वाराणसी: वरुणा नदी में अवैध बूचड़खानों का खून गिरने पर भड़के अयोध्या के संत

राम जन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा है कि अगर इस पर रोक लगाकर कार्रवाई नहीं होती तो आंदोलन भी किया जाएगा.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 12, 2019, 12:45 PM IST
वाराणसी: वरुणा नदी में अवैध बूचड़खानों का खून गिरने पर भड़के अयोध्या के संत
वरुणा नदी में खून गिरने पर भड़के अयोध्या के साधु-संत
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Updated: July 12, 2019, 12:45 PM IST
वाराणसी में वरुण नदी के रास्ते गंगा में मिल रहे अवैध बूचड़खानों से निकले खून और अन्य अवशेष पर अयोध्या के साधु-संतों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे सनातन परम्परा पर कुठाराघात बताया. साधु-संतों की मांग है कि मामले की जांच कर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए. राम जन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा है कि अगर इस पर रोक लगाकर कार्रवाई नहीं होती तो आंदोलन भी किया जाएगा.

जगतगुरु राम दिनेशाचार्यने कहा इस धार्मिक सरकार में वरुणा नदी में खून गिरने की जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि यह बहुत दुखद है. जीवन और सभ्यता नदियों से ही रही है. हम उनकी पूजा करते हैं. नदियां हमारी पवित्रता की द्योतक हैं. यह बहुत ही निंदनीय है. यह साजिश है. हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ का यह प्रयोजन दिखाई पड़ता है. इसकी जांच कर दोषियों के प्रति कार्रवाई होनी चाहिए.



महंत परमहंस दास आचार्य पीठ तपस्वी जी की छावनी ने कहा वाराणसी वरुणा और अस्सी नदी के बीच में बसी हुई है. इसीलिए इसे वाराणसी कहते हैं. वरुणा की स्थिति दयनीय है. इस बात का दुख है. माननीय प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है, इसके बाद भी बनारस की स्थिति पर नहीं कोई सुधर नहीं हो रहा है. यह चिंतनीय है. प्रधानमंत्री ने कहा था कि 'न मैं आया हूं न मैं लाया गया हूं, मुझे मां गंगा ने बुलाया है' और उसी मां गंगा का अपमान किया जा रहा है. देश शर्मसार है. विश्व की सांस्कृतिक नगरी वाराणसी की दुर्दशा हो रही है. वरुणा और गंगा दोनों को प्रधानमंत्री संज्ञान लें में और शुद्ध कराएं.

NGT के रिपोर्ट से हुआ खुलासा

वाराणसी में अवैध बूचड़खाने से निकल रहा खून वरुणा नदी से होते हुए गंगा में मिल रहा है. ये सुनकर आपकी आस्था को धक्का लगा होगा, लेकिन ये सच है. एनजीटी की ताजा रिपोर्ट में ये बात सामने आई है. तमाम सारी खामियों का संज्ञान लेते हुए एनजीटी ने नगर निगम वाराणसी पर 27 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है.

वरुणा के पानी में दिखा खून

दरअसल, राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी के ईस्टर्न यूपी रिवर एंड रिजर्वायर मानीटरिंग कमेटी के एक पैनल ने वरुणा और अस्सी नदी के पानी की जनवरी में जांच की थी. पैनल ने रिपोर्ट में लिखा है कि वाराणसी के अर्दली बाजार क्षेत्र के प्रमुख नाले से बूचड़खाने में वध के बाद अनुपचारित घरेलू मल सीधे वरुणा में डाल दिया जाता है. बता दें कि जनवरी में ये टीम आई थी. अर्दली बाजार इलाके से निकलने वाले इस नाले में खून देखा गया था. ये देख टीम में हड़कंप मच गया था. टीम यहां तीन दिन के इंस्पेक्शन के लिए आई थी. टीम उस वक्त हैरान रह गई थी, जब सुबह 7 बजे के आसपास नाले का पानी गहरे लाल रंग का दिखने लगा. थोड़ी ही देर में नाले में आंतें भी दिखने लगीं थी. तब टीम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और वाराणसी नगर पालिका के साथ मिलकर उस जगह पहुंची, जो कुछ ही किलोमीटर दूर था.
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घर के अंदर ही काटे जा रहे छोटे जानवर

टीम को पता लगा कि इलाके में एक सरकारी बूचड़खाना था जिसे बंद किया जा चुका था. उस समय ऐसी आशंका जताई गई थी कि बूचड़खाना बंद होने से छोटे जानवरों को घरों के अंदर ही मारा जा रहा है. इस घटना के वीडियो फुटेज बनाते हुए साइट से सैंपल भी लिए गए थी. टीम ने अब वैज्ञानिकों से राय लेकर ये रिपोर्ट सौंपी है.

(इनपुट: निमिष गोस्वामी)

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