अपना शहर चुनें

States

अयोध्या राम मंदिर भूमि पूजन: संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संतों का लिया आशीर्वाद

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संतों का लिया आशीर्वाद
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संतों का लिया आशीर्वाद

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस आयोजन में विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अध्यक्ष मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) को शामिल किया हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 5, 2020, 12:56 PM IST
  • Share this:
अयोध्या. वैसे तो अयोध्या (Ayodhya) का इतिहास काफी पुराना है. लेकिन पांच अगस्त 2020 को इसके इतिहास में एक और अध्याय जुड़ गया. इन सबके बीच संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) एक दिन पहले अयोध्या पहुंच गए थे. अयोध्या पहुंच कर मोहन भागवत ने साधु-संतों का आशीर्वाद लिया. श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस आयोजन में विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अध्यक्ष मोहन भागवत को शामिल किया है. आज अयोध्या में जश्न का माहौल है. पूरे देश की नजर आज अयोध्या में चल रहे जश्न पर है.

उधर, श्री रामजन्मभूमि ट्रस्ट के मुताबिक, भूमि पूजा अनुष्ठान में शामिल होने वाले हर मेहमान को बॉक्स में रघुपति लड्डू और चांदी का एक सिक्का दिया जाएगा. चांदी के सिक्के के एक तरफ राम दरबार की छवि है, जिसमें भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान हैं. दूसरी तरफ ट्रस्ट का प्रतीक चिह्न है.

संघ प्रमुख मोहन भागवत का स्वागत
संघ प्रमुख मोहन भागवत का स्वागत




राममंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट ने भूमि पूजन के बाद साढ़े तीन साल का लक्ष्य रखा है. शुरुआती ढेड़ साल में मंदिर का भूमि तल पर निर्माण कार्य को पूरा करने का वक्त तय किया है. इसके बाद अगले दो सालों में ऊपरी दोनों तलों पर निर्माण कार्य को पूरा करने का टारगेट रखा है. इस तरह से साढ़े तीन साल में मंदिर के शिखर तक के काम को पूरा कर लेना है.
ये भी पढे़ं- VIDEO: एक सांस में नमो-नमो करने वाले बीजेपी नेता ने अब किया श्रीराम का उद्घोष

पीएम मोदी 29 साल बाद अयोध्या पहुंचे हैं. इससे पहले वह 1991 में अयोध्या गए थे. तब भाजपा अध्यक्ष रहे मुरली मनोहर जोशी तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे और यात्रा में मोदी उनके साथ रहते थे. उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव के वक्त फैजाबाद-अंबेडकर नगर में एक रैली को सं‍बोधित किया था, लेकिन अयोध्या नहीं गए थे. प्रधानमंत्री ने सबसे पहले रामलला के दर्शन किए. फिर साष्टांग दंडवत प्रणाम किया और परिसर में पारिजात का पौधा लगाया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज