Ayodhya news

अयोध्या

अपना जिला चुनें

UP News: राम मंदिर ट्रस्ट को घेरने वाले AAP सांसद संजय सिंह और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ तहरीर, लगाया ये आरोप

स्वयं सेवक विक्रम मणि तिवारी ने दी  संजय सिंह और अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ तहरीर

स्वयं सेवक विक्रम मणि तिवारी ने दी संजय सिंह और अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ तहरीर

Ayodhya News: तहरीर देने वाले ने संजय सिंह के चंदा चोर वाले बयान से खुद को आहत बताया और अरविंद केजरीवाल का खालिस्तानियों से संबंध बताते हुए आम आदमी पार्टी को मिले चंदे की जांच की मांग की है.

SHARE THIS:
अयोध्या. जमीन विवाद मामले पर लगातार श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Mandir Teerth Khsetra Trust) को घेरने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के खिलाफ अयोध्या (Ayodhya) कोतवाली में एक तहरीर दी गई है. तहरीर देने वाले ने संजय सिंह के 'चंदा चोर' शब्द से खुद को आहात बताया और केजरीवाल के संबंध खालिस्तानियों से बताते हुए आम आदमी पार्टी को मिले चंदे की जांच की मांग की है.

दरअसल, आप नेता संजय सिंह की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान 'चंदा चोर' शब्द का प्रयोग करने से अपने को आहत बताते हुए कथित स्वयं सेवक विक्रम मणि तिवारी ने अयोध्या कोतवाली में एक तहरीर दी है. इसमें उन्होंने कहा है कि उसने राम मंदिर के लिए समर्पण निधि घर-घर जाकर इकट्ठा किया था. इसलिए वह और उसके जैसे लाखो स्वयं सेवक और बीजेपी कार्यकर्ता इसके दायरे में आ गए हैं. इसलिए राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाय.

लगाया ये आरोप
अयोध्या कोतवाली में दी गयी अपनी तहरीर में विक्रम मणि तिवारी सीधे तौर पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी आरोपी बता रहे है. उनका आरोप है कि अरविंद केजरीवाल का राष्ट्र विरोधी तत्वों खासकर खालिस्तानियों से प्रत्यक्ष और आर्थिक संबंध पूरा देश जानता है. इसलिए आम आदमी पार्टी को मिलने वाले विदेशी फंड यानी चंदे की जांच कराई जाए.

अभी तक नहीं दर्ज हुआ मुकदमा
गौरतलब है सोमवार को लखनऊ में संजय सिंह द्वारा अयोध्या के जमीन मामले में प्रेस कांफ्रेंस करने और इस मामले को लेकर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही थी. इसके बाद मंगलवार की दोपहर आम आदमी पार्टी लीगल विंग की टीम अयोध्या सिटी कोतवाली पहुंची और उनके अधिवक्ता जेके शुक्ला ने इस बारे में एक तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की बात की. हालांकि अयोध्या पुलिस ने जांच के बाद मुकदमा दर्ज करने की बात कही  है. इसी के कुछ घंटे बाद आयोध्या सिटी कोतवाली के बजाय अयोध्या कोतवाली में कथित विक्रम मणि तिवारी ने संजय सिंह और अरविंद केजरीवाल के विरुद्ध तहरीर दी है. हालांकि अभी तक कोई भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

अयोध्या में चल रही पांचवें दीपोत्सव की तैयारी, 7 लाख दीपकों से जगमाएगी राम की पैड़ी

योगी सरकार राम की पैड़ी के सभी मंदिरों को प्राचीन पद्धति पर संवार रही है.

Ayodhya Deepotsav: 3 नवम्बर को होने वाले दीपोत्सव के दिन प्रधानमंत्री के शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं, राम की पैड़ी पर स्थित सैकड़ों साल पुराने मंदिर को उसकी प्राचीनता के अनुसार जीर्णोद्धार किया जा रहा है.

SHARE THIS:

अयोध्या. अयोध्या (Ayodhya) में पांचवें दीपोत्सव (fifth Deepotsav) की तैयारी शुरू कर दी गई है. राम की पैड़ी के सभी मंदिर प्राचीन पद्धति पर जीर्णोद्धार किए जा रहे हैं. दीपोत्सव 7 से 10 दिवसीय होगा. आयोजन में करीब साढ़े सात लाख दीपक राम की पैड़ी को जगमगाएंगे.

योगी सरकार अपने कार्यकाल का आखरी दीपोत्सव बहुत ही भव्य तरीके से मनाने की तैयारी में है. उत्तर प्रदेश सरकार के गठन के बाद से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में उसकी पौराणिकता और प्राचीनता के अनुसार दीपोत्सव मनाना शुरू किया. हर साल के साथ दीपोत्सव की भव्यता बढ़ती जा रही है. इस वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार अपने कार्यकाल का आखिरी दीपोत्सव मनाएगी. ऐसे में इस वर्ष के दीपोत्सव को और भव्य बनाने के लिए 7 से 10 दिन तक आयोजन हो सकता है.

इतना ही नहीं 3 नवम्बर को होने वाले दीपोत्सव के दिन प्रधानमंत्री के शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं, जिसकी तैयारी भी अभी से शुरु हो गई है. राम की पैड़ी पर स्थित सैकड़ों साल पुराने मंदिर को उसकी प्राचीनता के अनुसार जीर्णोद्धार किया जा रहा है. इसके लिए मंदिरों की खराब हो रही दीवार को चूना सुर्खी गूगल और गुड़ से मिश्रित मसाले से बनाया जा रहा है. उसके बाद सम्पूर्ण घाट के मंदिरों को एक रंग में रंगा जाएगा. इसी घाट के तट पर साढ़े सात लाख दीपक जलाये जाएंगे.

कार्यदाई संस्था के सुपरवाइज़र रामजी भाई ने बताया कि प्राचीन मंदिरों को जीर्णोद्धार किया जा रहा है, जिसमें चूना, गुड़, गूगल, मोरंग के इस्तेमाल कर पुरानी पद्धति से बनाया जा रहा है. दीपोत्सव के उद्देश्य से सरकार के द्वारा यह कार्य कराया जा रहा है. पुराने और प्राचीन किले जो टूटते हैं उन्हें भी इसी मटेरियल से पुरानी पद्धति पर बनाया जाता है. अभी 8 कारीगर दिन रात मेहनत करके दीपावली के पहले सभी प्राचीन मंदिरों की बाहरी दीवारों को रिपेयर कर रहे हैं. रिपेयरिंग पूरी होने के बाद मंदिरों को एक रंग में रंग रोगन कराया जाएगा.

संत परमहंस का ऐलान- भारत को हिंदूराष्ट्र घोषित करे केंद्र, नहीं तो 2 को लूंगा जल समाधि

अयोध्या तपस्वी छावनी में सनातन धर्मसंसद का आयोजन किया गया.

Ayodhya News: अयोध्या तपस्वी छावनी में सनातन धर्मसंसद का आयोजन कर संत परमहंस ने 1 अक्टूबर तक मोदी सरकार से भारत को हिंदूराष्ट्र घोषित करने की मांग की है. यह मांग पूरी नहीं हुई तो वह 2 अक्टूबर को सरयू में जल समाधि लेंगे.

SHARE THIS:

अयोध्या. अयोध्या (Ayodhya) के तपस्वी छावनी के संत परमहंस ने एक बार फिर बड़ा ऐलान कर दिया है. रविवार को तपस्वी छावनी में सनातन धर्मसंसद का आयोजन हुआ और उसके बाद संत परमहंस (Sant Paramhans) ने ऐलान किया कि 1 अक्टूबर को देशभर के लोगों की एक बड़ी सनातन धर्मसंसद का आयोजन होगा. इसमें भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने पर चर्चा होगी. संत परमहंस ने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं किया तो 2 अक्टूबर को वह सरयू में जलसमाधि ले लेंगे.

दरअसल, कुछ माह पूर्व संत परमहंस ने हिन्दू राष्ट्र को लेकर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को पत्र भी भेजा था. उसके बाद आत्मदाह का ऐलान किया था, लेकिन चिता पर बैठने के समय ही अय्योध्या पुलिस पहुंच गई थी. उन्हें मनाकर रोक लिया गया था. इसके बाद संत परमहंस ने एक और ऐलान किया कि अगर 1 अक्टूबर तक भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित नहीं किया गया तो वह 2 अक्टूबर को सरयू में जल समाधि ले लेंगे. अब जैसे जैसे 2 अक्टूबर नजदीक आ रहा है वैसे वैसे संत परमहंस की गतिविधिया तेज हो रही हैं.

