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सुप्रीम कोर्ट का आदेश, अयोध्या में मस्जिद के लिए बनी इस्लामिक फाउंडेशन में नहीं होगा केंद्र-राज्य सरकार का प्रतिनिधि

कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि इन कैमरों की 18 महीनों की रिकॉर्डिंग को रखना अनिवार्य होगा.
कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि इन कैमरों की 18 महीनों की रिकॉर्डिंग को रखना अनिवार्य होगा.

एक जनहित याचिका (PIL) में मांग की गई थी कि इस ट्रस्ट में सरकार के भी प्रतिनिधि होने चाहिए. लेकिन सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने याचिका खारिज को कर दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 4, 2020, 12:31 PM IST
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नई दिल्ली. अयोध्या (Ayodhya) में मस्जिद बनाने के लिए एक इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (Indo Islamic cultural Foundation) बनाया गया है. लेकिन एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधि को इस फाउंडेशन में शामिल करने से इनकार कर दिया है. गौरतलब रहे सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड (UP Sunny waqf board) को राम मंदिर की ज़मीन के बदले में अलग ज़मीन दी थी, जहां मस्जिद बनाने का आदेश दिया गया था. यह मस्जिद इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन बनाएगी. इसमें सभी सदस्य वक्फ बोर्ड के हैं.

बाबरी मस्जिद से बड़ी होगी नई अवसंरचना
अयोध्या में मस्जिद निर्माण से जुड़े इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के अध्यक्ष फारूकी ने कहा कि नई अवसंरचना बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) से बड़ी होगी. उन्होंने कहा, ‘‘हम अयोध्या में मस्जिद और अन्य प्रतिष्ठानों का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं. हम विश्वस्तरीय प्रतिष्ठान के निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की सलाह ले रहे हैं.’’फारूकी ने कहा, ‘‘अस्पताल नि:संदेह प्रमुख केंद्र होगा क्योंकि यह पैगंबर द्वारा बताई गई इस्लाम की सच्ची भावना के अनुरूप मानवता की सेवा करेगा.’’

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मुस्लिम नहीं रोहित श्रीवास्तव ने दिया मस्जिद को पहला दान

बता दें कि इस दान को देने वाला कोई मुस्लिम नहीं बल्कि दूसरे धर्म से आने वाले रोहित श्रीवास्तव हैं. रोहित श्रीवास्तव लखनऊ यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट के इम्प्लॉई हैं, जिन्होंने शनिवार को लखनऊ स्थित इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के दफ्तर में जाकर 21 हज़ार रुपये का चेक दान किया. इस दौरान इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के सचिव और प्रवक्ता अतहर हुसैन और ट्रस्टी मोहम्मद राशिद मौजूद रहे. अतहर हुसैन ने खुशी का इज़हार करते हुए रोहित के इस कदम को गंगा जमुनी तहजीब का बेहतरीन उदहारण बताया.
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