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जामिया के प्रोफेसर एमएस अख्तर डिजाइन करेंगे अयोध्या की मस्जिद, जानें क्या होगा खास

जामिया के प्रोफेसर एमएस अख्तर डिजाइन करेंगे अयोध्या की मस्जिद, जानें क्या होगा खास

प्रोफेसर सैयद मोहम्मद अख्तर.

प्रोफेसर सैयद मोहम्मद अख्तर.

जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) यूनिवर्सिटी में आर्किटेक्चर विभाग के पुरोधा रह चुके डॉ. अख्तर अयोध्या ज़िले के धन्नीपुर गांव में बनने वाली मस्जिद और उसके परिसर के लिए डिज़ाइन तैयार करने का बीड़ा उठाएंगे.

    अयोध्या. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बनने वाली मस्जिद (Ayodhya Mosque) का डिजाइन तैयार करने के लिए जामिया मिलिया इस्लामिया  (Jamia Millia Islamia)  के फाउंडर डीन और आर्किटेक्चर एंड इकोलॉजी के फैकल्टी प्रो. एसएम अख्तर को चुना गया है. उनका कहना है कि नई मस्जिद का डिज़ाइन आधुनिक समय की चुनौतियों को पूरा करेगा और मानवता के लिए निस्वार्थ सेवा भाव के बनाए रखेगा.  प्रो. एसएम अख्तर (Pro. SM Akhtar) का कहना है कि नई मस्जिद बाबरी मस्जिद से बड़ा होगा लेकिन वैसा नहीं दिखेगा जो राम जन्मभूमि परिसर में खड़ा तथा. हालांकि सुन्नी वक्फ बोर्ड को अयोध्या के दिए गए 5 एकड़ की जमीन के मध्य में अस्पताल जरूर होगा. ये अस्पताल जरूरतमंदों की मदद के लिए होगा जो इस्लाम के प्रोफेट ने कई सालों पहले सिखाया  है. प्रो. अख्तर ने बताया कि मस्जिद कॉन्क्रीट का स्ट्रक्चर जैसा नहीं होगा, लेकिन मस्जिद के आर्किटेक्चर, इस्लामिक और कैलिग्राफिक सिम्बल के साथ होगा. यहां 300 बेड का स्पेशल यूनिट  होगा जहां डॉक्टर लोगों की सेवा करेंगे.

    प्रो. एसएम अख्तर का कहना है कि हम नहीं चाहते की हमारे आने वाली जनरेशन पास्ट में रहे. मस्जिद का डिजाइन समकालीन होगा और किसी भी मुस्लिम शासक की लेगेसी को रेप्लिकेट नहीं करेगा. मस्जिद-ए-हरम में मिनार और गुम्बद नहीं होंगे लेकिन ये इस्लाम के ट्रू स्पीरीट को दर्शाएगा. अयोध्या में बनने वाले मस्जिद में आधुनिक समय की चुनौतियों होंगी. वास्तु-कला को रेप्लिकेट नहीं किया जा सकता. मुस्लिम शासकों की विरासतें इस्लामी वास्तुकला को परिभाषित नहीं करती हैं. आज जो बन रहा है वो आने वाले समय के लिए प्रासंगिक होना चाहिए.

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    खास होगा मस्जिद

    प्रो. एसएम अख्तर का कहना है कि मस्जिद के मास्टर प्लान में संग्रह केंद्र, म्यूजियम और मास्टर किचन होगा. संग्रह केंद्र और म्यूजियम में इस्लाम की विरासत दिखाई जाएगी. भारत की सभ्यता और संस्कृति और आजादी की लड़ाई की भी उल्लेख होगा. मस्जिद के मध्य में इस्लाम का सच्चा सार होगा और लोगों की बीच फैली भ्रांतियों को मिटाने की कोशिश होगी. मानवता की सेवा प्राथमिकता होगी. प्रो. एसएम अख्तर का कहना है कि कर्नाटक में बने एक मार्डन मस्जिद को सोलर एनरजी से बनाया गया है और कतर में एक मस्जिद है जिसका आकार नाव जैसा है लेकिन ये इस्लामिक स्टीरियोटाइप जैसा है नहीं. हां, लेकिन इस मस्जिद में झलक और झपक जरूरी होगा जो सूफी सभ्यता को दर्शाएगा.

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    Tags: Ayodhya Land Dispute, Ayodhya Mandir, CM Yogi Aditya Nath, Jamia University

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