तपस्वी छावनी के संत परमहंस दास ने कहा- ‘एक अक्टूबर को सभी संगठन के लोग हिंदू सनातन धर्म संसद का आयोजन करेंगे और 2 अक्टूबर को अगर हमारी बात नहीं मानी गई तो मैं सरयू में जल समाधि लूंगा. मेरी समाधि लेने के बाद हो सकता है मेरी श्रद्धांजलि में मोदी जी भारत को हिंदू राष्ट्र बना दें, क्योंकि जब हिंदू नहीं बचेगा तो कुछ नहीं बचेगा.’

उन्होंने कहा – ‘जिस तरह से कश्मीर में धर्म के आधार पर ऐलान किए जाते हैं. यदि हिंदू राष्ट्र नहीं किया तो हिंदू माइनॉरिटी में हो जाएगा. इसको बचाने के लिए हिंदू राष्ट्र घोषित करना जरूरी है, क्योंकि हिंदू उतना उदारवादी है कि हिंदू राष्ट्र घोषित होने पर भी दूसरे को कष्ट नहीं होगा.’

Ayodhya : रामलला के सखा त्रिलोकी नाथ पांडे का 70 साल की उम्र में निधन

70 साल की उम्र में त्रिलोकी नाथ पांडे का निधन हो गया.

लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे त्रिलोकी नाथ पांडे लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती थे. शाम 7:30 बजे उनका निधन हो गया. पांडे ने करीब तीन दशक तक न्यायालय में रामलला के सखा के रूप में पैरवी की.

SHARE THIS:

अयोध्या. रामलला के सखा त्रिलोकी नाथ पांडे का निधन 70 साल की उम्र में हो गया. शुक्रवार की शाम उन्होंने लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में अंतिम सांस ली. वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे. पांडे ने करीब तीन दशक तक न्यायालय में रामलला के सखा के रूप में उनकी पैरवी की और वर्ष 2019 में उन्हें उनका हक दिलाया. त्रिलोकी नाथ पांडे के निधन पर विश्व हिंदू परिषद ने अपनी संवेदना जाहिर की है.

विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि 1992 में ठाकुर प्रसाद के अस्वस्थ होने के बाद त्रिलोकी नाथ पांडे ने रामलला विराजमान के सखा के रूप में न्यायालय में रामलला का पक्ष रखना शुरू किया. वर्ष 2019 तक उन्होंने इस मुकदमे की पैरवी की और रामलला को उनका अधिकार दिलाया. उनके निधन पर विश्व हिंदू परिषद ने अपनी शोक संवेदना जाहिर की है. शरद शर्मा ने बताया कि त्रिलोकी नाथ पांडे बेहद मिलनसार प्रकृति के व्यक्ति थे. आम कार्यकर्ताओं के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं. बीते कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य खराब था. लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में शुक्रवार शाम उनका निधन हुआ. उन्हें सांस लेने और सीने में दर्द की शिकायत थी. वास्तव में उनका निधन विश्व हिंदू परिषद के लिए अपूरणीय क्षति है.

1989 से विश्व हिंदू परिषद में सक्रिय भूमिका निभा रहे त्रिलोकी नाथ पांडे 1992 में अयोध्या में आकर कारसेवक पुरम से रामलला के सखा के तौर पर मुकदमा लड़ रहे थे. त्रिलोकी नाथ पांडे का शव कारसेवक पुरम में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. उनका पार्थिव शरीर देर रात अयोध्या पहुंचेगा. सूत्रों के मुताबिक, त्रिलोकी नाथ पांडे के गृह जनपद बलिया में हो सकता है उनका अंतिम संस्कार.

Mahant Death : अंतिम संस्कार से लौटे वेदांती ने उठाए सवाल, कही ये बड़ी बात...

महंत नरेंद्र ग‍िर‍ि की फाइल फोटो

suicide or murder : राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य डॉ. रामविलास दास वेदांती ने कहा कि एक बिल्डर बुलडोजर से मंदिर की चारदीवारी गिरवा देने की धमकी दे रहा था. वेदांती ने सवाल किया कि महंत जी को Y श्रेणी की सुरक्षा मिली थी, फिर बाहरी आदमी मंदिर में कैसे प्रवेश कर गया.

SHARE THIS:

अयोध्या. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी के अंतिम संस्कार के बाद अयोध्या लौटे रामविलास दास वेदांती ने कई सवाल उठाए हैं, साथ ही गंभीर आरोप लगाया है. वेदांती ने प्रयागराज के आईजी और नरेंद्र गिरी के सुसाइड नोट से लेकर अगला महंत कौन होगा इस पर बड़ा बयान दिया है.

बीजेपी के पूर्व सांसद और राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य डॉ. रामविलास दास वेदांती ने एक बिल्डर द्वारा नरेंद्र गिरी को धमकाने का एक नया मामला भी उठाया. उन्होंने बताया कि नरेंद्र गिरी ने पेट्रोल पंप के लिए 8 करोड़ रुपये में जमीन बेची थी. उन्होंने कहा कि एक बिल्डर मंदिर की चारदीवारी बुलडोजर से गिरवा देने की धमकी दे रहा था. वेदांती ने सवाल किया कि महंत जी को Y श्रेणी की सुरक्षा मिली थी, फिर बाहरी आदमी मंदिर में कैसे प्रवेश कर गया. उन्होंने पूछा कि जहां पर रोज सोते थे, मौत वाले दिन वहां क्यों नहीं किया आराम. इन सवालों के साथ ही वेदांती ने इस मामले में जल्द से जल्द सीबीआई जांच पूरी किए जाने की मांग की.

इन्हें भी पढ़ें :
आनंद गिरि और आद्या तिवारी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी पेशी: CJM कोर्ट
तीसरे आरोपी संदीप तिवारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

राम जन्मभूमि न्यास के सदस्य रामविलास दास वेदांती ने कहा कि आत्महत्या के पीछे क्या कारण है यह सवाल आईजी से पूछा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि आनंद गिरि टीवी पर केपी सिंह का नाम ले रहे हैं. केपी सिंह सबसे पहले क्यों आए? क्यों नहीं पहुंचा हल्के का दरोगा या जिलाधिकारी या एसएसपी. उन्होंने कहा कि इस मामले में जिन लोगों के नाम आए हैं, उन सबको कठघरे में खड़ा किया जाए. वेदांती ने मांग की कि स्थानीय पुलिस को हटाकर दूसरे पुलिस अधिकारियों को नियुक्त किया जाए फिर सुव्यवस्थित तरीके से हो पूछताछ.

चार और रामायण सर्किट ट्रेन चलाएगी IRCTC, अयोध्या से रामेश्वर तक होंगे दर्शन, जानिए किराया

रामायण सर्किट ट्रेन में 17 दिन की यात्रा के लिए एसी फर्स्ट क्लास की बुकिंग 1,02,095 रुपये और सेकंड क्लास में 82,950 रुपये में होगी.

राम भक्तों की मांग को देखते हुए चार और रामायण सर्किट ट्रेन (Ramayana Circuit Train) स्पेशल ट्रेन पटरी पर दौड़ने वाली है.

SHARE THIS:

नई दिल्ली. राम भक्तों के लिए भारतीय रेलवे (Indian Railway) की सहायक कंपनी आईआरसीटीसी (IRCTC) एक बड़ी खुशखबरी लेकर आया है. दरअसल, राम भक्तों की मांगों को देखते हुए आईआरसीटीसी ने 4 और रामायण सर्किट ट्रेन (Ramayana Circuit Train) चलाने का फैसला किया है.

7 नवंबर से चल रही है ‘रामायण सर्किट ट्रेन’
पहली रामायण सर्किट ट्रेन 7 नवंबर, 2020 से चलाई जा रही है. इस ट्रेन की शेड्यूलिंग काफी पहले हो चुकी है. इस ट्रेन की बुकिंग फुल हो चुकी है और लगातार इस तरह की ट्रेन की मांग श्रद्धालुओं के तरफ से की जा रही है. इसी को ध्यान में रखकर आईआरसीटीसी ने फैसला लिया है कि इस ट्रेन के अलावा 4 और रामायण सर्किट ट्रेन चलाई जाए. पहले दौर के रामायण सर्किट ट्रेन के बाद अब 16 नवंबर को दूसरी ट्रेन, 25 नवंबर को तीसरी ट्रेन, 27 नवंबर चौथी और 20 जनवरी से पांचवीं ट्रेन चलाई जाएगी.

क्या है रामायण सर्किट ट्रेन
रामायण सर्किट ट्रेन के जरिए भगवान राम से जुड़े धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे. इस ट्रेन से 7,500 किमी की यात्रा 17 दिन में पूरी होगी. ये ट्रेन दिल्ली के सफरदरजंग रेलवे स्टेशन से शुरू होगी. ये ट्रेन यात्रियों को श्रीराम से जुड़े सभी धार्मिक स्थलों के दर्शन कराएगी. पूरी यात्रा में कुल 17 दिन लगेंगे. यात्रा का पहला पड़ाव अयोध्या होगा, जहां श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, श्रीहनुमान मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे. अयोध्या से ये ट्रेन सीतामढ़ी जाएगी, जहां जानकी जन्म स्थान और नेपाल स्थित राम जानकी मंदिर के दर्शन होंगे.

