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प्राचीन मंदिर और भगवा वस्त्र है 'अयोध्या' की पहचान, जानें राम नगरी का इतिहास

प्राचीन मंदिर और भगवा वस्त्र है अयोध्या की पहचान (file photo)

प्राचीन मंदिर और भगवा वस्त्र है अयोध्या की पहचान (file photo)

धर्म नगरी अयोध्या (Ayodhya) में जितने भी साधु वेश में लोग मिलेंगे ज्यादातर वो आपको भगवा पहने मिलेंगे या फिर जरूरत के हिसाब से धोती और कुर्ते में नजर आएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 28, 2020, 11:30 AM IST
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अयोध्या. हिंदुओं की प्रातीन पवित्र तीर्थस्थल अयोध्या (Ayodhya) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक अति प्राचीन धार्मिक नगर है. यह नगर पवित्र सरयू नदी के तट पर बसा हुआ है. रामायण के मुताबिक अयोध्या की स्थापना मनु ने की थी. अयोध्या हिंदुओं के 7 पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है. जिसमें अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, कांची , अवंतिका और द्वारका शामिल है. माना जाता है कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था. अयोध्या में 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राम मंदिर का भूमि पूजन किया गया था.

हनुमान गढ़ी
इसका निर्माण एक किले की आकृति में हुआ है तथा 76 सीढ़ियां चढ़ कर यहां पहुंचा जा सकता है, इस तीर्थ नगर में 10वीं शताब्दी के प्राचीन मंदिर स्थित हैं. इसके हर कोने पर वृत्ताकार मोर्चाबंदी की गई है तथा ऐसा विश्वास किया जाता है कि यह वह स्थान है जहां हनुमान जी एक गुफा में रहे थे तथा नगर की रक्षा की थी.

श्री नागेश्वरनाथ मंदिर
भगवान नागेश्वर नाथ जी अयोध्या के प्रमुख अधिष्ठाता माने जाते हैं. ऐसा विश्वास किया जाता है कि भगवान राम के पुत्र कुश ने भगवान नागेशवरनाथ जी को समर्पित इस सुंदर मंदिर का निर्माण करवाया था. यहां स्थापित शिवलिंग को बहुत प्राचीन काल का माना जाता है.



पवित्र सरयू नदी के तट पर बसा अयोध्या (file photo)
पवित्र सरयू नदी के तट पर बसा अयोध्या (file photo)


राम की पैड़ी

सरयू नदी के किनारे घाटों की एक श्रृंखला स्थापित की गई है जो श्रद्धालुओं को एक ऐसा स्थान प्रदान करती है जो यहाँ अपने पाप धोने हेतु आते हैं. यहां हरे भरे बगीचे भी हैं जो मंदिरों से घिरे हैं.

खान-पान और पहनावा

अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को यहां का खानपान बेहद शातिर नजर आएगा यहां के रहने वाले लोग ज्यादातर पूरी सब्जी और खीर उनका पसंदीदा हार है साथी यहां पर तमाम तरीके के भंडारे भी चलते हैं जो मंदिरों और स्थानीय लोग चलाते हैं धार्मिक मान्यता है कि अयोध्या में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सो सकता.

अगर राम की नगरी के पहनावे की बात करें तो यहां का पहनावा भी भगवा है. धर्म नगरी अयोध्या में जितने भी साधु वेश में लोग मिलेंगे ज्यादातर वो आपको भगवा पहने मिलेंगे या फिर जरूरत के हिसाब से धोती और कुर्ते में इसके अलावा जो फक्कड़ किस्म के नागा साधु हैं, वह अर्धनग्न रखते हैं. अयोध्या में प्रवेश करने पर आपका स्वागत सड़कों के दोनों ओर लगी दूकानों से होगा.

 पीएम मोदी ने किया राम मंदिर का भूमिपूजन (file photo)
पीएम मोदी ने किया राम मंदिर का भूमिपूजन (file photo)


आस-पास के प्रमुख इलाके
अयोध्या रेलवे स्टेशन उत्तर रेलवे की ब्राड गेज लाइन पर मुगल सराय-लखनऊ सेक्शन पर स्थित है. यह स्टेशन इस नगर को प्रयागराज, बहराइच, गोंडा, गोरखपुर, जौनपुर, कानपुर, लखनऊ, नई दिल्ली तथा वाराणसी जैसे नगरों से जोड़ता है.

यह नगर उत्तर प्रदेश के अन्य नगरों से उत्कृष्ट सड़क नेटवर्क तथा उत्तर प्रदेश राज्य
सड़क परिवहन निगम की बसों द्वारा जुड़ा हुआ है. टैक्सियों की सुविधा भी उपलब्ध है. कुछ महत्त्व्पूर्ण नगरों की दूरियां इस प्रकार है. प्रयागराज-166 किमी, गोंडा- 51 किमी, गोरखपुर-135 किमी, लखनऊ-134 किमी, श्रावस्ती-109 किमी, वाराणसी-209 किमी.

बीजेपी की परंपरागत सीट

उत्तर प्रदेश की फैजाबाद लोकसभा सीट 2014 के आम चुनाव में BJP के लल्लू सिंह विजयी हुए थे. फैजाबाद लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाली विधानसभा की पांच सीटें दरियाबाद, रुदौली, मिल्कीपुर, बीकापुर और अयोध्या हैं, जिनमें से मिल्कीपुर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में यहां की सभी विधानसभा सीटों पर BJP विजयी रही थी. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फैजाबाद जिले का नाम अयोध्या कर दिया है.

अयोध्या में नहीं है कोई हवाई अड्डा

इसलिए आगंतुक को 134 किमी दूर स्थित लखनऊ के अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर अथवा 166 किमी दूर स्थित प्रयागराज के बमरौली हवाई अड्डे पहुंचना होगा. यहां एक हवाई पट्टी है. जिसपर वीवीआईपी लोगों के प्लेन उतरते है. अयोध्या की कुल आबादी 24 लाख के करीब है. वहीं पर्यटन उद्योग ही इस शहर के आय का मुख्य स्रोत है.
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