पुजारी हत्याकांड: गहलोत सरकार ने किया न्याय का वादा, हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास का अनशन खत्म

महंत राजू दास ने अपना अनशन खत्म कर दिया है.
महंत राजू दास ने अपना अनशन खत्म कर दिया है.

हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास (Mahant Raju Das) ने चौथे दिन अपना अनशन खत्म कर दिया. राजस्थान के करौली में पुजारी को जलाकर मार देने की घटना से नाराज होकर महंत राजू दास अनशन पर बैठ गए थे. महंत राजू दास का दावा है कि राजस्थान सरकार ने उन्हें न्याय करने का आश्वासन दिया है.

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अयोध्या.  बीते दिनों राजस्थान के करौली गांव में एक पुजारी (Karauli Preist Murder Case) को जलाकर मार देने के मामले में हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास बीते 4 दिनों से अनशन पर बैठे थे. अब महंत राजू दास ((Mahant Raju Das) ने बुधवार को अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया है. उनका दावा है कि राजस्थान सरकार के अधिकारियों ने टेलीफोन पर हुई वार्ता में पीड़ित परिवार की यथासंभव मदद किए जाने का आश्वासन दिया है. इसके बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया है. महंत राजू दास का अनशन 4 दिन चला और चौथे दिन राजू दास ने अपना अनशन समाप्त किया है.

हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि राजस्थान के करौली में पुजारी के ऊपर तेल डालकर आग लगा दी गई थी. इसके बाद उनकी मृत्यु हो गई. राजस्थान सरकार की जो व्यवस्था है उस पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए महंत राजू दास ने कहा कि 24 घंटे तक लाश रखकर परिजन बैठे रहे. उसके बावजूद कोई भी सरकारी कर्मचारी नहीं पहुंचा. इसके विरोध में 4 दिनों से अनशन पर था और आज चौथे दिन राजस्थान सरकार के अधिकारियों से यहां के प्रशासन के द्वारा वार्ता की गई. उसने राजस्थान सरकार के द्वारा विश्वास दिलाया गया कि पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और आरोपियों की गिरफ्तारी और मृतक संत के परिवार के कुछ लोगों को सरकार की तरफ नौकरी में सम्मिलित करने की व्यवस्था का आश्वासन मिला जिसके बाद अनशन की समाप्ति की गई है.

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इधर, करौली के सपोटरा इलाके के बुकना गांव में पुजारी को जलाकर मार डालने की घटना के बाद से प्रदेश में मंदिर माफी की जमीनों को लेकर बवाल मचा हआ है. राजनीति पूरी तरह से गरमायी हुई है. आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने मंदिर माफी की जमीनों के संरक्षण को लेकर पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार की ओर से किये गये प्रावधानों की क्रियान्वित पर जबाव मांगा है.


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पूनिया ने कहा कि वर्ष 2007 में सरकार ने एक परिपत्र जारी किया था. उसमें मन्दिर माफी की जमीनों के संरक्षण एवं पुजारियों के अधिकारों से संबंधित निर्देश दिये गये थे. उन्होंने कहा कि 18 सितम्बर, 2018 में बीजेपी सरकार ने मंदिर माफी की जमीनों से संबंधित प्रकरणों के बारे में मंत्री स्तरीय स्थायी समिति का गठन किया था. इसमें मंदिर माफी की भूमि के समुचित उपयोग को लेकर कई तरह के प्रावधान किये गये थे. जिला कलक्टर और तहसील स्तरीय मंदिर प्रबंध समिति को मंदिर माफी की जमीनों से संबंधित रिपोर्ट राज्य स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत कर उनका उचित रूप से निस्तारण करने का प्रावधान किया गया था.
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