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अयोध्या: सगे भाइयों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, बिस्तर पर पड़े थे शव....

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 15, 2020, 3:36 PM IST
अयोध्या: सगे भाइयों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, बिस्तर पर पड़े थे शव....
संदिग्ध परिस्थितियों में भाइयों की मौत (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पड़ोसियों ने बताया कि वृद्ध पिता और दोनों बेटे यहां किराए के मकान (rented house) में लगभग सात दशक से रहते थे और बड़ा बेटा शहर के चौक क्षेत्र में दुकान चलाता था. जबकि वृद्ध पिता और उसका छोटा भाई मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया गया है.

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अयोध्या. शहर के नगर कोतवाली क्षेत्र के लालबाग मोहल्ला स्थित किराये के मकान में रहने वाले सिख परिवार के दो सगे भाइयों का शव (dead body) मिलने से सनसनी फ़ैल गई. मृतक भाइयों के बुजुर्ग पिता बगल के कमरे में मौजूद थे उन्हें अपने बेटों की मौत के बारे में कुछ भी पता नहीं चला. सुबह जब काम वाली मेड (maid servant) उनके घर पहुंची तो जब उसे कोई हलचल नहीं मिली तो उसने पड़ोसियों को सूचित किया जिसके बाद उन्होंने पुलिस (Ayodhya police) को बुलाया.

पिता व छोटा भाई मानसिक विक्षिप्त थे
बता दें कि यह सिख परिवार पिछले 70 साल से यहां रह रहा था. मृतक भाइयों में छोटे को मानसिक विक्षिप्त बताया जा रहा है जबकि बड़े भाई की चौक में दुकान है. रिपोर्ट के मुताबिक मृतकों के पिता 90 वर्षीय बुजुर्ग बगल के कमरे में थे. सुबह घर में काम करने वाली घरेलू मेड रोज की तरह काम-काज के लिए वहां पहुंची और दरवाजा खटखटाया तो भीतर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उसने आस-पास के लोगों को मामले की जानकारी दी तब स्थानीय लोगों ने पुलिस को बुलाया. पड़ोसियों ने बताया कि वृद्ध पिता और दोनों बेटे यहां किराए के मकान में लगभग सात दशक से रहते थे और बड़ा बेटा शहर के चौक क्षेत्र में दुकान चलाता था. वृद्ध पिता और उसका छोटा भाई मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया गया है. फिलहाल पुलिस दोनों भाइयों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया दिया और मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है.

पुलिस ने बताया कि सिख समुदाय के 90 वर्षीय बलवंत सिंह की शहर के चौक क्षेत्र में दुकान है. बलवंत सिंह की मानसिक हालत ठीक नहीं बताई जा रही है. वह अपने दो बेटों के साथ नगर कोतवाली क्षेत्र के लालबाग मोहल्ले में एक किराए के मकान में रहते हैं उनका बड़ा बेटा 60 वर्षीय जसवीर सिंह था जबकि छोटा बेटा 40 वर्षीय करतार सिंह भी मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया गया है. दोनों भाइयों का विवाह नहीं हुआ था. लालबाग मोहल्ला निवासियों का कहना है कि यह सिख परिवार लगभग 70 वर्षों से इसी मकान में किराए पर रह रहा था. घर का कामकाज करने के लिए घरेलू मेड थी जो सुबह-शाम साफ-सफाई से लेकर भोजन बनाने का काम करती थी.

रोज की तरह बुधवार की सुबह भी मेड अपने रोजमर्रा के काम को निपटाने के लिए सिख परिवार के दरवाजे पर पहुंची और आवाज लगाई. उसके मुताबिक आवाज लगाने पर कोई जवाब नही मिला फिर उसने जोर-जोर कुंडी खटखटाई इसके बावजूद कोई प्रतिक्रिया न होने पर उसको चिंता हुई और उसने आस-पास के लोगों को खबर दी तथा मौके पर बुला लिया. आसपास के लोगों ने भी आवाज लगाई और कुंडी खटखटाई लेकिन भीतर से कोई जवाब न मिला इसके बाद मामले की खबर पुलिस को दी गई.

सूचना पर क्षेत्राधिकारी नगर अरविंद कुमार चौरसिया और नगर कोतवाल अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए. कड़ी मशक्कत कर पुलिस ने दरवाजा खोला और भीतर गई तो देखा कि एक कमरे में अलग-अलग बिस्तर पर जसवीर सिंह और करतार सिंह मृत पड़े हैं. जबकि सगे भाइयों के बुजुर्ग पिता बलवंत सिंह बगल वाले कमरे में थे. पुलिस ने बुजुर्ग बलवंत सिंह से माजरा जानना चाहा तो मोहल्ले वालों ने बताया कि इनकी मानसिक हालत ठीक नहीं है और यह कुछ बता नहीं सकते. इसके बाद पुलिस ने भाइयों के कमरे की गहराई से जांच-पड़ताल की और परिवार की मेड से पूछताछ की. क्षेत्राधिकारी नगर अरविंद कुमार चौरसिया का कहना है कि मौत की वजह का अभी कुछ पता नहीं चल सका है फिलहाल शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा.

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First published: January 15, 2020, 3:36 PM IST
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