अयोध्या: 28 साल बाद रामलला को मिली गर्मी से राहत, अस्थाई मंदिर में अब लगा AC

28 साल बाद रामलला को मिली गर्मी से राहत

28 साल बाद रामलला को मिली गर्मी से राहत

मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास (Satyendra Das) ने बताया कि एक बार में पांच भक्तों को प्रवेश दिया जा रहा है. साथ ही अब भक्तों को प्रसाद देने पर रोक हटा दी गई है, इलायची दाना प्रसाद स्वरूप दिया जा रहा है.

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अयोध्या. अयोध्या (Ayodhya ) में राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण कार्य रात दिन तेजी के साथ चल रहा है. इस बीच पहले गर्मी के मौसम में अब 28 साल बाद अस्थायी मंदिर में रामलला के लिए एसी (AC) की भी व्यवस्था की गई है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यकाल में रामलला के राग-भोग प पूजा-पाठ पर खर्च की जाने वाली धनराशि भी बढ़ा दी गई है.

बता दें कि राममंदिर के हक में फैसले आने के पूर्व रामजन्मभूमि परिसर से लेकर टेंट में विराजमान रामलला के प्रबंधन की सारी व्यवस्था रिसीवर के हाथों में थी. फैसले आने के बाद अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट रामलला के प्रबंधन का जिम्मा संभाल रहा है. ट्रस्ट के कार्यकाल में रामलला के पूजा-भोग की धनराशि बढ़ी है. पहले प्रतिमाह 30 और अब करीब 42 हजार खर्च किए जा रहे हैं.

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रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास बताते हैं कि ट्रस्ट के कार्यकाल में रामलला के राग-भोग, पूजा से लेकर समस्त व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है. वेतन के अलावा रामलला के भोग के लिए पहले 30 हजार प्रतिमाह सरकार से प्राप्त होते थे. ट्रस्ट के कार्यकाल में अब 40 से 42 हजार प्रति माह रामलला के भोग पर खर्च किए जा रहे हैं. दास ने बताया कि रामलला की सेवा में प्रतिदिन उन्हें नवीन वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं और अन्य सभी सेवाएं सुचारु रूप से चल रही हैं.
चरणामृत देने पर रोक जारी

अमावस्या और पूर्णिमा पर रामलला को पूरी, सब्जी ,खीर आदि का विशेष भोग लगाया जाता है, जबकि अन्य दिनों में दोनों समय चावल, दाल, सब्जी-रोटी का भोग लगाया जाता है. अचार व पापड़ भी भोग में शामिल होता है. मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने बताया कि एक बार में पांच भक्तों को प्रवेश दिया जा रहा है. साथ ही अब भक्तों को प्रसाद देने पर रोक हटा दी गई है, इलायची दाना प्रसाद स्वरूप दिया जा रहा है, हालांकि अभी चरणामृत देने पर रोक जारी है.

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