ट्रेन का अगला पड़ाव भगवान शिव की नगरी काशी होगा. फिर चित्रकूट और वहां से नासिक पहुंचेगी. नासिक के बाद प्राचीन किष्किन्धा नगरी हम्पी अगला पड़ाव होगा, जहां अंजनी पर्वत स्थित हनुमान जन्मस्थल के दर्शन कराए जाएंगे. इस ट्रेन का आखिरी पड़ाव रामेश्वरम होगा. रामेश्वरम से चलकर ये ट्रेन 17वें दिन दिल्ली वापस पहुंचेगी. इस यात्रा के लिए एसी फर्स्ट क्लास की बुकिंग 1,02,095 रुपये और सेकंड क्लास में 82,950 रुपये में होगी.

ये भी पढ़ें- 7 दिन के लिए लेह-लद्दाख की वादियों में घूमने का मौका, सिर्फ 15,550 रुपये पड़ेगा खर्च, फटाफट जानें पैकेज डिटेल

रामायण सर्किट ट्रेन में क्या है खास
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस एसी पर्यटक ट्रेन में यात्री कोच के अतिरिक्त दो रेल डाइनिंग रेस्तरां, एक आधुनिक किचन कार और यात्रियों के लिए फुट मसाजर, मिनी लाइब्रेरी, आधुनिक स्वच्छ शौचालय और शॉवर क्यूबिकल आदि की सुविधा भी उपलब्ध होगी. साथ ही सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड, इलेक्ट्रॉनिक लॉकर और सीसीटीवी कैमरे भी हर कोच में उपलब्ध रहेंगे.

यात्रा की पूरी अवधि के दौरान आईआरसीटीसी की टीम स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी सभी प्रोटोकॉल का ध्यान रखेगी. सभी पर्यटकों को फेस मास्क, हैंड ग्लव्स और सैनिटाइज़र रखने के लिए एक सुरक्षा किट दी जाएगी. सभी पर्यटकों और कर्मचारियों का तापमान जांच और हॉल्ट स्टेशनों पर बार-बार ट्रेन सेनिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाएगा. हर भोजन सेवा के बाद रसोई और रेस्तरां को साफ और सेनिटाइज किया जाएगा.

अयोध्या की दीपावली होगी खास, आसमान में दिखेगी श्री राम की कहानी; रोशनी बिखेरेंगे 500 ड्रोन्स

UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ड्रोन शो पर विचार कर रही है. (फाइल फोटो)

सरकार चाहती है कि अयोध्या में भगवान राम के अयोध्या लौटने की कहानी और एनिमेशन व स्टिमुलेशन के जरिए रामायण को दिखाने के लिए ड्रोन शो कराया जाए.

SHARE THIS:

अयोध्या. अयोध्या में इस बार की दीपावली खास होगी. उत्तर प्रदेश (UP) की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adhityanath) सरकार ने 3 नंवबर को पहली बार अयोध्या में 500 ड्रोन की मदद से ‘एरियल ड्रोन शो’ की योजना बनाई है. इसके लिए सरकार ने टेंडर भी आमंत्रित किए हैं. अयोध्या में 10-12 मिनट के शानदार हवाई शो के जरिए आयोजन को ‘और भी भव्य’ बनाने का विचार किया गया है. इस तरह का एक प्रदर्शन टोक्यो ओलंपिक्स में भी देखा गया था, जहां इंटेल की तरफ से 1824 ड्रोन हवा में छोड़े गए थे.

सरकार चाहती है कि अयोध्या में भगवान राम के अयोध्या लौटने की कहानी और एनिमेशन व स्टिमुलेशन के जरिए रामायण को दिखाने के लिए ड्रोन शो एक एजेंसी द्वारा कराया जाए. राज्य सरकार के प्रस्ताव में बताया गया है, ‘एजेंसी से नई तकनीक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ शो दिखाने की उम्मीद की जाती है.’ इसमें पहले से LED प्राप्त क्वाडकॉप्टर्स या मल्टीरॉटर्स का उपयोग किया जाएगा, जो 400 मीटर की ऊंचाई तक 12 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से उड़ सकते हैं. कम से कम अंतराल में विजुअल्स की सही और प्रभावी मॉर्फिंग के लिए ड्रोन की रफ्तार की गणना होगी. साथ ही उनकी लैंडिंग और टेक-ऑफ के लिए क्षेत्र में बैरिकेड्स लगाए जाएंगे.

इंटेल की वेबसाइट के अनुसार, टोक्यो ओलंपिक्स के आधिकारिक ड्रोन पार्टनर रहे इंटेल ने कोचेला से लेकर सुपर बोल तक शानदार ड्रोन शो किए हैं. उनके पास इंजीनियर्स, एनीमेटर्स और फ्लाइट क्रू की एक टीम है, जो शो को शानदार तरीके से तैयार करती है और हकीकत बनाती है. इंटेल 500 ड्रोन शो के लिए करीब 3 लाख डॉलर यानि (2.2 करोड़) रुपये लेती है.

एरियल ड्रोन शो के साथ इस साल राम की पैड़ी के भवनों पर 3-डी होलोग्राफिक शो, 3-डी प्रोजेक्शन मैपिंग और लेजर शो भी होगा. एरियल ड्रोन समेत कार्यक्रम कुल 35 मिनट का होगा, जिसमें 8 मिनट का 3-डी होलोग्राफिक शो और 10 मिनट का 3-डी प्रोजेक्शन मैपिंग शो होगा. कार्यक्रम से पहले इन सभी आयोजनों के ट्रायल भी किए जाएंगे.

Ayodhya: जीतन राम मांझी की राम पर टिप्पणी से आक्रोश, संतों ने उन्हें बताया एक्सीडेंटल हिंदू

भगवान राम पर टिप्पणी को लेकर जीतनराम मांझी पर भड़के अयोध्या के संत.

Ayodhya News: जीतन राम मांझी को अयोध्या के संतों ने एक्सीडेंटल हिंदू बताया है. संतों ने कहा कि उनका बयान दुर्भाग्यपूर्ण है. यह केवल राजनीति से प्रेरित बयान दे रहे हैं. उन्हें अपने माता पिता से पूछना चाहिए था कि उनके नाम में राम क्यों लगाया.

SHARE THIS:

अयोध्या. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीनत राम मांझी Jitan Ram Manjhi के द्वारा भगवान राम को लेकर दिए गए बयान पर अयोध्या Ayodhya के संतो में आक्रोश है. संत समाज ने जीतन राम मांझी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राजनीति चमकाने के लिए इस तरीके का बयान न दें. यह बहुत ही दुखद और बेतुका बयान है. संतों ने तर्क दिया कि उनके नाम में भी राम है और अब उनकी मां और पिता नहीं होंगे. उनको एक बार उनसे भी समझना चाहिए था कि आखिर उनके नाम में राम शब्द का इस्तेमाल क्यों किया गया. अयोध्या के संतो ने कहा कि राजनीति में सनातन धर्म हिंदू देवी देवताओं के बारे में कमेंट करना आम सी बात हो गई है.

जीतन राम मांझी को अयोध्या के संतों ने एक्सीडेंटल हिंदू बताया है और कहा कि उनका बयान दुर्भाग्यपूर्ण है. यह केवल राजनीति से प्रेरित बयान दे रहे हैं. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर भड़के हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है. उनकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है. जहां कण कण में राम हैं भारत की आत्मा राम में बसती हो उस राम के अस्तित्व को नकारना यह दुर्भाग्यपूर्ण है. उनका यह बयान राजनीति से प्रेरित है. उन्हें राजनीति करनी है चुनाव आने वाला है .

उसमें कहा कि सभी को लगता है कि हिंदुत्व को गाली देना हिंदुत्व को टारगेट करना सनातन धर्म पर कुठाराघात करना देवी देवताओं के बारे में कमेंट करना यह राजनेताओं के लिए आम सी बात हो गई है. हिंदुस्तान में हर व्यक्ति स्वतंत्र है. हर व्यक्ति सनातन धर्म के बारे में कुछ न कुछ बोलता रहता है, क्योंकि उसको राजनीतिक रोटी सेंकनी है. महंत राजू दास ने पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को एक्सीडेंटल हिंदू बताया और कहां की जीतन राम मांझी उनके नाम में राम जुड़ा है. राम के अस्तित्व को नहीं मानता है अब जीतन राम मांझी के माता-पिता स्वर्गवासी हो गए होंगे उनको अपने माता-पिता से पूछना चाहिए था कि नाम में राम क्यों लगाया गया है.

