लाइव टीवी
Elec-widget

अयोध्या में दो मंजिला होगा राम मंदिर, होंगे 106 खंभों और पांच प्रवेश द्वार

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 13, 2019, 7:27 AM IST
अयोध्या में दो मंजिला होगा राम मंदिर, होंगे 106 खंभों और पांच प्रवेश द्वार
अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर का मॉडल

जान माने मंदिर आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई सोमपुरा (Chandrakant Bhai Sompura) के मुताबिक यह मंदिर दुनिया का सबसे भव्य मंदिरों में से एक होगा. इतना ही नहीं यह दुनिया का पहला मंदिर होगा जो दो मंजिला होगा.

  • Share this:
अयोध्या. दशकों पुराने राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) का फैसला आने के बाद से अब राम मंदिर (Ram Temple) निर्माण को लेकर कवायद शुरू हो गई है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जहां केंद्र सरकार राम मंदिर के लिए ट्रस्ट बनाने में जुट गई है तो वहीं भव्य राम मंदिर के स्वरूप को लेकर भी चर्चा हो रही है. करीब 30 साल पहले राम मंदिर का मॉडल (Ram Temple Model) देश के सामने पेश करने वाले जाने-माने मंदिर आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई सोमपुरा (Chandrakant Bhai Sompura) के मुताबिक यह मंदिर दुनिया के सबसे भव्य मंदिरों में से एक होगा. इतना ही नहीं यह दुनिया का पहला मंदिर होगा जो दो मंजिला होगा.

बता दें चंद्रकांत भाई सोमपुरा द्वारा तैयार राम मंदिर का मॉडल अयोध्या के कार्यसेवकपुरम में रखा गया है. इसी मॉडल के अनुरूप ही प्रस्तावित राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा. चंद्रकांत भाई के अनुसार अयोध्या में भव्य राम मंदिर 106 खंभे वाला एक दो मंजिला मंदिर होगा. इसके गर्भगृह में प्रभुराम विराजमान होंगे. जबकि ऊपरी मंजिल पर राम दरबार होगा. आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई सोमपुरा ने कहा है कि मंदिर निर्माण में कम से कम तीन साल का समय लगेगा.

नागर शैली की होगी मंदिर
अहमदाबाद के चंद्रकांत भाई का संबंध एक ऐसे परिवार से है, जिन्हें पारंपरिक भारतीय नागर शैली के मंदिरों के डिजाइन बनाने में महारत हासिल है. गुजरात के विख्यात सोमनाथ मंदिर के आर्किटेक्ट उनके दादा प्रभाशंकर सोमपुरा थे. चंद्रकांत भाई के पिता भी देश के जाने माने आर्किटेक्ट रहे हैं. उन्होंने ही उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर के मरम्मत का कार्य किया था. चंद्रकांत भाई के परिवार की तीसरी और चौथी पीढ़ी देश के प्रसिद्ध मंदिरों के निर्माण में अपना योगदान दे रही है.

Ram temple architect chandrakant bhai sompura
राम मन्दिर के आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई सोमपुरा


गौरतलब है कि भारत में मंदिर निर्माण कला विश्व की प्राचीन सभ्यताओं की समकालीन है. भारत में भौगोलिक और सांस्कृतिक प्रभावों के अनुरूप मंदिरों के निर्माण से संबंधित दो मूल स्थापत्य शैलियों का विकास हुआ हैं. इसके साथ ही इन दोनों शैलियों से प्रभावित एक तीसरी बेसर शैली का भी मघ्य भारत में विकास हुआ है.

इन दोनों प्रमुख शैलियों नागर और द्रविड़ का प्रभाव पूरे देश की मंदिरों के निर्माण में देखा जा सकता है. नागर शैली जहां उत्तर भारत के मंदिर निर्माण में इस्तेमाल हुआ है, तो वहीं दक्षिण भारत में द्रविड़ शैली में मंदिरों का निर्माण किया गया.
Loading...

मंदिर निर्माण की शैलियों का विकास पीढ़ी दर पीढ़ी हुआ

उपरोक्त दोनों ही मंदिर निर्माण शैलियों से जुड़े कारीगर और आर्किटेक्ट समुदायों ने अपनी संबंधित शैलियों का पीढ़ी दर पीढ़ी विकास किया. उत्तर भारत में सोमपुरा नागर शैली के मंदिरों के निर्माण और डिजाइन से जुडा हुआ है. अधिकांस सोमपुरा परिवार मंदिरों के निर्माण के व्यवसाय से जुड़ा हुआ है.

ये भी पढ़ें:

बाबरी मस्जिद के मुद्दई इकबाल अंसारी ज़मीन लेने के लिए तैयार, बनवाएंगे स्कूल और अस्पताल

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अयोध्या से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 12, 2019, 5:18 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...