मॉब लिंचिंग मामले में बोले इकबाल अंसारी- मुस्लिमों के हथियार रखने से मैं सहमत नहीं

दरअसल, शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद और सुप्रीम कोर्ट के वकील महमूद पराचा जैसे बुद्धजीवी ने एससी/एसटी और अल्पसंख्यकों को हथियार खरीदने की नसीहत दे रहे हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 22, 2019, 4:23 PM IST
मॉब लिंचिंग मामले में बोले इकबाल अंसारी- मुस्लिमों के हथियार रखने से मैं सहमत नहीं
मुस्लिमों के हथियार रखने से मैं सहमत नहीं.
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Updated: July 22, 2019, 4:23 PM IST
मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं पर मुस्लिमों को हथियार खरीदने पर सोमवार को राम जन्मभूमि विवाद में मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि मुस्लिमों के हथियार रखने से मैं सहमत नहीं हूं. उन्होंने कहा कि मॉब लिंचिंग के घटना करने वाले लोगों को चिन्हित किए जाएं. अंसारी आगे कहते हैं कि मैं इसके लिए सरकार से कठोर कार्रवाई की मांग करता हूं. मुस्लिम पक्षकार ने कहा कि हिंदुस्तान के मुस्लिम और हिंदुओं में भाईचारा बना हुआ है. उन्होंने कहा कि हम लोग जय श्रीराम का सम्मान करते हैं, और जय श्रीराम बोलने पर कोई रोक नहीं है.

क्या है मामला?

दरअसल, शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद और सुप्रीम कोर्ट के वकील महमूद पराचा जैसे बुद्धजीवी ने एससी/एसटी और अल्पसंख्यकों को हथियार खरीदने की नसीहत दे रहे हैं. इसके लिए बाकायदा लखनऊ में 26 जुलाई को एक कैंप भी लगाया जाएगा, जिसमें अल्पसंख्यक समुदाय को हथियार खरीदने के तरीके के बारे में जानकारी दी जाएगी.

मॉब लिंचिंग करने वालों का कोई ईमान धर्म नहीं होता है. मौके का फायदा उठाकर कुछ लोग भीड़ को मरने और मारने के लिए उकसा देते हैं. इनके खिलाफ कानून भी है और कानून अपना काम भी करता है, लेकिन सवाल ये है कि इस भीड़ के खिलाफ अगर हथियार उठाने की वकालत की जाएगी तो क्या हम हिंसक समाज की ओर कदम नहीं बढ़ा रहे हैं? ये अपने आपमें बड़ा सवाल है.

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First published: July 22, 2019, 4:10 PM IST
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