अयोध्या के सरयू कुंज मंदिर में हुआ रोजा इफ्तार, महंत बोले...

महंत युगल किशोर दास ने कहा कि रोजा इफ्तार का उद्देश्य था कि हिंदू और मुस्लिम भाई सब मिल-जुल कर रहें. उन्होंने कहा कि अयोध्या किसी एक समुदाय की नगरी नहीं है. यह सब के लिए पुण्य नगर है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: May 21, 2019, 1:14 PM IST
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Updated: May 21, 2019, 1:14 PM IST
अयोध्या में हिंदू-मुस्लिम सौहार्द की अनूठी मिसाल सामने आई है. अयोध्या के एक मंदिर में और बाकायदा रोजा इफ्तार का कार्यक्रम हुआ, जहां मुस्लिमों ने शाम को रोजा इफ्तार कर अपना दिन भर का रोजा तोड़ा. अयोध्या के मंदिर में का आयोजन किया गया, इसमें सूफी संत, महंत युगल शरण शास्त्री ने इफ्तार कराया, जिसमें 3 दर्जन से ज्यादा मुस्लिमों ने शिरकत की. इस दौरान पूरे देश लिए दुआ कर रोजा खोला गया.

सरयू कुंज मंदिर वशिष्ठ कुंड में सूफी संत महंत युगल किशोर दास ने रोजे का आयोजन कराया. इस दौरान रोजेदारों ने अमन चैन की दुआ कर रोजा खोला. महंत युगल किशोर दास ने कहा कि रोजा इफ्तार का उद्देश्य था कि हिंदू और मुस्लिम भाई सब मिल-जुल कर रहें. उन्होंने कहा कि अयोध्या किसी एक समुदाय की नगरी नहीं है. यह सब के लिए पुण्य नगर है.



भेदभाव खत्म करने का संदेश अगर मिल सकता है तो अयोध्या से मिल सकता है. युगल किशोर ने कहा कि अगर 6 दिसंबर 1992 के पहले इस तरीके की पहल की गई होती तो यह 6 दिसंबर की घटना न होती, वहीं इफ्तार में शामिल मुस्लिमों ने कहा कि हम देश के अमन-चैन की बात करते हैं और इस तरीके की पहल भाईचारे और अमन चैन के लिए की गई है. मुस्लिमों ने कहा कि हम हिंदुओं के त्यौहार पर भी शामिल हों और पूरे देश में अयोध्या से ही अमन चैन का संदेश दें.

(रिपोर्ट: निमिष गोस्वामी)

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