस केस (Babri Demolition Case) में सीबीआई की विशेष अदालत (CBI Special Court) बुधवार (30 सितंबर) को अपना फैसला (Verdict) सुनाएगी. उधर, फैसले से पहले बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार हाजी महबूब ने बाबरी विध्वंस के आरोपियों को सजा देने की कोर्ट से अपील की है. हाजी महबूब का दावा है कि घटना के दिन आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती और विनय कटियार मौजूद थे. इसलिए सभी आरोपियों को सजा मिली चाहिए.

बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे हाजी महबूब ने इकबाल अंसारी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग कहते हैं सजा नहीं मिलनी चाहिए. उनके कहने का अंदाज गलत है और यह कहना गलत है क्योंकि इन लोगों ने ही मस्जिद को शहीद कराया था. लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार, उमा भारती समेत सारे आरोपियों के खिलाफ सबूत है. उन्होंने कहा कि हजारों लाखों लोगों की मौजूदगी में मस्जिद को शहीद किया गया.

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एक धक्का और दो ऐसे नारे लगाए गए. जिससे मस्जिद के निशान मिटाया जा सके. इसलिए कोर्ट से मेरा कहना है की इन सभी को सजा होनी चाहिए यही मेरा मानना है. यही नहीं हाजी महबूब ने अयोध्या मुकदमे पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी असंतोष जताया और कहा कि फैसला तो बाबरी मस्जिद के पक्ष में था. लेकिन अंतिम में उन्होंने कहा कि यह राम जन्मभूमि है और हिंदुओं को दे दिया. मुसलमानों ने कुछ नहीं कहा लेकिन हम यह कभी नहीं कह सकते कि वह फैसला सही था.

फांसी हो या उम्रकैद, यह मेरा सौभाग्य- वेदांती
इससे पहले पूर्व सांसद और राम मंदिर आंदोलन के अगुआ रामविलास दास वेदांती ने कहा कि यदि कोर्ट इस मामले में उन्हें उम्रकैद या फांसी की सजा भी देती है तो उन्हें मंजूर होगा. उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को लखनऊ के सीबीआई कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा गया है. कोर्ट पहुंचकर वह आत्मसमर्पण के लिए तैयार हैं. कोर्ट का जो भी फैसला होगा वह हमें मंजूर होगा.

वेदांती ने कहा कि हमें इसका गर्व है कि उस मंदिर के खंडहर को हमने तुड़वाया है, जिसकी जिम्मेदारी भी मैंने ली है और 30 सितंबर को आने वाले फैसले का स्वागत करेंगे. इस फैसले में यदि हमें उम्रकैद या फांसी की सजा भी होती है तो इससे बड़ा सौभाग्य नहीं होगा. 30 सितंबर को कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया गया है, इसलिए 30 सितंबर को 10 बजे कोर्ट में हाजिर रहूंगा.
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