दरअसल जीतन राम मांझी से जब सवाल पूछा गया था कि क्या बिहार के स्कूल और कॉलेज के पाठ्यक्रम में रामचरितमानस और रामायण की पढ़ाई शामिल की जाए, तो इस पर जीतन राम मांझी ने कहा कि राम कोई जीवित और महापुरुष व्यक्ति थे, ऐसा मैं नही मानता. रामायण की कहानी को भी सच नहीं मानता, लेकिन रामायण में कही गई बातों का समर्थन करता हूं. मांझी ने कहा कि रामायण में लोगों के लिए अच्छी बातें कही गई हैं. इन बातों से बेहतर व्यक्तित्व का निर्माण होता है. रामायण के कई श्लोक हैं जो हमें सही राह दिखाते हैं. रामायण की बातों को शिक्षा में शामिल करना चाहिए और मैं इसे पढ़ाई में शामिल करने का पक्षधर हूं.

वही रामा दल ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत कल्किराम ने कहा कि भगवान राम को लेकर के बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी जो टिप्पणी की है वह बहुत ही निंदनीय है.

अब अयोध्या में साधु की संदिग्‍ध मौत, मंदिर की छत से गिरा, मौके पर ही दर्दनाक मौत

अयोध्या में साधु की संदिग्‍ध मौत होने के बाद अब पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है.

Ayodhya News: अयोध्या के श्री राम मंत्रार्थ मंडपम मंदिर की तीसरी मंजिल से सुबह 10 बजे गिरा साधु, कई दिनों से अवसाद में बताया जा रहा है साधु. पुलिस ने शव को कब्जे में लिया.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 17:30 IST
SHARE THIS:

अयोध्या. महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्‍ध परिस्‍थितियों में मौत के बाद अब अयोध्या में भी एक साधु की मौत हो गई है. श्री राम मंत्रार्थ मंडपम मंदिर की तीसरी मंजिल से गिर जाने के कारण साधु की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. साधु की पहचान मणिराम दास के तौर पर हुई है. साधु ने आत्महत्या की है या ये हादसा है इस संबंध में फिलहाल जानकारी नहीं मिल सकी है. पुलिस ने साधु के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है.

अवसाद में चल रहा था साधु
प्राथमिक जांच में पता चला है कि साधु काफी दिनों से अवसाद में था. हालांकि उसके अवसाद के कारणों का पता नहीं चल सका है. फिलहाल मामले में पुलिस मंदिर प्रशासन और अन्य साधुओं से पूछताछ कर रही है. साथ ही साधु के फोन रिकॉर्ड भी देखे जा रहे हैं.

साधुओं में शोक की लहर
साधु मणिराम दास की मौत के बाद अयोध्या में साधुओं के बीच शोक की लहर है. सूत्रों का कहना है कि मणिराम पिछले कुछ दिनों से बातचीत कम कर रहे थे. वे पिछले कई दिनों से अकेले ही रह रहे थे और बहुत ही कम बाहर निकलते थे. हालांकि उन्होंने अपनी परेशानी का जिक्र किसी से भी नहीं किया था. वे कुछ दिनों से अपने कमरे में ही रह रहे थे.

गौरतलब है कि इससे पहले प्रयागराज में महंत नरेंद्र गिरि ने आत्महत्या कर ली थी. वे एक सुसाइड नोट भी छोड़ कर गए थे जिसमें उन्होंने अपने शिष्य आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी पर मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. इन तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. वहीं महंत नरेंद्र गिरि को बुधवार को उनके गुरु के बगल में समाधि दे दी गई.

Ujjain : महंत नरेन्द्र गिरि की मौत की खबर से संत समाज स्तब्ध, CBI जांच की मांग

 महंत नरेंद्र गिरी सुसाइड नोट में परेशानी का कारण छोड़ गए हैं.

Narendra Giri Passed Away : उज्जैन अखाड़ा परिषद् के महामंत्री महंत अवधेशानंद ने नरेंद्र गिरि (Narendra Giri) की मौत पर सवाल उठाये. केंद्र और राज्य सरकार से सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने कहा नरेंद्र गिरि का इस तरह से जाना पीड़ा देता है. अवधेशानंद ने संतों की सुरक्षा के लिए क़ानून बनाने की मांग की है.

SHARE THIS:

उज्जैन. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की मौत की खबर से उज्जैन (Ujjain) का संत समाज भी स्तब्ध है. किसी को इस पर यकीन ही नहीं हो रहा है. संतों ने CBI जांच की मांग की है. उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए संत प्रयागराज के लिए रवाना हो गए हैं.

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी की मौत की खबर जैसे ही यहां पहुंची उज्जैन के संत समाज में शोक की लहर फैल गयी. नरेंद्र गिरी का उज्जैन से लगाव रहा है. उन्होंने सिंहस्थ 2016 में शहर के विकास के लिए काफी काम करवाए थे. क्षिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने और संतों के हित में काम करने वाले अखाड़ा परिषद् के अध्यक्ष की संदिग्ध हालात में मौत पर अखाड़े के संत अब CBI जांच की मांग कर रहे हैं. कई संत रात को ही प्रयागराज के लिए रवाना हो गए हैं.

संत समाज में लोकप्रिय थे
2016 में उज्जैन सिंहस्थ की कमान नरेंद्र गिरि के हाथों में थी. प्रदूषित क्षिप्रा का मुद्दा हो या फिर सिंहस्थ की जमीन पर अतिक्रमण या संतों के हित की बात. उन्होंने सीएम शिवराज सिंह के सामने ये मुद्दे उठाए थे. इसलिए वो सभी अखाड़ों के सम्माननीय बन गए थे. आज उनकी एकाएक मौत की खबर के बाद अब संत समाज में रोष भी है और दुःख भी.

संदिग्ध हालात पर सवाल
उज्जैन अखाड़ा परिषद् के महामंत्री महंत अवधेशानंद ने नरेंद्र गिरि की मौत पर सवाल उठाये. केंद्र और राज्य सरकार से सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने कहा नरेंद्र गिरि का इस तरह से जाना पीड़ा देता है. अवधेशानंद ने संतों की सुरक्षा के लिए क़ानून बनाने की मांग की है. आव्हान अखाड़े के महामंडलेश्वर अतुलेशानन्द ने कहा दिवंगत आत्मा को भगवान शांति प्रदान करे. उत्तर प्रदेश सरकार से विनती है कि मौत की निष्पक्ष जांच होना चाहिए. जूना अखाड़े के राष्ट्रीय सचिव मोहन भारती ने कहा वे उच्च कोटि के संत थे. उनकी मौत की खबर सुनकर काफी दुःख हुआ. हमने साथ में दो कुम्भ किये लेकिन किन परिस्थियों में उनकी मौत हुई ये जांच के बाद पता चलेगा. फिलहाल हम सब प्रयागराज के लिए निकल रहे हैं.

RIP Mahant Narendra Giri: राम मंदिर निर्माण हो या कोई और मुद्दा, खुलकर अपनी राय रखते थे महंत नरेंद्र गिरी

Mahant Narendra Giri Death: राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते थे महंत नरेंद्र गिरी.

RIP Mahant Narendra Giri: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध स्थितियों में हुई मौत. राम मंदिर से लेकर देश के तमाम चर्चित मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते थे महंत नरेंद्र गिरी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 20:31 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. देश के जाने-माने संत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की आज संदिग्ध स्थितियों में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि शिष्य के साथ किसी विवाद को लेकर वे पिछले कुछ समय से मानसिक दबाव में थे. संभवतः इसी तनाव की वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली. हालांकि उनकी मौत खुदकुशी है या हत्या, इस पर अभी पुलिस ने किसी तरह का आधिकारिक बयान नहीं दिया है. राम मंदिर का मुद्दा हो या, तालिबान या फिर जनसंख्या नियंत्रण जैसा मसला, अपनी बेबाक राय रखने वाले महंत नरेंद्र गिरी के निधन से भारत का साधु-संत समाज आज मर्माहत है. खासकर अयोध्या में उनकी मौत के बाद शोक की लहर दौड़ गई है. देशभर के जाने-माने नेताओं ने हिंदू समाज के इस प्रख्यात संत के निधन पर गहरी शोक संवेदना जताई है.

राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर महंत नरेंद्र गिरी अपने स्पष्ट विचार रखने के लिए जाने जाते थे. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का फैसला हो या देश में तालिबान का समर्थन करने का विरोध, वह ऐसे सभी मुद्दों पर गंभीरता से अपनी बात रखने के लिए जाने जाते थे. केंद्र सरकार ने जब मुस्लिम समाज में प्रचलित तीन तलाक को लेकर ऐतिहासिक कानून बनाया, तो महंत गिरी ने आगे आकर इस फैसले का समर्थन किया और इसे मुस्लिम समाज के हित में बताया. इसी तरह जब अफगानिस्तान में तालिबान समर्थकों ने देश पर कब्जा किया तो भारत में उसके समर्थन में बयान आए, जिसका उन्होंने कड़ा विरोध किया. ऐसे लोगों को उन्होंने देश विरोधी कहा.

