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आज अयोध्या से नेपाल के लिए निकलेगी भगवान श्रीराम की बारात, शामिल हो सकते हैं सीएम योगी और पीएम मोदी

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 21, 2019, 3:57 PM IST
आज अयोध्या से नेपाल के लिए निकलेगी भगवान श्रीराम की बारात, शामिल हो सकते हैं सीएम योगी और पीएम मोदी
आज भगवान स्वरूप श्रीरााम की बारात नेपाल के लिए रवाना होगी. (प्रतीकात्मक फोटो)

आज अयोध्या (Ayodhya) से बड़ी संख्या में साधु-संत और राम भक्त भगवान राम की बारात लेकर सैकड़ों किलोमीटर की दूर नेपाल(Nepal) स्थित जनकपुर (Janakpur) के लिए रवाना होंगे.

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अयोध्या. विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) श्रीराम मंदिर (Shriram Temple) आंदोलन को तेज करने की अनूठी रणनीति के तहत श्रीराम विवाहोत्सव मनाने जा रही है. आज अयोध्या (Ayodhya) से बड़ी संख्या में साधु-संत और राम भक्त भगवान राम की बारात लेकर सैकड़ों किलोमीटर की दूर नेपाल(Nepal) स्थित जनकपुर (Janakpur) के लिए रवाना होंगे. यह बारात 28 नवंबर को जनकपुर पहुंचेगी.

चर्चा है कि इस बारात में पीएम नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ शामिल हो सकते हैं. एक दिसंबर को मां सीता भगवान राम के साथ परिणय सूत्र (wedding) में बंधेंगी. दो दिसंबर को जनकपुर में राम कलेवा होगा और तीन दिसंबर को अयोध्या के लिए बरात वापस प्रस्थान करेगी.

विश्व हिंदू परिषद हर पांच साल में मनाती है राम विवाहोत्सव
हर पांच सार में विवाह यात्रा की परंपरा के अनुसार भगवान श्रीराम का विवाहोत्सव मनाया जा रहा है. आज सैकड़ों की तादात में साधु-संत बारात लेकर नेपाल के लिए रवाना होंगे. विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने बताया कि श्रीराम जानकी विवाह बारात सरयू पूजन और हवन अनुष्ठान के उपरांत आज नेपाल के लिए प्रस्थान करेगी.

इन शहरों से होकर गुजरेगी बारात
शर्मा ने बताया कि 12 नवंबर को बारात अयोध्या से अंबेडकर नगर, 13 नवंबर को गाजीपुर बक्सर, 14 नवंबर को आराहरिपुर पटना, 15 नवंबर को मुज्फ्फरपुर, सीतामणि 16 नवंबर को बारो पट्टी कमतौल, मधुबनी 17 नवंबर को बारोपट्टी मधवापुर मटियानी, 18 नवंबर को जलैस जनकपुर, 19 नवंबर को जनकपुर में तिलक उत्सव 20 नवंबर को मठकोर 21 नवंबर को और 28 नवंबर को जनकपुर पहुंचेगी.

बारात में कौन होंगे शामिलश्रीराम की बारात यात्रा में विहिप व साधु-संत महंतों, सद्गृहस्थ शामिल होंगे. इसके पहले बुधवार को कारसेवकपुरम में भगवान स्वरूप श्रीराम सहित चारों भाईयों का आगमन हुआ था, जिनका साधु- संतों ने स्वागत किया था. विहिप के बड़े पदाधिकारी, कार्यकर्ता संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास जी महाराज ( राजा दशरथ ) की भूमिका में है और वेदपाठी विद्यार्थियों के साथ विधिवत वेद मंत्रोंचार्य के साथ पूजन अनुष्ठान कर रहे हैं.

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First published: November 21, 2019, 8:41 AM IST
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