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AYODHYA: अष्टकोणीय होगा भगवान राम का गर्भ गृह, जानिए क्यों खास है यह डिजाइन?

राम मंदिर का डिज़ाइन तो सामने आ चुका है, लेकिन गर्भ गृह को लेकर ट्रस्ट ने बड़ा खुलासा किया है. इसके आकार के साथ ही जानिए ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट- सर्वेश श्रीवास्तव

    अयोध्या. रामनगरी में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य काफी तेजी के साथ किया जा रहा है. ट्रस्ट का दावा है कि जनवरी 2024 तक भव्य मंदिर का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा. समय-समय पर मंदिर निर्माण से जुड़ी जानकारियां ट्रस्ट के पदाधिकारियों की ओर से राम भक्तों तक सोशल मीडिया के जरिए पहुंचाई जाती हैं. लेकिन इस बार जो जानकारी सामने आई है, काफी महत्वपूर्ण है.

    दरअसल राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भव्य राम मंदिर के गर्भ गृह को लेकर बड़ी जानकारी साझा की है. News18 Local से बात करते हुए महासचिव चंपत राय ने बताया कि गर्भ गृह का आकार 20 फीट त्रिज्या का होगा और इसे आक्टोगोनल यानी अष्टकोणीय बनाया जा रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि इसमें मकराना का उच्च क्वालिटी का पत्थर लगाया जा रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं किसी मंदिर के गर्भ गृह का निर्माण अष्टकोणीय क्यों किया जाता है? यहां देखिए कि आखिर क्या होता है अष्टकोणीय.

    8 सिद्धियों का प्रतीक होता है ऐसा मंदिर

    News18 Local को जानकारी देते हुए शत्रुघ्न निवास के महंत पवन दास शास्त्री बताते हैं कि सनातन धर्म में वास्तु शास्त्र का महत्व है. इसके अनुसार जब भी कोई भवन या फिर मंदिर बनाया जाता है, तो उसमें कोण रखे जाते हैं. अष्टकोणीय मंदिर बनाने का अर्थ होता है मंदिर में साधना, भजन, दर्शन या फिर उपासना करने वाले आठों प्रकार की सिद्धियों को प्रप्त कर लें. अणिमा, महिमा, लघिमा, गरिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, इशित्व और वशित्व को आठ सिद्धियां बताया जाता है इसलिए अष्टकोणीय गर्भ गृह का निर्माण महत्वपूर्ण होता है.

    Tags: Ayodhya ram mandir

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