अयोध्या: रामलला की मूर्ति की पुनर्स्थापना पर पड़ी कोरोना की छाया!

राम मंदिर निर्माण में दान करने वालों को मिलेगी आयकर छूट  (file photo)
राम मंदिर निर्माण में दान करने वालों को मिलेगी आयकर छूट (file photo)

सूत्रों के मुताबिक अभी से क्यों समिति रामलला की मूर्ति की पुनर्स्थापना को लेकर माथापच्ची करे. कोरोना की एडवाइजरी के मुताबिक भी अब दिल्ली में 20 और देश भर में 50 से ज्यादा लोगों के एक साथ जुटने पर रोक लगी है.

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  • Last Updated: March 20, 2020, 11:15 AM IST
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अयोध्या. कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ जंग और सरकार की एडवाइजरियों का असर अब रामलला की मूर्ति की स्थापना के कार्यक्रमों पर नजर आने लगा है. राममंदिर निर्माण के लिए बनी समिति ऐलान किया है कि 25 मार्च को गुड़ी पर्व की सुबह रामलला का पहला दर्शन नए स्थान पर होगा. सूत्र बताते हैं कि मार्च 21 से 24 तक सिर्फ पूजा ही तो करनी है और रामलाल की मूर्ति को एक जगह से हटा कर नई जगह स्थापित करना है. इसके लिए बहुत ज्यादा तामझाम या भीड़ भाड़ की जरुरत नहीं है. इसमें यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, अयोध्या के सांसद, विधायक, मेयर, 6 समिति के ट्रस्टी, फैजाबाद के आईजी और एसपी के साथ साथ सुरक्षा में लगे चंद जवान मौजूद रहेंगे. यानि भीड़ भाड़ से बचते हुए एक से डेढ दर्जन लोग रामलला की पुनर्स्थापना करेंगे.

सूत्रों के मुताबिक अभी से क्यों समिति रामलला की मूर्ति की पुनर्स्थापना को लेकर माथापच्ची करे. कोरोना की एडवाइजरी के मुताबिक भी अब दिल्ली में 20 और देश भर में 50 से ज्यादा लोगों के एक साथ जुटने पर रोक लगी है. इसलिए इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर करने की कोई रुप रेखा तैयार नहीं की गयी है. 21 तारीख से पूजा शुरु होगी. प्रतिपदा मार्च 24 की दोपहर के बाद शुरू होगी और मार्च 25 की दोपहर तक रहेगी. इसलिए 24 की रात यानि 25 के तड़के ब्रह्म मुहुर्त में मूर्ति की पुनर्स्थापना कर दी जाएगी ताकि मार्च 25 की सुबह 7 बजे नयी जगह पर रामलला के दर्शन तय हैं. सूत्र बताते हैं अंदर और बाहर जाने के रास्ते में भी कोई बदलाव नहीं होगा.

समिति ने भूमि पूजन की तारीखे भी तय कर लीं है. सूत्र बताते हैं कि 4 अप्रैल को राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट की बैठक में तारीखों का औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा. सूत्रों के मुताबिक अप्रैल 30 को भव्य भूमि पूजन की तैयारियां शुरु हो चुकी हैं. राम मंदिर निर्माण ट्रस्ट इसमें आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकारवाह भैय्याजी जोशी के साथ पीएम नरेंद्र मोदी को भी न्यौता भेजेगा. इस भूमि पूजन के लिए देश की हर पवित्र नदी का जल और हर तीर्थस्थान से थोड़ी मिट्टी भी मंगवायी जाएगी. निर्माण कार्य में सबसे पहले मंदिर के गर्भ गृह का निर्माण होगा. लेकिन ट्रस्ट का कहना है कि जब तक पूरे मंदिर का निर्माण नहीं होता रामलला को गर्भ गृह में स्थापित नहीं किया जाएगा क्योंकि इससे श्रद्धालुओं को दर्शन में परेशानी होगी और निर्माण कार्य भी बाधित होगा.



लेकिन ट्रस्ट कोरोना को लेकर आशंकित जरुर नजर आने लगा है. राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य चंपत राय ने इशारों इशारों में कहा कि उन्हें ध्यान तो जन मानस का भी रखना है और सरकार की एडवाइजरी का भी. इसलिए अगर कोरोना की मार रही तो भूमि पूजन की तारिखें थोड़ी इधर उधर भी हो सकती हैं.
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