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राम मंदिर परिसर में लगाई जाएं वाल्मीकि, तुलसीदास, निषादराज और हनुमान की प्रतिमाएं: भारतीय बौद्ध संघ

KB Shukla | News18 Uttar Pradesh
Updated: December 2, 2019, 7:44 PM IST
राम मंदिर परिसर में लगाई जाएं वाल्मीकि, तुलसीदास, निषादराज और हनुमान की प्रतिमाएं: भारतीय बौद्ध संघ
पत्रकार वार्ता करते बौद्ध संघ के पदाधिकारी.

जनमानस तक भगवान बुद्ध (Lord Buddha) के शांति, मैत्री और भाईचारे का संदेश पहुंचाने के लिए भारतीय बौद्ध संघ (Indian Buddhist Association) हमेशा प्रयासरत है.

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अयोध्या. भारतीय बौद्ध संघ (Indian Buddhist Association) ने भी अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर (Ram Temple) परिसर में रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि, रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास, भगवान श्रीराम को नदी पार करवाने वाले निषादराज और भगवान श्रीराम के अनन्य सेवक हनुमान जी की प्रतिमा लगाने की मांग की है. अयोध्या पहुंचे भारतीय बौद्ध संघ के अध्यक्ष भंते संघप्रिय राहुल ने राम मंदिर मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मेरी मांग है कि राम मंदिर परिसर में इन महापुरुषों की प्रतिमा लगनी चाहिए.

जनसामान्य की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर का निर्माण किया जाए
भारतीय बौद्ध संघ के राष्ट्रीय, प्रदेश पदाधिकारियों और सदस्यों ने सोमवार को शहर के राजकीय पॉलिटेक्निक के सामने एक होटल में प्रेसवार्ता के दौरान अपनी यह मांग रखी. भंते संघप्रिय राहुल ने कहा कि सर्वजन कल्याण और जनसामान्य की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर का निर्माण किया जाए. उन्होंने राम मंदिर परिसर में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की प्रतिमा के साथ महर्षि वाल्मीकि, गोस्वामी तुलसीदास, निषादराज और हनुमान की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की.

सामाजिक समरसता के लिए कार्य कर रहा है: भंते संघप्रिय राहुल

बौद्ध संघ के अध्यक्ष ने कहा कि विभिन्न कालों में इन महामनीषियों के सामूहिक प्रयास से समाज की कल्याणकारी अवधारणा बनी. समाज के मौजूदा परिवेश में इन्हीं देवता और महामनीषियों के विचारों के साथ ही सर्व समाज की अवधारणा को पूरा किया जा सकता है. भंते संघप्रिय राहुल ने कहा कि भारतीय बौद्ध संघ सामाजिक समरसता के लिए कार्य कर रहा है. उसी कड़ी में इन महानमनीषियों ने भगवान राम के चरित्र एवं मर्यादाओं को अपने जीवन में चरितार्थ किया है. सर्व समाज में पैदा हुए सभी संतों, महापुरुषों को केंद्र एवं राज्य सरकार पूर्ण आदर सम्मान दें. इसी धारणा के लिए भारतीय बौद्ध संघ निरंतर प्रयासरत है.

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First published: December 2, 2019, 7:42 PM IST
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