जानें PM मोदी के अलावा और किन-किन नेताओं को भेजा जाएगा भूमि पूजन का प्रसाद, ये रही लिस्ट
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जानें PM मोदी के अलावा और किन-किन नेताओं को भेजा जाएगा भूमि पूजन का प्रसाद, ये रही लिस्ट
भव्य भूमि पूजन की तरह प्रसाद भी बेहद खास है. (फाइल फोटो)

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Sampat Rai) खुद दिल्ली जाकर सभी गणमान्य लोगों को प्रसाद देंगे. चंपत राय सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी को प्रसाद देंगे.

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लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने पांच अगस्त को राम मंदिर निर्माण (Ram Mandir Construction) के लिए भूमि पूजन ( Bhoomi Pujan) किया था. अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की तरफ से भूमि पूजन का प्रसाद वितरित किया जा रहा है. इसके लिए ट्रस्ट ने कई नामों की सूची बनाई है, जिसके तहत प्रसाद भेजा जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की खास तैयारी के तहत प्रधानमंत्री मोदी के अलावा उन मेहमानों को भी प्रसाद भेजा जाएगा, जो कोविड-19 की वजह से भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए थे. कहा जा रहा है कि ट्रस्ट की ओर से साजों सज्जा के साथ प्रसाद भेजन का काम किया जा रहा है.

ट्रस्ट की तरफ से मिल रही जानकारी के मुताबिक, अगले हफ्ते ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय खुद दिल्ली जाकर सभी गणमान्य लोगों को प्रसाद देंगे. चंपत राय सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी को प्रसाद देंगे. साथ ही कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्हें धन्यवाद भी ज्ञापित किया जाएगा. आपको बता दें पीएम मोदी को 5 अगस्त को ही पूजा के बाद प्रसाद पान करवाया गया था. लेकिन एक बार फिर से पीएमओ के तमाम अधिकारियों के लिए खास प्रसाद पैकेट तैयार करवाया जा रहा है. प्रधानमंत्री मोदी के साथ- साथ राष्ट्रपति राम नाथ कोविद, लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को प्रसाद भेजा जाएगा.

तमाम दिग्गज नेताओं के पास भी भूमि पूजन का प्रसाद पहुंचाया जाएगा
इनक अलावा गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत देश के तमाम दिग्गज नेताओं के पास भी भूमि पूजन का प्रसाद पहुंचाया जाएगा. आपको बता दें कि भव्य भूमि पूजन की तरह प्रसाद भी बेहद खास है, जिसमें न सिर्फ मीठा है बल्कि राम मंदिर से जुड़ी हुई तमाम और भी वस्तुएं हैं.
प्रधानमंत्री मोदी समेत तमाम देश के गणमान्य लोगों के लिए तैयार किए गए प्रसाद में स्टील के डब्बे में भोग के लड्डू, राम नामी अंगोछा, राम मंदिर पर आधारित कुछ किताबों के साथ एक पत्र भी है. पत्र में कोविड-19 की वजह शामिल न किए जाने पर माफी मांगी गई है. इसके साथ- साथ मंदिर निर्माण के लिए शुभकामना संदेश भी हैं.
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