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आज़मगढ़: ढाई लाख के इनामी बसपा नेता अखंड प्रताप सिंह का गैंगस्टर कोर्ट मे सरेंडर

News18 Uttar Pradesh
Updated: December 12, 2019, 3:49 PM IST
आज़मगढ़: ढाई लाख के इनामी बसपा नेता अखंड प्रताप सिंह का गैंगस्टर कोर्ट मे सरेंडर
आजमगढ़ की गैंगस्टर कोर्ट में एक लाख के इनामी बसपा नेता अखंड सिंह ने सरेंडर कर दिया है.

जानकारी के अनुसार अखंड प्रताप सिंह (Akhand Pratap Singh) के खिलाफ 36 से ज़्यादा हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी जैसे संगीन मुकदमे दर्ज हैं. वह 2017 अतरौलिया विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी भी रहा है. अखंड चुनाव में पैरोल पर छूटा था और तभी से फरार चल रहा था.

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आज़मगढ़: ढाई लाख के इनामी बसपा नेता अखंड प्रताप सिंह (Akhand Pratap Singh) ने गुरुवार को गैंगस्टर कोर्ट (Gangster Court) में सरेंडर कर दिया. बता दें जिले की पुलिस लगातार अखंड सिंह की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी. पुलिस के दबाव में इनामी बसपा नेता ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया. जानकारी के अनुसार अखंड सिंह के खिलाफ 36 से ज़्यादा हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी जैसे संगीन मुकदमे दर्ज हैं. वह 2017 अतरौलिया विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी भी रहा है. जानकारी के अनुसार अखंड चुनाव में पैरोल पर छूटा था और तभी से फरार चल रहा था.

बता दें पुलिस के बढ़ती घेराबंदी के बीच ढाई लाख रुपये के इनामी अपराधी अखंड प्रताप सिंह ने पुलिस को चकमा देकर आज एडीजे कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया. अखंड प्रताप सिंह के सरेंडर करने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में कोर्ट के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई. बतातें चलें कि तरवा थाना क्षेत्र के जमुआ गांव के रहने वाले अपराधी अखंड प्रताप सिंह ने वर्ष 2013 में 11 मई को ट्रांसपोर्टर धनराज यादव की गोली मार कर हत्या कर दी थी. इसके साथ ही करीब तीन दर्जन गंभीर अपराध करने के बाद वह तरवां ब्लाक के प्रमुख बने थे. वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा से अतरौलिया विधानसभा से प्रत्याशी भी रह चुके हैं. आपराधिक मामलों में फरार चल रहे अखंड प्रताप सिंह के घर इसी वर्ष नवम्बर में कुर्की की नोटिस भी चस्पा की गई थी. जिसके बाद पुलिस ने अखंड प्रताप सिंह के पर ढाई लाख का ईनाम घोषित कर दिया. बढ़ते पुलिस के दबाव के बीच आज अखंड प्रताप सिंह ने कोर्ट सरेंडर कर दिया.

हाल ही में ईनाम बढ़ाकर ढाई लाख किया गया था: एसपी 

मामले में आजमगढ़ के एसपी प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह ने बताया कि अखंड प्रताप सिंह पिछले डेढ़ साल से फरार चल रहा था. पुलिस लगातार उसकी गिरफ्तारी को लेकर उसके करीबियों आदि के यहां रेड मार रही थी. यही नहीं मामले में अखंड प्रताप सिंह के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की गई थी. उसके खिलाफ पहले एक लाख रुपये का ईनाम घोषित था, हाल ही में उसकी गिरफ्तारी पर ईनाम बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर दिया गया था.

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First published: December 12, 2019, 3:32 PM IST
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