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बिहार सरकार की कार्यशैली से नाराज था शख्स, सरयू के तट पर काट लिया अपना दाहिना हाथ

अपनी शिकायत पर कार्रवाई ना होने से दुखी विमल मंडल ने अपना हाथ काटकर शिकायती पत्र को रक्तरंजित कर दिया.

अपनी शिकायत पर कार्रवाई ना होने से दुखी विमल मंडल ने अपना हाथ काटकर शिकायती पत्र को रक्तरंजित कर दिया.

बिहार के अटरिया के रहने विमल मंडल समाजसेवी हैं, जिन्होंने एक महीने पहले प्रधानमंत्री मोदी से बिहार सरकार के क्रियाकलाप ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

बिहार के अटरिया के रहने विमल मंडल समाजसेवी हैं.
वह नीतीश कुमार सरकार की कार्यशैली से नाराज थे.
इसी के चलते उन्होंने सरयू घाट पर अपना दाहिना हाथ काट दिया.

अयोध्या. उत्तर प्रदेश के अयोध्या से एक बेहद ही सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां राम नगरी में सोमवार सुबह बिहार के निवासी विमल मंडल ने नीतीश सरकार की कार्यशैली से नाराज होकर सरयू नदी के घाट पर अपना दाहिना हाथ काट लिया. इस घटना से वहां हड़कंप मच गया. सकते में आई पुलिस ने आनन-फानन में बिहार के अटरिया निवासी विमल मंडल को अस्पताल पहुंचाया. वहां विमल कुमार की गंभीर हालत को देखकर उसे ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया.

बिहार के अटरिया के रहने विमल मंडल समाजसेवी हैं, जिन्होंने एक महीने पहले प्रधानमंत्री मोदी से बिहार सरकार के क्रियाकलाप की शिकायत की थी. अपनी शिकायत पर कार्रवाई ना होने से दुखी मंडल ने अपना दाहिना हाथ सरयू तट पर काट दिया. यह दृश्य इतना ह्दयविदारक था कि वहां मौजूद सारे लोग सकते में आ गए.

इस शख्स ने 1 महीने 5 दिन पहले राज्य सरकार और ब्यूरोक्रेसी के खिलाफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिकायती पत्र भेजा था, जिसमें इसने 1 अक्टूबर तक कार्रवाई की मांग की थी. उसकी शिकायत पर जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया.

आपके शहर से (पटना)

सरयू के तट पर विमल मंडल द्वारा हाथ काटे जाने की घटना से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया. कोई इसे तांत्रिक क्रिया बताने लगा तो कोई विक्षिप्त बताने लगा. हालांकि विमल मंडल ने अपनी इस हरकत के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि सरकार के क्रियाकलाप से वह दुखी था. वह एक ग्राम सभा की जांच को सार्वजनिक करने की मांग कर रहे थे. इसकी शिकायत उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक से की थी. अपने शिकायती पत्र में उन्होंने इस बात का उल्लेख किया था कि प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई नहीं हुई तो अपना हाथ काट कर पत्र को रक्तरंजित कर देंगे. ऐसे में कार्रवाई ना होने से दुखी मंडल ने अपना हाथ काटकर शिकायती पत्र को रक्तरंजित कर दिया.

Tags: Ayodhya Big News, Bihar News, Nitish kumar

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