जनसंख्या नियंत्रण के मामले पर भी महंत नरेंद्र गिरी ने कई बार सार्वजनिक तौर पर अपने विचार खुलकर स्पष्ट किए. न सिर्फ राजनीतिक दृष्टि से बल्कि, धार्मिक और सामाजिक मसलों पर भी उनकी राय का व्यापक असर देखा जाता था. उनके विरोधी भी इस स्पष्टवादिता के लिए उनका सम्मान करते थे. आज जब संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मृत्यु हो गई, तो इसी वजह से देशभर के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने शोक संवेदना प्रकट की है. गौरतलब है कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के भीतर अंदरूनी मतभेदों की वजह से उनकी मृत्यु की खबरें आ रही हैं. बताया गया है कि प्रयागराज में महंत नरेंद्र गिरी का कमरा अंदर से बंद मिला. संदेह होने पर जब उसे खोला गया, तो अंदर उनका शव मिला.

संदिग्‍ध हालात में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की मौत, मौके से मिला सुसाइड नोट

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष की मौत के बाद पुलिस ने प्राथमिक जांच के आधार पर उनकी हत्या की बात से इनकार किया है. सूत्रों के हवाले से बताया गया कि नरेंद्र गिरी ने आत्महत्या की है. हालांकि प्रयागराज के जिस वाघंबरी मठ में उनका शव मिला है, पुलिस अभी वहां किसी को जाने नहीं दे रही है. फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है. पुलिस ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि महंत नरेंद्र गिरी की मौत हत्या है या खुदकुशी.

RIP Mahant Narendra Giri: महंत नरेंद्र गिरि के निधन से शोक में डूबी अयोध्या, CM योगी ने दी श्रद्धांजलि

RIP Mahant Narendra Giri: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का निधन हो गया.

RIP Mahant Narendra Giri: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर देशभर के नेताओं ने जताया शोक. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत कई अन्य नेताओं ने दी श्रद्धांजलि.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 19:28 IST
SHARE THIS:

अयोध्या. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी के निधन से धर्मनगरी अयोध्या में शोक की लहर दौड़ गई है. अयोध्या में उनके निधन का समाचार पहुंचते ही संतों में शोक की लहर दौड़ गई. देशभर के नेताओं ने भी महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर श्रद्धांजलि व्यक्त की है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व सीएम अखिलेश यादव, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है. हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के निधन बेहद दुखद बताया है. राजू दास ने कहा कि भगवान से प्रार्थना है कि मृत आत्मा को शांति प्रदान करें. नरेंद्र गिरी का निधन साधु समाज के लिए अपार क्षति के समान है.

हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि स्व. नरेंद्र गिरि सनातन धर्म की रक्षा के लिए समर्पित रहते थे. सभी वर्ग और सभी सम्प्रदायों में उनका सम्मान था. न सिर्फ हिंदू धर्म, बल्कि अन्य धर्मों के लोग भी उन्हें सम्मान देते थे. राजू दास ने कहा कि उनका निधन सनातन धर्म के लिए अपार क्षति है. दुख की घड़ी में उनके अनुयायियों और शिष्यों को ईश्वर कष्ट सहन करने की शक्ति दे.

इधर, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महंत के निधन को आध्यात्मिक जगत के लिए क्षति बताया है. सीएम योगी ने ट्वीट किया, ‘अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति!’ यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत कई अन्य नेताओं ने भी महंत नरेंद्र गिरि के देहांत पर शोक संवेदना प्रकट की है.

UP Hindi News, Akhil Bhartiya Akhada Parishad, Mahant Narendra Giri, RIP Mahant Narendra Giri,

RIP Mahant Narendra Giri: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर शोक प्रकट किया.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत कई अन्य नेताओं ने भी नरेंद्र गिरि के देहांत पर शोक संवेदना प्रकट की है. अखिलेश यादव ने उनके निधन पर ट्वीट किया, ‘अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पूज्य नरेंद्र गिरी जी का निधन, अपूरणीय क्षति! ईश्वर पुण्य आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व उनके अनुयायियों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें. भावभीनी श्रद्धांजलि.’

UP Hindi News, Akhil Bhartiya Akhada Parishad, Mahant Narendra Giri, RIP Mahant Narendra Giri,

RIP Mahant Narendra Giri: सपा प्रमुख अखिलेश यादव, एमपी के सीएम शिवराज समेत कई नेताओं ने नरेंद्र गिरि के निधन पर शोक प्रकट किया.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी महंत के निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट की. उन्होंने कहा, ‘अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पूज्य संत महंत नरेंद्र गिरी जी महाराज के देवलोकगमन की दुःखद सूचना मिली. सनातन धर्म के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले पूज्य स्वामीजी द्वारा समाज के कल्याण में दिए योगदान को सदैव याद किया जाएगा. ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें.’

UP Hindi News, Akhil Bhartiya Akhada Parishad, Mahant Narendra Giri, RIP Mahant Narendra Giri,

RIP Mahant Narendra Giri: यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने नरेंद्र गिरि के निधन पर जताया शोक.

यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के देहांत पर संवेदना प्रकट की है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि पूज्य महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज ने ख़ुदकुशी की होगी, स्तब्ध हूं, निःशब्द हूं, आहत हूं, मैं बचपन से उन्हें जानता था, साहस की प्रतिमूर्ति थे,मैंने कल ही सुबह 19 सितंबर को आशीर्वाद प्राप्त किया था, उस समय वह बहुत सामान्य थे बहुत ही दुखद असहनीय समाचार है ! पूज्य महाराज जी ने देश धर्म संस्कृति के लिए जो योगदान दिया है उसे भूलाया नहीं जा सकता है ,अश्रुपूर्ण विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. भगवान से प्रार्थना है कि सभी भक्तों शिष्यों को दुख सहने की शक्ति दें भगवान पुण्यात्मा को चरणों में स्थान दें !! ॐ शान्ति शान्ति शान्ति’

अयोध्या: हनुमानगढ़ी पहुंचे CM योगी, मांगा 2022 में विजय का आशीर्वाद, रामलला से भी प्रार्थना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या पहुंचकर  हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन किए.

UP Assembly Election 2022 : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या पहुंचकर हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन किए. महंत राजू दास ने कहा कि सीएम योगी ने हनुमान जी से 2022 के विधानसभा चुनाव में विजय मिलने की प्रार्थना की है.

SHARE THIS:

अयोध्या. अयोध्या (Ayodhya) में आयोजित पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के दूसरे दिन समापन अवसर पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) अयोध्या पहुंचे. यहां वह सबसे पहले हनुमानगढ़ी (Hanumangarhi) पहुंचे. उनके साथ मौजूद रहे हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास की मानें तो उन्होंने हनुमान जी से 2022 के विधानसभा चुनाव में विजय मिलने की प्रार्थना की. उनका आशीर्वाद लेते हुए कहा कि अब मैं आपके आराध्य भगवान श्रीराम का दर्शन करने आपकी आज्ञा लेकर जा रहा हूं. 2022 में हमारी विजय हो.

हनुमानगढ़ी में दर्शन पूजन के बाद आदित्यनाथ योगी सीधे रामलला के दरबार में पहुंचे. उन्होंने पहले उनके अस्थाई मंदिर में पूजा अर्चना की और उसके बाद उस स्थान को देखने गए जहां रामलला का भव्य और दिव्य राम मंदिर निर्माण हो रहा है. मंदिर का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद योगी आदित्यनाथ सीधे पार्टी के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में भाग लेने चले गए.

इन्हें भी पढ़ें :
अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कहा- ‘ठग का साथ, ठग का विकास, ठग का विश्वास, ठग का प्रयास’
योगी सरकार के साढ़े 4 साल पूरे होने पर मायावती और प्रियंका गांधी ने साधा निशाना, बोलीं- विज्ञापन और दावे अधिकांश हवा-हवाई

हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि हनुमान जी को कलयुग का राजा कहा जाता है. राम दुआरे तुम रखवारे, होत न आज्ञा बिन पैसारे. हनुमान जी महाराज राजा हैं और आज उत्तर प्रदेश के राजा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हनुमान जी के सामने मत्था टेकने पहुंचे. उन्होंने विनती की है कि 2022 जो राम काज के लिए भारतीय जनता पार्टी का जन्म हुआ है. राम जन्मभूमि भव्य दिव्य कैसे निर्माण हो सके किसी भी प्रकार का विघ्न बाधा न आए. उन्होंने भगवान राम के दर्शन किए. उन्होंने हनुमान जी के दरबार से विजय अभियान की शुरुआत और 2022 में चुनाव में विजय हो इसको लेकर आशीर्वाद मांगा है. इसके साथ ही सीएम ने राम मंदिर निर्माणस्थल का भी स्थलीय निरीक्षण किया.

