राम मंदिर के नाम पर 70 सालों से चली आ रही सियासत का हुआ अंत: इकबाल अंसारी

राम मंदिर के नाम पर 70 सालों से चली आ रही सियासत का हुआ अंत (file photo)
राम मंदिर के नाम पर 70 सालों से चली आ रही सियासत का हुआ अंत (file photo)

इससे पहले सोमवार को बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) के मुस्लिम पक्षकार रहे इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) को आमंत्रण मिला है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 1:57 PM IST
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अयोध्या. राम मंदिर निर्माण (Ram Mandir) के भूमि पूजन पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं. उधर, बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) के मुस्लिम पक्षकार रहे इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने मंगलवार को न्यूज18 से बातचीत में बड़ा बयान दिया हैं. अंसारी ने कहा कि राम मंदिर बन रहा है अयोध्या के लिए सबसे खुशी की बात है. उन्होंने कहा कि अब तक अयोध्या का विकास नहीं हुआ था अब आगे विकास की उम्मीद जगी है. इकबाल अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या आ रहे हैं, हम उनसे मिलेंगे और उन्हें रामनामी दुपट्टा और रामचरितमानस भेंट करेंगे.

बाबरी मस्जिद मामले में पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने कहा कि मस्जिद के लिए जमीन मिली है. लेकिन सुन्नी वक्फ बोर्ड को मिली है. उसे जो करना होगा करेगा. 70 सालों से लोग सियासत कर रहे थे, हिंदू मुस्लिम के नाम पर लड़ाई करवा रहे थे. मस्जिद मंदिर के नाम पर खाई पैदा कर रहे थे उस अध्याय का समापन हो गया. अंसारी कहते हैं कि अब लोग अयोध्या में विकास देखेंगे, क्योंकि अब तक सिर्फ नेता सियासत कर रहे थे. वह सपा हो या कांग्रेस, बसपा हो या फिर भाजपा हम किसी दल पर आरोप नहीं लगाते.


इकबाल अंसारी ने कहा हम खुश हैं पूरे हिंदुस्तान के मुसलमानों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा, अयोध्या में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे और चर्च भी हैं. हम सब मिलकर अयोध्या का विकास करेंगे.



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इससे पहले सोमवार को बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) के मुस्लिम पक्षकार रहे इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) को आमंत्रण मिला है. राम मंदिर की नींव रखने की रस्म में शामिल होने का निमंत्रण मिलते ही उन्होंने कहा कि मेरा मानना ​​है कि यह भगवान राम की इच्छा थी कि मुझे पहला निमंत्रण मिले, मैं इसे स्वीकार करता हूं. बता दें कि पिता हाशिम अंसारी के बाद मो. इकबाल ने अदालत में मस्जिद की पैरोकारी की थी. साल 2010 में हाईकोर्ट का निर्णय आने के पूर्व मंदिर-मस्जिद रार चरम पर थी, तब हाशिम ने सीना ठोक कर कहा कि वह कोर्ट का हर निर्णय मानेंगे. भले ही फैसला रामलला के हक में आये.
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