Chhattisgarh Maoist Attack: शहीद जवान राजकुमार यादव का पार्थिव शरीर अयोध्या पहुंचा, बेटे का शव देख बेसुध हुई कैंसर पीड़ित मां

आज शहीद जवान का राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा अंतिम संस्कार.

आज शहीद जवान का राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा अंतिम संस्कार.

Chhattisgarh Naxal Attack: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए राजकुमार यादव (Rajkumar Yadav) का पार्थिव शरीर देर रात अयोध्या पहुंचा. इस दौरान अपने लाल का पार्थिव शरीर देखने के बाद कैंसर पीड़ित मां बेसुध हो गई तो पत्नी और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है.

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अयोध्या. छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा बॉर्डर (Bijapur Encounter) पर नक्‍सली हमले में शहीद राजकुमार यादव (Rajkumar Yadav)का पार्थिव शरीर आज देर रात अयोध्या पहुंचा. करीब रात 1:10 बजे जीआरपी के जवान पार्थिव शरीर डीसीएम से लेकर लखनऊ से सड़क मार्ग से अयोध्या (Ayodhya) पहुंचे. शहीद जवान का शव अयोध्या पहुंचते ही पूरा वातावरण गमगीन हो गया. मौजूद युवाओं ने वंदे मातरम, भारत माता की जय और शहीद जवान के लिए नारे लगाए. बता दें कि शहीद राजकुमार की खबर रविवार को उनके परिजनों को मिली थी. राणोपाली गांव के रहने वाले राजकुमार यादव कोबरा 210 में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे और सुकमा हमले में शहीद हुए हैं. मंगलवार सुबह राजकीय सम्मान के साथ शहीद जवान के शव का अंतिम संस्कार होगा.

शहीद जवान का पार्थिव शरीर अयोध्या पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मच गया. कैंसर पीड़ित बुजुर्ग मां बेसुध हो गई, तो बच्चे और पत्नी का रो रोकर बुरा हाल था. यही नहीं, मौके पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखों में आंसू थे, लेकिन मन में शहीद जवान के लिए गर्व भी महसूस कर रहा था. सच कहा जाए तो राम की नगरी में शोक की लहर है.

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आज होगा राजकीय सम्मान अंतिम संस्कार
बीजापुर और सुकमा बॉर्डर पर शहीद होने वाले राजकुमार यादव का मंगलवार सुबह राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा. वह अपने पीछे एक बुजुर्ग मां, दो भाई, एक बहन और दो बेटे छोड़ कर गए हैं. शहीद जवान की मां कैंसर से पीड़ित हैं जो अभी हाल में ही इलाज कराकर अयोध्या पहुंची हैं. शहीद राजकुमार के सिर से 10 वर्ष पहले ही पिता का साया उठ गया था. उसके बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी शहीद जवान ही उठा रहे थे. मगर इस हृदय विदारक घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया. पूरे परिवार समेत राम नगरी के हर व्यक्ति की आंखों में आंसू हैं. राम नगरी का हर व्यक्ति मां भारती के लाल को नमन कर रहा है जिसने नक्सली से लोहा लेते हुए अपने प्राण देश के लिए न्योछावर कर दिए.

परिवार में सबसे बड़े थे राजकुमार यादव

शहीद राज कुमार यादव अपने परिवार में सबसे बड़े थे. उनके नीचे उनके दो छोटे भाई और एक बहन है. इसके अलावा परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटों के अलावा कैंसर से पीड़ित मां है. उनका इलाज चल रहा है. बता दें कि पूरे परिवार की जिम्मेदारी शहीद जवान राजकुमार पर ही थी. उन का छोटा भाई बेरोजगार है जिसके परिवार का खर्चा भी वे ही चला रहे हैं. शादी विवाह के लिए एक भाई और एक बहन भी बचे हुए हैं. शहीद जवान का बड़ा बेटा शिवम 16 साल का है और वह हाई स्कूल के एग्जाम दे रहा है. जबकि दूसरा बेटा 10 साल का हिमांशु कक्षा 6 का छात्र है. घटना से 2 दिन पहले पत्नी से टेलीफोन पर राजकुमार यादव की बात हुई थी.
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