पूर्वांचल में कितना हुआ विकास? खुद जाकर देखेंगे CM योगी, आज से 4 जिलों का करेंगे दौरा

UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज से शुरू होगा 4 जिलों का दौरा (File photo)

CM Yogi Poorvanchal Visit: यूपी में भाजपा सरकार के साढ़े 4 साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज से पूर्वांचल के 4 जिलों के दौरे पर निकल रहे हैं. वे आज अयोध्या और वाराणसी जाएंगे, कल गाजीपुर व जौनपुर में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे.

SHARE THIS:

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज रविवार से चार जिलों के दौरे पर रहेंगे. सीएम योगी आज लोकभवन में अपनी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर एक प्रेस ब्रीफिंग के बाद अयोध्या के लिए रवाना होंगे. अयोध्या में वे पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के समापन सत्र को सम्बोधित करेंगे. अयोध्या के बाद सीएम योगी करीब 5 बजे तक वाराणसी के लिए रवाना होंगे. वाराणसी में पीएम मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में संगठन की तरफ से 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक चलाए जा रहे सेवा समर्पण अभियान के कार्यक्रम में शामिल होंगे.

सीएम वाराणसी में ब्लड डोनेशन कैंप की शुरुआत भी कर सकते है. वाराणसी में ही रात्रि विश्राम करेंगे. इसके बाद सोमवार को पूर्वांचल के दो जिलों का दौरा करेंगे. सीएम सोमवार को गाजीपुर और जौनपुर का दौरा कर विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखेंगे. इसके बाद वे लखनऊ लौटेंगे.

यह भी पढे़ं- यूपी में दंगे और साम्प्रदायिक तनाव वाली घटनाओं में आई कमी, जानिए क्या कह रहे NCRB के आंकड़े

बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आज अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल पूरा कर रही है. इस मौके पर सरकार ने राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया है. सीएम योगी से लेकर केंद्र और राज्य सरकार के मंत्री, सांसद इन कांफ्रेस को संबोधित करेंगे. इस मौके पर योगी सरकार की साढ़े 4 साल के कार्यकाल में किए गए कामकाज पर बुकलेट भी जारी की जाएगी.

पिछड़ों को साधने में जुटी BJP
उत्तर प्रदेश में 2022 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पिछड़ों को एकजुट करने का निर्णय लिया है. जिसके बाद प्रदेश भर में सितंबर और अक्टूबर में भारतीय जनता पार्टी एक बड़े स्तर पर ओबीसी सम्मेलन करने जा रही है. जिससे कि आगामी विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से पिछड़ों की राजनीति कर बीजेपी सत्ता पर फिर से काबिज हो सके.

स्वतंत्र देव का SP-BSP पर हमला : कहा- एक वंश, एक परिवार ने पूरे राज्य को लूटा

स्वतंत्र देव सिंह ने कहा एसपी बीएसपी के शासन में एक ही परिवार खानदान के लोग राज्य में लूट करते रहे हैं.

swatantra dev singh : बीजेपी ओबीसी मोर्चा की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि बीजेपी हमेशा गांव, गरीब किसान, झुग्गी झोपड़ी के लोगों और आदिवासी बनवासी की खुशहाली की बात करती है. वहीं एसपी, बीएसपी के शासन में एक ही परिवार खानदान के लोग राज्य में लूट करते रहे हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 18:33 IST
SHARE THIS:

अयोध्या. बीजेपी ओबीसी मोर्चा (bjp obc morcha) की पहले दिन की कार्यसमिति की बैठक में उत्तर प्रदेश (uttar pradesh) के सियासी मिजाज पर मंथन हुआ. बैठक में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह (swatantra dev singh) ने कहा कि भाजपा हमेशा गांव, गरीब किसान, झुग्गी झोपड़ी के लोगों और आदिवासी बनवासी की खुशहाली की बात करती है. वहीं एसपी बीएसपी के शासन में एक ही परिवार खानदान के लोग राज्य में लूट करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में अंतिम व्यक्ति तक भरपेट भोजन मिले, रहने को छत मिले, शिक्षा फ्री हो, आवास फ्री हो, चिकित्सा फ्री हो इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक एक कदम आगे बढ़ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि हम एसपी, बीएसपी की बात नहीं करते, जो एक वंश एक परिवार पूरे राज्य को लूटते रहे हैं. एक खानदान में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा की है और पूरे राज्य को इन्होंने जमकर लूटा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक ईमानदार नेतृत्व चाहिए, परिश्रमी नेतृत्व चाहिए जो गरीबों की चिंता करें गुंडागर्दी को समाप्त कर सके और गरीबों को खुशी दिला सके. रात 12:00 बजे कोई बेटी निकले तो सम्मान पूर्वक घर पहुंचे ऐसा नेतृत्व राज्य योगी और देश के लिए मोदी ही दे रहे हैं.

उन्होंने कहा कि मोदी जी का 17 तारीख को जन्मदिन था. 7 अक्टूबर तक जन्मदिन मनाया जाएगा. संपूर्ण राज्य में ओबीसी मोर्चा सभी मोर्चे से कहा गया है कि वे इसे मनाएं. 19 अक्टूबर को सरकार के साढ़े 4 साल पूरे होने पर सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी. इसके साथ ही 25 अक्टूबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर 27700 केंद्रों पर चौपाल कार्यक्रम होगा. 24 अक्टूबर को पूर्व संध्या पर सभी बूथों पर लोग पंडित जी को पुष्पांजलि देंगे. उनके त्याग और तपस्या के बारे में लोगों को बताएंगे.

2 अक्टूबर को चलेगा स्वच्छता अभियान

2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर विशेष कार्यक्रम कराए जाएंगे. इस दिन स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा. 7 अक्टूबर को पीएम मोदी ने 20 साल शासन चलाते समय जो सामाजिक कार्य किया है उसको लेकर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ सामाजिक आंदोलन स्वच्छता सामाजिक आंदोलन चलाया वह सभी कार्यक्रम किए जाएंगे. सभी लोग नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को स्वीकार करते हैं. सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास से ये सरकार को जनता का साथ मिला है. पीएम मोदी एक गरीब परिवार में पढ़े हुए और गरीबों का एहसास करने वाले व्यक्ति हैं. वह पूरी दुनिया में गरीबों की आत्मा से सेवा कर रहे हैं.

UP Weather Update: जानिए क्यों हो रही है ऐसी तूफानी बारिश? लखनऊ सहित कई जिलाें में टूटे रिकॉर्ड

UP: भारी बारिश के चलते लखनऊ के गोमतीनगर में बीच सड़क पर गिरा पेड़.

Lucknow News: लखनऊ स्थित मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि बारिश की ये रफ्तार आज गुरुवार को पूरे दिन जारी रहेगी. कई जिलों में तो इस मॉनसूनी सीजन की सबसे ज्यादा बारिश रिकार्ड की गयी है.

SHARE THIS:

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पश्चिमी यूपी (Western UP) के कुछ जिलों को छोड़ दें तो पूरे सूबे में बारिश (Rainfall) का सिलसिला कमोबेश कल बुधवार से ही चल रहा है. बारिश का ज्यादा जोर लखनऊ (Lucknow) और इसके आसपास के जिलों में देखने को मिल रहा है. लखनऊ में तो बीती रात 12 बजे से ही बरसात थमी नहीं है. और तो और इसमें लगातार बढ़ोतरी ही देखने को मिल रही है. तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश के कारण शहर में जगह जगह पेड़ भी गिर गये हैं.

प्रदेश के चार ऐसे जिले हैं जहां पिछले 24 घण्टों में 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हो चुकी है. लखनऊ में बुधवार से अभी तक 107 मिलीमीटर, रायबरेली में 186 मिमी, सुल्तानपुर में 118 मिमी और अयोध्या में 104 मिमी बारिश हो चुकी है. रायबरेली में तो स्कूलों में छुट्टी कर दी गयी है. इसके अलावा पिछले 24 घण्टों में गोरखपुर में 96.6 मिमी, वाराणसी में 88 मिमी, बाराबंकी में 94 मिमी और बहराइच में 30 मिमी बारिश दर्ज की गयी है.

लखनऊ स्थित मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि बारिश की ये रफ्तार आज गुरुवार को पूरे दिन जारी रहेगी. रात से या शुक्रवार की सुबह से इसकी तीव्रता थोड़ी कम हो सकती है. हालांकि इस पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश जारी रहेगी. कई जिलों में तो इस मॉनसूनी सीजन की सबसे ज्यादा बारिश रिकार्ड की गयी है.

