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राम मंदिर के लिए ट्रस्ट के कोष में जमा हुए इतने करोड़ रुपए, जानें कितना मिला सोना-चांदी

इसी तरह दो अन्य भक्तों ने काफी मात्रा में चांदी दान किया है. (मॉडल तस्वीर)
इसी तरह दो अन्य भक्तों ने काफी मात्रा में चांदी दान किया है. (मॉडल तस्वीर)

नागपुर (Nagpur) से आए आठ रामभक्तों ने अलग-अलग 11-11 चांदी के सिक्के दान में दिए हैं. उन्होंने अपना नाम नहीं बताया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 5, 2020, 2:26 PM IST
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अयोध्या. राम जन्मभूमि (Ram janmabhoomi) के पूजन के साथ रामलला के चढ़ावे की धनराशि में वृद्धि हो गई है. ट्रस्ट के कोष में अभी तक करोड़ों रुपए जमा हो गए हैं. साथ ही कई भक्तों ने सोने और चांदी भी दान में दिए हैं. राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश कुमार गुप्त (Prakash Kumar Gupta) ने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोष (Trust Fund) में लगातार इजाफा हो रहा है. उन्होंने बताया कि अभी तक कोष में एक अरब रुपए से ऊपर की राशि आ गई है. वहीं, नागपुर से आए आठ रामभक्तों ने अलग-अलग 11-11 चांदी के सिक्के दान में दिए हैं. उन्होंने अपना नाम नहीं बताया है. इसी तरह दो अन्य भक्तों ने काफी मात्रा में चांदी दान किया है.

वहीं, शनिवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव और विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के केन्द्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय (Champat Rai) ने कहा था कि राम मंदिर निर्माण की प्रगति संतोषजनक है और तीन साल में अयोध्या में भव्य राम मंदिर (RamTtemple) बनकर पूरी तरह से तैयार भी हो जायेगा. वहीं मंदिर निर्माण के लिए लोगों से आर्थिक सहयोग लिए जाने के बाबत श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा है कि अभी लोगों से मंदिर निर्माण के लिए कोई आर्थिक मदद नहीं मांगी गई है. लेकिन 10 और 11 नवम्बर को दिल्ली (Delhi) में विश्व हिन्दू परिषद केन्द्रीय मार्ग दर्शक मंडल की अहम बैठक होने जा रही है. इस बैठक में इस मुद्दे पर भी विचार कर उचित निर्णय लिया जायेगा.

11 करोड़ परिवारों से सम्पर्क किए जाने को लेकर चिंतन किया जायेगा
उनके मुताबिक विहिप केन्द्रीय मार्गदर्शक मंडल की इस बैठक में देश भर के तीन सौ से ज्यादा साधु संतों को बुलावा भेजा गया है जिसमें मंदिर निर्माण को लेकर देश के 11 करोड़ परिवारों से सम्पर्क किए जाने को लेकर चिंतन किया जायेगा. ऐसी संभावना है कि देश की आधी हिन्दू आबादी से मंदिर निर्माण के लिए आर्थिक मदद के रुप में सहयोग भी लिया जायेगा. वहीं, इस बैठक के जरिए उन साधु संतों को भी मनाने की कोशिश की जायेगी जिन्हें कोविड के संक्रमण के खतरे के चलते पांच अगस्त को अयोध्या राम मंदिर शिलान्यास के कार्यक्रम में नहीं बुलाया जा सका था. इस बैठक के जरिए साधु संतों की नाराजगी भी विश्व हिन्दू परिषद दूर कर उन्हें एक बार फिर से सनातन धर्म के लिए एकजुट करने की भी कोशिश करेगा.
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