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RIP Mahant Narendra Giri: राम मंदिर निर्माण हो या कोई और मुद्दा, खुलकर अपनी राय रखते थे महंत नरेंद्र गिरी

Mahant Narendra Giri Death: राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते थे महंत नरेंद्र गिरी.

Mahant Narendra Giri Death: राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते थे महंत नरेंद्र गिरी.

RIP Mahant Narendra Giri: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध स्थितियों में हुई मौत. राम मंदिर से लेकर देश के तमाम चर्चित मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते थे महंत नरेंद्र गिरी.

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. देश के जाने-माने संत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की आज संदिग्ध स्थितियों में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि शिष्य के साथ किसी विवाद को लेकर वे पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव में थे. संभवतः इसी तनाव की वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली. हालांकि उनकी मौत खुदकुशी है या हत्या, इस पर अभी पुलिस ने किसी तरह का आधिकारिक बयान नहीं दिया है. राम मंदिर का मुद्दा हो या, तालिबान या फिर जनसंख्या नियंत्रण जैसा मसला, अपनी बेबाक राय रखने वाले महंत नरेंद्र गिरी के निधन से भारत का साधु-संत समाज आज मर्माहत है. खासकर अयोध्या में उनकी मौत के बाद शोक की लहर दौड़ गई है. देशभर के जाने-माने नेताओं ने हिंदू समाज के इस प्रख्यात संत के निधन पर गहरी शोक संवेदना जताई है.

    राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर महंत नरेंद्र गिरी अपने स्पष्ट विचार रखने के लिए जाने जाते थे. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का फैसला हो या देश में तालिबान का समर्थन करने का विरोध, वह ऐसे सभी मुद्दों पर गंभीरता से अपनी बात रखने के लिए जाने जाते थे. केंद्र सरकार ने जब मुस्लिम समाज में प्रचलित तीन तलाक को लेकर ऐतिहासिक कानून बनाया, तो महंत गिरी ने आगे आकर इस फैसले का समर्थन किया और इसे मुस्लिम समाज के हित में बताया. इसी तरह जब अफगानिस्तान में तालिबान समर्थकों ने देश पर कब्जा किया तो भारत में उसके समर्थन में बयान आए, जिसका उन्होंने कड़ा विरोध किया. ऐसे लोगों को उन्होंने देश विरोधी कहा.

    जनसंख्या नियंत्रण के मामले पर भी महंत नरेंद्र गिरी ने कई बार सार्वजनिक तौर पर अपने विचार खुलकर स्पष्ट किए. न सिर्फ राजनीतिक दृष्टि से बल्कि, धार्मिक और सामाजिक मसलों पर भी उनकी राय का व्यापक असर देखा जाता था. उनके विरोधी भी इस स्पष्टवादिता के लिए उनका सम्मान करते थे. आज जब संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई, तो इसी वजह से देशभर के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने शोक संवेदना प्रकट की है. गौरतलब है कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के भीतर अंदरूनी मतभेदों की वजह से उनकी मृत्यु की खबरें आ रही हैं. बताया गया है कि प्रयागराज में महंत नरेंद्र गिरी का कमरा अंदर से बंद मिला. संदेह होने पर जब उसे खोला गया, तो अंदर उनका शव मिला.

    संदिग्‍ध हालात में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की मौत, मौके से मिला सुसाइड नोट

    अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष की मौत के बाद पुलिस ने प्राथमिक जांच के आधार पर उनकी हत्या की बात से इनकार किया है. सूत्रों के हवाले से बताया गया कि नरेंद्र गिरी ने आत्महत्या की है. हालांकि प्रयागराज के जिस वाघंबरी मठ में उनका शव मिला है, पुलिस अभी वहां किसी को जाने नहीं दे रही है. फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है. पुलिस ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि महंत नरेंद्र गिरी की मौत हत्या है या खुदकुशी.

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