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क्या इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएगी अयोध्या के प्राचीन मठ- मंदिरों की परंपरा? जानें मामला

Ram Mandir Ayodhya: अयोध्या में सड़क चौड़ीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है. इस वजह से सैकड़ों वर्ष पुरानी इमारतें ढ ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट: सर्वेश श्रीवास्तव

    अयोध्या. राम नगरी अयोध्या में सड़क चौड़ीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है. सहादतगंज से नया घाट तक राम पथ तक के निर्माण में सैकड़ों वर्ष पुरानी इमारतें ढहाई जा रही हैं. अयोध्या में नया घाट से सहादतगंज तक 13 किलोमीटर के मुख्य मार्ग को फोरलेन की तर्ज पर विकसित किए जाने की योजना को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद दुकानों व भवनों को हटाये जाने का कार्य तेजी के साथ शुरू हो गया है. इस क्रम में अयोध्या के नया घाट में बीते 2 दिनों से देर रात्रि पुरानी और ऊंची बिल्डिंग गिराए जाने का कार्य चल रहा है. यह बिल्डिंग सैकड़ों वर्ष पुरानी हैं, जो अब इतिहास के पन्नों में ही सिमट कर रह जाएंगी.

    धर्म नगरी अयोध्या प्राचीन नगरी है, यहां के मठ मंदिर और भवन भी सैकड़ों वर्ष पुराने हैं. इस बीच राम मंदिर निर्माण और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को लेकर प्रदेश सरकार ने सड़क चौड़ीकरण की योजना को तैयार किया है. इसमें हनुमानगढ़ी से राम जन्मभूमि भक्ति पथ, सुग्रीव किला से राम जन्मभूमि पथ और नया घाट से सहादतगंज तक के मार्ग का राम पथ के रूप में निर्माण कराया जाएगा, लेकिन इस योजना में बड़ी संख्या में प्राचीन इमारतें भी प्रभावित हो रही हैं. अयोध्या के 1 दर्जन से अधिक ऐसे मंदिर हैं, जो मुख्य मार्ग से सटे हुए हैं जिनको तोड़ने पर उनके स्वरूप का इतिहास भी समाप्त हो जाएगा. इसके अलावा 700 से अधिक दुकानें पर भी तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है. अब इन इमारतों को पुनः जीर्णोद्धार करने की भी योजना अयोध्या विकास प्राधिकरण के द्वारा बनाई गई है. अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह की मानें तो अयोध्या धाम के प्रमुख तीनों सडकों को फसाद कंट्रोल पर विकसित किया जाएगा, जिसमें यात्री सुविधाओं के साथ इन मार्गों पर पड़ने वाले पुराने भवनों को भी एक ही रंग में रंगने और उन्हें एक स्वरूप दिए जाने की योजना पर कार्य किया जाएगा.

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    सैकड़ों वर्ष पुराने मंदिर हो रहे ध्वस्त
    वशिष्ठ मंदिर के महंत गिरीश त्रिपाठी बताते हैं कि अयोध्या में बहुत ही पुराने मठ और मंदिर हैं, जो ब्रिटिश शासन से भी पहले के हैं. हालांकि अब उन मंदिरों के चिन्ह को दोबारा उस स्वरूप में नहीं देखा जा सकता है क्योंकि सड़क चौड़ीकरण की जद में कई मठ मंदिर आ रहे हैं. इस दौरान मंदिर तो बच रहे हैं, लेकिन उनके आगे का हिस्सा ध्वस्त हो रहा है.

    मार्ग चौड़ीकरण की जद में आ रहे मठ मंदिरों का होगा जीर्णोद्धार
    विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह बताते हैं कि हम लोग निरंतर अयोध्या को भव्‍य और सुंदर बना रहे हैं. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मुख्य रुप से 3 मार्गों का चौड़ीकरण किया जा रहा है जिससे श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन आसानी से कर पाएंगे. मार्गों के चौड़ीकरण में जो व्यवसाय और सैकड़ों वर्ष पुराने मठ मंदिर हैं, उनको फसाद कंट्रोल के माध्यम से एक स्वरूप दिया जाएगा. इस विषय में अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा फसाद कंट्रोल की एक गाइडलाइन बनाई गई है. तीनों प्रमुख सड़कों पर जो भी भवन ऐतिहासिक हैं उनमें फसाद कंट्रोल के माध्यम से कार्य शुरू कर दिया गया है.

    Tags: Ayodhya News, CM Yogi Adityanath, Ram Mandir ayodhya, UP news

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