क्यों हो रही है ऐसी तूफानी बारिश?

निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसकी वजह से बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवायें उस ओर बढ़ रही हैं. मॉनसूनी सीजन में हवा में नमी भरपूर हो रही है. बंगाल की खाड़ी से चलकर मध्यप्रदेश की ओर बढ़ने वाली नम हवाओं के कारण मध्य यूपी में जोरदार बारिश हो रही है. संभावना ये है कि कल शुक्रवार तक इसमें काफी कमी आ जायेगी. तेज हवायें भी थम जायेंगी.

लखनऊ में भारी बारिश से कई मुख्य रास्ते बंद, गोमतीनगर सहित तमाम इलाकों में भरा पानी

वैसे तो पश्चिमी यूपी के जिलों में भी हल्की बदली छायी हुई है लेकिन, ज्यादा बारिश की फिलहाल संभावना नहीं जताी गयी है. राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखण्ड की सीमा से लगने वाले यूपी के जिलों में फिलहाल बारिश का ज्यादा जोर देखने को नहीं मिल रहा है.

बीती रात से अभी तक 7 की मौत

तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश से जान- माल को भी काफी नुकसान पहुंचा है. न्यूज़ 18 को मिली जानकारी के मुताबिक बीती रात से अभी तक कुल 7 लोगों की मौत हो चुकी है. सभी लोगों की मौत कच्ची दीवार गिरने की चपेट में आने से हुई है.

हथिया नक्षत्र से पहले ही लखनऊ समेत कई इलाकों में जोरदार बारिश, ऑरेंज अलर्ट भी जारी

मिली जानकारी के अनुसार जौनपुर में 4, सीतापुर में 1, अयोध्या  में 1 और रायबरेली  में भी 1 की मौत हुई है. बारिश का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा तो कई हादसों की आशंका बनी हुई है.

UP: आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अभेद्य किले में बदली अयोध्या, चप्पे-चप्पे पर पहरा

आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अयोध्या में सुरक्षा अलर्ट​, सड़कों पर सख्ती, हर तरफ पहरा.

Ayodhya Security Alert: दिल्ली और यूपी से आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अयोध्या में अलर्ट है. सुरक्षा के इंतजाम और कड़े कर दिए गए. प्रवेश द्वार सील कर सघन जांच हो रही है. सीसीटीवी और सादे वर्दी में राम की नगरी की निगरानी हो रही है.

SHARE THIS:

अयोध्या. दिल्ली और उत्तर प्रदेश से आतंकियों की गिरफ्तारी (Terrorist arrested) के बाद अयोध्या (Ayodhya) की सुरक्षा का घेरा सख्त कर दिया गया है. अयोध्या के सभी प्रवेश द्वारों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. साथ ही हर आने-जाने वाले के ऊपर नजर रखी जा रही है, हालांकि अयोध्या की संवेदनशीलता को देखते हुए अयोध्या हमेशा ही सुरक्षा घेरे में रहती है. यहां राम जन्मभूमि (Ram Janmabhoomi) का फैसला आने के बाद बड़ी संख्या में सुरक्षाबल अयोध्या की सीमा पर तैनात रहता है.

अयोध्या उत्तर प्रदेश के संवेदनशील शहरों में से एक है. इसकी सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से इस सुरक्षा घेरे को सख्त रखा गया है. हाल ही में देश की राजधानी दिल्ली में दो आतंकियों के गिरफ्तारी के उत्तर प्रदेश कनेक्शन को देखते हुए अयोध्या का सुरक्षा घेरा और भी सख्त कर दिया गया है. राम जन्मभूमि जाने वाले मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. साथ ही अयोध्या के प्रवेश द्वार पर भी चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. अयोध्या में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की तलाशी ली जा रही है. वाहनों की चेकिंग की जा रही है और कागजात भी चेक किए जा रहे हैं.

दिल्ली और उत्तर प्रदेश से आतंकियों के गिरफ्तारी के बाद लगातार खुफिया विभाग अलर्ट पर है. पकड़े गए आतंकी किसी बड़ी घटना की साजिश के फिराक में थे. अयोध्या में पूर्व में भी आतंकी हमला 5 जुलाई 2005 को हो चुका है. इस वजह से अयोध्या की संवेदनशीलता को देखते हुए अयोध्या की सुरक्षा को सख्त कर दिया गया है.

अयोध्या को अभेद्य किले के रूप में बदल दिया गया है, लेकिन अयोध्या की सुरक्षा में कोई सेंध न लगे इसके लिए अयोध्या में प्रवेश द्वार पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल लगे हुए हैं. अयोध्या में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों को सख्त चेकिंग अभियान से गुजरना पड़ रहा है. वाहनों की तलाशी ली जा रही है. वाहन स्वामियों की आईडी चेक की जा रही है. साथ ही संदिग्धों पर भी नजर रखी जा रही है. अयोध्या में लगे सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी हो रही है. कंट्रोल रूम पर बैठकर सुरक्षा बल के जवान अयोध्या में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति के ऊपर नजर बनाए हुए हैं.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नगर विजय पाल सिंह ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से अयोध्या हमेशा अलर्ट रहती है. निरंतर चेकिंग हो रही है. सादे वस्त्रों में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं जो हर आने जाने वालों पर नजर रखे हुए हैं. खुफिया तंत्र अपना काम कर रहे हैं. लगातार सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बलों की ब्रीफिंग की जा रही है. समय-समय पर जनता को भी जागरूक किया जाता है. सुरक्षा की दृष्टि से संपूर्ण अयोध्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. अयोध्या के सभी प्रवेश द्वार और मार्गों पर बैरियर स्थापित हैं. बैरियर पर सशस्त्र पुलिस बल तैनात है और निरंतर चेकिंग की कार्रवाई की जा रही है. सभी से अपील भी की जा रही है कहीं भी कोई भी लावारिस वस्तु नजर आती है तो उसकी सूचना दें. अयोध्या हमेशा अलर्ट रहती है और समय-समय पर यहां पर चेकिंग भी प्रशासन के द्वारा कराई जाती है.

MP: ये परीक्षा पास कीजिए और रामलला के दर्शन के लिए जीतिए अयोध्या का टिकट

MP का तुलसी मानस प्रतिष्ठान ये परीक्षा करवा रहा है.

Ticket to Ayodhya : भगवान राम पर आधारित इस परीक्षा की नई बात ये है कि विजेता को पुरस्कार के तौर पर अयोध्या की यात्रा कराई जाएगी. उसे अयोध्या जाने के लिए प्लेन का टिकट दिया जाएगा. विजेता के लिये उसके गृह नगर से वायुयान से अयोध्या आने जाने औऱ रूकने ठहरने का इंतज़ाम कराया जाएगा.

SHARE THIS:

भोपाल. राम के नाम पर सत्ता में आई बीजेपी (BJP) पूरी तरह राममय हो गई है. एमपी की राजनीति में आजकल भगवान राम (Ram) का नाम बार बार जपा जा रहा है. पहले तो राज्य सरकार ने रामचरित मानस को कॉलेज के पाठ्यक्रम में शामिल किया और अब संस्कृति विभाग राम के नाम पर प्रदेश भर में परीक्षा करा रहा है. विजेता को बतौर पुरस्कार अयोध्या में राम लला के वीआईपी दर्शन कराए जाएंगे.

भोपाल के तुलसी मानस प्रतिष्ठान ये परीक्षा करने जा रहा है. परीक्षा तीन चरणों में ज़िला, संभाग और प्रदेश स्तर पर काम करेगी. परीक्षा का विषय है- राजा राम से वनवासी राम- और इसमें रामायण के अयोध्या कांड से जुड़े बहुविकल्पीय सवाल पूछे जायेंगे.

अयोध्याकांड
तुलसी मानस प्रतिष्ठान के अध्यक्ष रघुनंदन शर्मा ने बताया कि हमने ये तय किया है कि राम और नैतिक मूल्यों और मर्यादा के बारे में जन-जन और नई पीढ़ी तक जानकारी पहुंचाई जाए. इसका नाम हमने भले ही वनवासी राम से लेकर राजाराम तक रखा है लेकिन परीक्षा सिर्फ अयोध्या कांड तक ही सीमित है. परीक्षा के अलावा आनंद के धाम श्री राम नाम से एक गोष्ठी भी की जाएगी.

टिकट To अयोध्या
भगवान राम पर आधारित इस परीक्षा की नई बात ये है कि विजेता को पुरस्कार के तौर पर अयोध्या की यात्रा करायी जाएगी. उसे अयोध्या जाने के लिए प्लेन का टिकट दिया जाएगा. विजेता के लिये उसके गृह नगर से वायुयान से अयोध्या आने जाने औऱ रूकने ठहरने का इंतज़ाम कराया जाएगा. ये पुरस्कार पहले, दूसरे और तीसरे नंबर पर आने वाले तीन विजेताओं को देने का प्लान है. नगद पुरस्कार की बजाय अयोध्या की यात्रा का पुरस्कार देना हमें बेहतर लगा.

