Ayodhya News: राम मंदिर निर्माण के दूसरे चरण का काम दिसंबर से होगा शुरू, लगाए जाएंगे गुलाबी पत्‍थर

राम जन्मभूमि में ही इन पत्थरों को काटने एवं तराशने का कार्य किया जाएगा. (सांकेतिक फोटो)

राम जन्मभूमि में ही इन पत्थरों को काटने एवं तराशने का कार्य किया जाएगा. (सांकेतिक फोटो)

Ayodhya Ram Mandir News: राम मंदिर ट्रस्ट के न्यासी अनिल मिश्रा ने कहा कि दिसंबर में मिर्जापुर के गुलाबी पत्थरों को लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा. गुलाबी पत्थरों के ऑर्डर दिए जा चुके हैं.

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अयोध्या. धर्म नगरी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण (Ram Temple Construction) के दूसरे चरण की शुरुआत दिसंबर में होगी और इस दौरान मंदिर का ढांचा खड़ा करने के लिए पत्थर लगाने का काम किया जाएगा. मंदिर निर्माण ट्रस्ट ने सोमवार को यह जानकारी दी. राम मंदिर ट्रस्ट (Trust) के मुताबिक, नींव भरने का कार्य अक्टूबर के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा और दिसंबर से निर्माण के दूसरे चरण की शुरुआत की जाएगी, जिसमें भव्य मंदिर का ढांचा तैयार करने के लिए पत्थर लगाने का काम किया जाएगा.

राम मंदिर ट्रस्ट के न्यासी अनिल मिश्रा ने बताया कि दिसंबर में मिर्जापुर के गुलाबी पत्थरों को लगाने का काम शुरू किया जाएगा और गुलाबी पत्थरों के लिए ऑर्डर दिया जा चुका है. राम जन्मभूमि में ही इन पत्थरों को काटने एवं तराशने का कार्य किया जाएगा. उन्होंने कहा कि 400 फुट लंबाई एवं 300 फुट चौड़ाई वाली 50 फुट गहरी नींव में निर्माण सामग्री के 10 इंच मोटाई वाले मिश्रण की 50 परतें बिछायी जाएंगी.

अयोध्या में भगवान राम लला के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य तेजी के साथ चल रहा है. राम जन्म परिसर में भगवान के मंदिर निर्माण के लिए बुनियाद भरी जा रही है. मंदिर निर्माण के लिए 400 फीट लंबा 300 फीट चौड़ा और 50 फिट गहरा भूखंड बुनियाद के लिए खोदा गया है, जिसमें 12 इंच मोटी लेयर बिछाई जाने के बाद उसको वाइब्रेटर से 2 इंच दबाया जा रहा है. मंदिर निर्माण के लिए प्रत्येक लेयर कंप्लीट करने में 4 से 5 दिन लग रहे हैं. बुनियाद भरने का काम अक्टूबर माह तक पूरा हो जाएगा.

रामलला मंदिर के बेस प्लिंथ के लिए लाल पत्थर मंगाए जा रहे हैं, जो जल्द मिर्जापुर से आएंगे. ट्रस्ट ने मिर्जापुर के लाल पत्थरों का आर्डर भी दे दिया है. एक निश्चित आकार के पत्थरों को रामजन्म परिसर में बनी कार्यशाला में तराशा जाएगा.. मंदिर निर्माण के काम में गति बनी रहे इसके लिए कार्यदाई संस्था दो शिफ्ट में मजदूरों से काम करवा रही है. प्रत्येक शिफ्ट में 12- 12 घंटे मजदूर काम कर रहे हैं और लगभग प्रतिदिन मंदिर निर्माण के लिए 18 से 20 घंटे काम चल रहा है.

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