राम जन्मभूमि केस में हिंदू पक्षकार रहे धर्मदास ट्रस्ट पर भड़के, बोले- भगवान माफ नहीं करेंगे

राममंदिर मामले के हिंदू पक्षकार महंत रामदास ने श्री रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास को भ्रष्ट बताया है.

राम जन्मभूमि मामले में हिंदू पक्षकार रहे स्वामी धर्मदास जमीन घोटाले मामले पर भड़के, ट्रस्ट को बताया भ्रष्ट. स्वामी धर्मदास ने न्यूज़18 से खास बातचीत में कहा कि जल्दी अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक बुलाई जाएगी.

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अयोध्या. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जमीन खरीद-फरोख्त मे हेराफेरी का मामला थमता नहीं दिखाई दे रहा है. श्री राम जन्मभूमि विवाद में पक्षकार रहे हनुमानगढ़ी निर्वाणी अखाड़ा के महंत धर्मदास जी महाराज ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और डॉ अनिल मिश्र आरोप लगाया की रामलला के नाम पर यह लोग धंधा कर रहे हैं. राम जी के नाम पर एकत्र हुए समर्पण निधि के बंदरबांट का तरीका निकाला गया है. धर्म दास ने बताया कि जल्दी ही अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की 18 अखाड़ों की बैठक अयोध्या में होगी. उसमें संत समाज बैठकर के राम मंदिर निर्माण के बारे में चर्चा करेगा.

महंत रामदास ने कहा कि भगवान के दान का पैसा समर्पण का पैसा सभी चीज भगवान के नाम से होना चाहिए. ऐसा नहीं हुआ. जब सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा रामलला विराजमान के नाम से हुआ और फैसला रामलला के पक्ष में आया तो सारी संपत्ति रामलल की होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट जैसा चाहता था, वैसे ट्रस्ट का स्वरूप नहीं बनाया गया और इसको राजनीति के चंगुल में फंसा दिया गया. ट्रस्ट कोर्ट के मंशा के अनुरूप नहीं बना. राष्ट्र निर्माण में निजी स्वार्थ शामिल हैं, यही कारण है कि भगवान के पैसे में भी घोटाला हो रहा है. भगवान श्रीराम लला पैसे से मंदिर निर्माण के साथ साधु सेवा, संत सेवा, गो सेवा होनी चाहिए, जो जमीन ट्रस्ट खरीद रही है, उसमें होटल धर्मशाला बनेंगे. व्यवसाय किया जाएगा. देश के लोगों ने समर्पण निधि व्यवसाय के लिए नहीं बल्कि धर्म कार्य के लिए दिया है.

महंत रामदास ने कहा कि रामलला का पैसा खाने वाले घोटाला करने वाले को भगवान माफ नहीं करेंगे. सरकार को चाहिए कि ऐसे लोगों की जांच कर जेल भेज दें. दास ने कहा जिला अधिकारी ट्रस्ट के सदस्य हैं, वह बताएं की बाग बिजेसर में जमीन की क्या कीमत है, क्या वहां जमीन इतनी महंगी है. यह अयोध्या के जनता को बताना चाहिए. राम जन्मभूमि का पैसा रामलला मंदिर के लिए आया है. उसका दुरुपयोग महापाप है. प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री क्या कर रहे हैं? अयोध्या के संत-महात्मा क्या कर रहे हैं?

प्राचीन मंदिरों की फकीर परंपरा कैसे चलेगी. राम मंदिर को खत्म करने से उसकी परंपरा खंडित हो जाएगी. अयोध्या की जनता महसूस कर रही है कि राम जन्म भूमि हमसे कोई छीन ले गया. अराजक लोगों के हाथ में पड़ा है राम जन्मभूमि. अशोक सिंघल थे महापुरुष उनके वजह से लगे थे राम मंदिर आंदोलन में. संपूर्ण मामले पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री समेत सारा समाज और अयोध्या की जनता एक बार बैठ कर मंथन करें.

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