अयोध्या में मनीष सिसोदिया की शपथ: राम से प्रेरणा लेकर केजरीवाल के दिखाए रास्ते पर करेंगे राजनीति

राम से प्रेरणा लेकर अरविंद केजरीवाल के दिखाए रास्ते पर करेंगे राजनीति: सिसोदिया

UP Assembly Election 2022: अयोध्या में मनीष सिसोदिया ने कार्यकर्ताओं को शपथ दिलाते हुए कहा कि वह साफ सुधरी राजनीति करेंगे. वह भगवान राम के दिखाए गए मार्ग पर चलेंगे. राम की प्रेरणा लेकर अरविंद केजरीवाल के दिखाए गए रास्ते पर राजनीति करेंगे.

SHARE THIS:

अयोध्या. अयोध्या (Ayodhya) के गांधी पार्क में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) की तिरंगा यात्रा के समापन पर जनसभा की गई. गांधी पार्क में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा और संवैधानिक दायित्यों का पालन कर चलने का संकल्प दिलाया.

आप नेता और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने संकल्प दिलाते हुए कहा कि जो जनता को सम्मान से नहीं देखेगा उसे जेल भिजवा कर छोड़ेंगे. सभा के दौरान सिसोदिया ने  कहा कि वह साफ सुधरी राजनीति करेंगे. यूपी में उनकी सरकार बनती है तो आज के मुकाबले में किसानों को दुगुना लाभ दिलाएंगे. वह भगवान राम के दिखाए गए मार्ग पर चलेंगे. भगवान राम की प्रेरणा लेकर राजनीति करेंगे और अरविंद केजरीवाल के दिखाए गए रास्ते पर राजनीति करेंगे. इस तिरंगे की शान बनाकर रहेंगे.

ayodhya news, aap tiranga yatra

मनीष सिसोदिया पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमने कार्यकर्ताओं को संकल्प दिलाया है कि हम भगवान राम के आदर्शों पर चलकर राजनीति करेंगे. उत्तर प्रदेश में रहने वाले हर बच्चे के लिए शिक्षा, बहनों को सुरक्षा, किसानों को फसल का दुगना दाम, नौजवानों के लिए रोजगार, इस सब का ईमानदारी से इंतजाम करने के लिए उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी सरकार बनाएगी.

आप नेता पहले आने से कतराते थे, अब वोट के लिए लगा रहे चक्कर: बृजेश पाठक

राम नगरी पहुंचे यूपी के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जो लोग पहले श्री राम का दर्शन और अयोध्या आने से कतराते थे आज अयोध्या का चक्कर लगा रहे हैं. उनको चिंता थी कहीं उनका वोट बैंक न डिस्टर्ब हो जाए. प्रभु श्री राम और हनुमान जी जानते हैं कि राम भक्तों पर किसने गोलियां चलवाईं थीं. मुझे नहीं लगता कि लोग भूल गए होंगे. यह सब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की वजह से संभव हुआ है. कोर्ट में मुकदमा वर्षों से लंबित था. 2022 में भारतीय जनता पार्टी 350 से ज्यादा सीटें जीतेगी.

फिल्मी सितारों से सजी अयोध्या की रामलीला का साधु-संतों ने शुरू किया विरोध, CM योगी को लिखा पत्र

UP: फिल्मी सितारों से सजी अयोध्या की रामलीला का साधु-संतों ने शुरू किया विरोध

Ayodhya News: अवधेश दास हमलावर होते हुए बोले कि मांस- मदिरा खाने सेवन करने वाले लोग मंच पर अभद्र प्रदर्शन करेंगे. यह संत समाज के समझ के बाहर है.

SHARE THIS:

अयोध्या. रामनगरी अयोध्या (Ayodhya) में होने वाली फिल्मी सितारों से सजी रामलीला (Ramlila) को लेकर अयोध्या में संत समाज विरोध पर उतर आया है. रामलीला की भाषा शैली और फिल्मी सितारों के द्वारा निभाई जा रहे रोल में वेशभूषा को लेकर सवाल उठाया है. संत समाज का कहना है कि आध्यात्मिक परंपरा वाली धार्मिक मान्यता वाली रामलीला का आयोजन होना चाहिए. करीब दो दर्जन से ज्यादा संतों ने सिद्ध पीठ बड़ा भक्तमाल में बैठक कर विरोध किया है. संत समाज में पर्यटन विभाग को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह 17 सितंबर को गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे.

बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश दास ने कहा कि रामलीला हमारी उपासना सेवा में आती है. इसमें यदि किसी तरीके का हास परिहास होता है तो उसको स्वीकार नहीं करते हैं. फिल्म जगत के लोगों को शास्त्र और अध्यात्म की कितनी जानकारी है यह मैं नहीं जानता. पिछले वर्ष वर्चुअल रामलीला के नाम पर जो अभद्र प्रदर्शन हुआ है उस प्रदर्शन को देखते हुए हम इसका विरोध करते हैं. रामलीला में काम करने वाले कलाकारों का रहन-सहन खानपान कैसा है यह ध्यान में रखा जाता है.

अयोध्या के संत समाज ने सीएम योगी को लिखा पत्र

अयोध्या के संत समाज ने सीएम योगी को लिखा पत्र

मांस- मदिरा का सेवन करने वाले…
अवधेश दास हमलावर होते हुए बोले कि मांस- मदिरा खाने सेवन करने वाले लोग मंच पर अभद्र प्रदर्शन करेंगे. यह संत समाज के समझ के बाहर है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में ऐसी ऐसी रामलीला मंडली आए हैं जो विदेशों तक अपना प्रदर्शन और परचम लहराया है. ऐसी रामलीला को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए. फिल्म जगत की रामलीला करने का कोई मतलब नहीं है. इसका हम संत समाज के लोग विरोध कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे सनातन संस्कृत और उपासना के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ न किया जाए.

6 अक्टूबर से अयोध्या में जुटेंगे फिल्मी सितारे
अयोध्या संत समिति के महामंत्री पवन दास शास्त्री ने कहा कि अयोध्या की ऐतिहासिक का संपूर्ण विश्व में विदित है यह रामजी की जन्मभूमि रही है. इस रामलीला के विरोध में हम लोग प्रधानमंत्री से भी मिलेंगे और मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे और पूर्व में किया भी है. यह लोग चाहते हैं कि जिस तरह से चाहेंगे उस तरीके से रामजी के चरित्र को परिभाषित करेंगे तो यह होने नहीं दिया जाएगा. बता दें कि फिल्मी सितारे 6 अक्टूबर से अयोध्या में जुटेंगे. ये लोग रामलीला में विभिन्न पात्रों की भूमिका अदा करेंगे.

UP News Live Updates: अयोध्या में निकलेगी आप की तिरंगा यात्रा, दिल्ली के डिप्टी CM मनीष सिसोदिया रहेंगे मौजूद

अयोध्या में आज निकलेगी आम आदमी पार्टी की तिरंगा संकल्प यात्रा

Uttar Pradesh News Live, September 14, 2021: जिला प्रशासन ने 50-50 की टोली में तिरंगा यात्रा निकालने की अनुमति दी है. तिरंगा संकल्प यात्रा से पहले दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया 11:00 बजे होटल शाने अवध में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 14, 2021, 09:37 IST
SHARE THIS:

अयोध्या. उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) में ताल ठोक रही आम आदमी पार्टी (AAP) की तिरंगा संकल्प यात्रा (Tiranga Sankalp Yatra) मंगलवार को राम नगरी अयोध्या (Ayodhya) में निकलेगी. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) और राज्य सभा सांसद संजय सिंह (Sanjay Singh) की अगुवाई में यह यात्रा गुलाब बाड़ी से गांधी पार्क तक जाएगी. जिला प्रशासन ने 50-50 की टोली में तिरंगा यात्रा निकालने की अनुमति दी है. तिरंगा संकल्प यात्रा से पहले दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया 11:00 बजे होटल शाने अवध में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे. दोपहर 1:00 बजे गुलाब बाड़ी से रीडगंज, गुदरी बाजार चौराहा, नियावां चौराहा और रिकाबगंज चौराहा होते हुए गांधी पार्क तक तिरंगा संकल्प यात्रा जाएगी. डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सांसद संजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह व दिल्ली के कई विधायक भी इस तिरंगा में शामिल हो रहे हैं. तिरंगा संकल्प यात्रा के जरिए आम आदमी पार्टी अपनी सियासी ताकत दिखाने में जुटी है.

Load More News

More from Other District

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज