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रामजन्मभूमि में समतलीकरण के दौरान मिले मंदिर के अवशेष पर जिलानी ने उठाए सवाल, कहा- सब पुरानी बातें
Ayodhya News in Hindi

Mohd Shabab | News18Hindi
Updated: May 21, 2020, 8:56 PM IST
रामजन्मभूमि में समतलीकरण के दौरान मिले मंदिर के अवशेष पर जिलानी ने उठाए सवाल, कहा- सब पुरानी बातें
राम जन्मभूमि में समतलीकरण के दौरान मिले मंदिर के अवशेष पर जिलानी ने सवाल उठाए (फाइल फोटो)

बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी (Babri Masjid Action Committee) के संयोजक और वरिष्ठ वकील जफरयाब जिलानी ने खुदाई में मंदिर के अवशेष मिलने से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि वहां से नया कुछ नहीं बरामद हो रहा है. ये सारी बातें जो कही जा रही हैं सब पुरानी हैं. इन सब बातों की रिपोर्ट एएसआई ने खुद कोर्ट को सौंपी है

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अयोध्या. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अयोध्या (Ayodhya) में राम जन्मभूमि स्थल पर बीते 11 मई से समतलीकरण का काम चल रहा है. इस दौरान रामलला विराजमान को वहां से हटाकर दूसरे अस्थाई मंदिर में शिफ्ट कर दिया गया है. अब इसके बाद समतलीकरण के साथ ही मंदिर निर्माण (Ram Temple Construction) के कार्य में तेजी लाई जा रही है. समतलीकरण के दौरान वहां जमीन के नीचे से तमाम खंडित मूर्तियां और पिलर बरामद हो रहे हैं. जिस पर वहां के लोगों का कहना है कि ये वही अवशेष हैं जो साबित करते हैं कि मंदिर को तोड़कर वहां पर मस्जिद बनाई गई थी. लोगों ने कहा कि ये मूर्तियां प्राचीन काल की हैं इससे यह साबित होता है कि मस्जिद से पहले वहां मंदिर था.

वहीं, बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी (Babri Masjid Action Committee) के संयोजक और वरिष्ठ वकील जफरयाब जिलानी ने इस बात को मानने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि वहां से नया कुछ नहीं बरामद हो रहा है. ये सारी बातें जो कही जा रही हैं सब पुरानी हैं. इन सब बातों की रिपोर्ट एएसआई ने खुद कोर्ट को सौंपी है.

'सभी पिलर बाबरी मस्जिद के'
उन्होंने कहा कि ये जो पिलर बरामद हो रहे हैं सब बाबरी मस्जिद के हैं. इस बात को एएसआई ने खुद लिख कर कोर्ट में दिया है कि उस पर तमाम तरह की नक्काशी बनी हुई थी जो मुगलकालीन इतिहास को बताती हैं. इसके अलावा वहां से बरामद होने वाली खंडित मूर्तियों पर जिलानी ने कहा कि यहां राम जन्मभूमि के अलावा शंकर चबूतरा भी था जहां पीपल के पेड़ के नीचे स्थापित मूर्तियां रखी गई थीं. जिलानी ने सवाल करते हुए कहा कि मूर्तियों से यह साबित नहीं होता कि यह मस्जिद निर्माण से पहले मंदिर में रखी गई थीं. उन्होंने कहा कि 15वीं सदी में वहां पर मस्जिद का निर्माण हुआ था और ये मूर्तियां तब की हैं.



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11 मई से शुरू हुए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने समतलीकरण कार्य के दौरान खुदाई में जमीन के नीचे से मंदिर के कई अवशेष मिले हैं




बीजेपी कर रही इस मसले पर राजनीति
उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वो इस मसले पर सिर्फ राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा कि हम खुद इस मलबे को मांग रहे थे. हमें मालूम था कि इस पर राजनीति होगी इसीलिए हम चाहते थे कि बाबरी मस्जिद के मलबे को हमें सौंप दिया जाए जिससे उसकी बेअदबी ना हो. लेकिन बीजेपी अब इसी मलबे को राम मंदिर का बताकर राजनीति कर रही है. जिलानी ने कहा कि इस तरह की बातों को करने वालों को उस जगह पर जरूर जाना चाहिए और देखना चाहिए कि वर्ष 2003 के बाद से वहां पर कोई भी खुदाई नहीं हुई है. लिहाजा इन टूटी हुई मूर्तियों को पुराना अवशेष कहा जाना गलत है.

समतलीकरण के दौरान क्या-क्या मिला
बता दें कि राम जन्मभूमि में समतलीकरण के दौरान मंदिर के अवशेष मिले हैं, जिसमें आमलक, कलश, पाषाण के खंभे, प्राचीन कुआं और चौखट शामिल हैं. बीते 11 मई से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने भूमि के समतलीकरण का कार्य शुरू कराया है. इस दौरान जेसीबी से खुदाई की जा रही है, जिसमें मंदिर के प्राचीन अवशेष मिले हैं. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक लॉकडाउन की वजह से राम मंदिर निर्माण में देरी हो रही थी, इस वजह से मंदिर में काम शुरू करवाया गया है. अवशेषों के मिलने की पुष्टि श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने की है.

रामजन्मभूमि में चल रहे समतलीकरण कार्य को लेकर ट्रस्ट ने कार्यों का विवरण दिया. ट्रस्ट ने बताया कि कोरोनावायरस के मद्देनजर लॉकडाउन को लेकर जारी निर्देशों के अनुसार रामजन्मभूमि परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मंदिर निर्माण के संबंधित कार्य किए जा रहे हैं. जिसमें तीन जेसीबी मशीन, एक क्रेन, दो ट्रैक्टर और 10 मजदूर लगाए गए हैं. साथ ही चल रहे समतलीकरण कार्य के दौरान कुछ पुराने अवशेष प्राप्त हुए हैं जिसमें देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां, पुष्प कलश, अम्लक, दोरजाम्ब आदि कलाकृतियां मेहराब के पत्थर, सात ब्लैक टच स्टोन के स्तंभ और छह रेड सैंडस्टोन के स्तंभ और पांच फुट आकार के नक्काशीयुक्त शिवलिंग की आकृति प्राप्त हुई है.

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First published: May 21, 2020, 8:12 PM IST
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