नमाज विवाद: अयोध्या के संतों की साध्वी प्राची को नसीहत- देश का माहौल खराब करने वाला काम न करें

अयोध्या के संतों ने साध्वी प्राची के बयान को गलत कहा है.
अयोध्या के संतों ने साध्वी प्राची के बयान को गलत कहा है.

पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि वह एक साध्वी (Sadhvi) हैं. इसलिए उनको बयान सोच समझकर देना चाहिए. मंदिर में नमाज (Namaz) और मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ने वाले, दोनों लोग दोषी हैं.

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अयोध्या. हिंदूवादी नेता साध्वी प्राची (Sadhvi Prachi) के विवादित बयान पर अयोध्या के संतों (Saints) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. संतों ने इसे गलत करार दिया है और अपील की है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश विकास की ओर अग्रसर है. ऐसे में किसी नए विवाद को बढ़ावा न दिया जाए. सन्तों ने साध्वी प्राची से निवेदन किया है कि इस तरीके का काम न किया जाए, जिससे देश का माहौल खराब हो.

रामलला के प्रधान पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा कि यह दोनों ही बातें गलत हैं. ऐसा कोई काम न करें, जिससे कि देश में विघटन हो. साध्वी प्राची को जवाब देते हुए कहा कि मस्जिदों में हनुमान चालीसा पढ़ने से पहले यह देखना जरूरी है कि कितने मंदिरों में हनुमान चालीसा का पाठ हो रहा है.

पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि वह एक साध्वी हैं. इसलिए उनको बयान सोच समझकर देना चाहिए. मंदिर में नमाज और मस्जिद में हनुमान चालीसा करने वाले दोनों लोग दोषी हैं. इसलिए लोगों से अपील की है कि वे इस तरीके की भाषा का प्रयोग न करें, जिससे किसी तरह का विवाद उत्पन्न हो.



सरयु नित्य आरती के अध्यक्ष महंत शशिकांत दास ने कहा कि सब लोगों को अपने-अपने धर्म का पालन करना चाहिए. हिंदू और मुसलमान के बीच नया विवाद देश में खड़ा न हो. इसलिए दोनों पक्षों से निवेदन है कि वे अपने-अपने पूजा पद्धति के अनुसार ही पूजा पाठ करें. एक- दूसरे के धर्म में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न करें.
तपस्वी जी की छावनी के परमहंस दास ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के द्वारा नंद बाबा के मंदिर में जाकर नमाज अता करना, निंदनीय काम है. इसकी जांच होना चाहिए. वहीं साध्वी प्राची ने जो किया है, वह क्रिया की प्रतिक्रिया है. शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सबको कानून का सहारा लेना चाहिए. साध्वी प्राची से अनुरोध है कि अगर अराजक तत्वों ने द्वारा इस तरीके की घटना को अंजाम दिया गया है, तो कानूनी प्रक्रिया का सहारा लें. लेकिन इस तरीके का काम न करें.
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