खराब मौसम के चलते खेत में गिरा टू-सीटर एयरक्राफ्ट, 21 वर्षीय ट्रेनी पायलट की मौत

दुर्घटनाग्रस्त टू-सीटर एयरक्राफ्ट को हरियाणा के पलवल के रहने वाले ट्रेनी पायलट कोणार्क शरण उड़ा रहे थे
दुर्घटनाग्रस्त टू-सीटर एयरक्राफ्ट को हरियाणा के पलवल के रहने वाले ट्रेनी पायलट कोणार्क शरण उड़ा रहे थे

खराब मौसम के कारण एयरक्राफ्ट से नियंत्रण खोने के बाद पायलट ने आबादी क्षेत्र में एयरक्राफ्ट न गिरे, इसकी पूरी कोशिश की, लेकिन जब सिवान (खेत) में एयरक्राफ्ट गिरने (Aircraft Crash) लगा तो पायलट प्लेन से कूद पड़ा. मगर एयरक्राफ्ट से कूदने के बाद भी पायलट की जान नहीं बच सकी

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 7:25 PM IST
  • Share this:
आजमगढ़. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले (Azamgarh District) में सोमवार को टू-सीटर एयरक्राफ्ट क्रैश (Plane Crash) होने से हड़कंप मच गया. यह दुर्घटना सरायमीर थाना क्षेत्र के कुशहा, फरीदुनपुर में हुआ. एयरक्राफ्ट क्रैश (Aircraft Crash) में जान गंवाने वाले ट्रेनी पायलट (Trainee Pilot) कोणार्क शरन 125 किलोमीटर की उड़ान पूरी कर चुके थे. मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार सुबह 10 बजे उन्होंने अमेठी से उड़ान भरी थी और मऊ होते हुए उन्हें रायबरेली लौटना था. बताया जा रहा है कि खराब मौसम के कारण एयरक्राफ्ट से नियंत्रण खोने के बाद पायलट ने आबादी क्षेत्र में एयरक्राफ्ट न गिरे, इसकी पूरी कोशिश की, लेकिन जब सिवान (खेत) में एयरक्राफ्ट गिरने लगा तो पायलट प्लेन से कूद पड़ा. मगर एयरक्राफ्ट से कूदने के बाद भी पायलट की जान नहीं बच सकी. मृत पायलट की जेब से आइजीआरयूए-1082 क्रमांक के स्टूडेंट पायलट का लाइसेंस बरामद हुआ है.

दरअसल यह टू-सीटर ट्रेनी विमान इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से अपने नियमित प्रशिक्षण उड़ान के लिए निकला था. एयरक्राफ्ट को एक ही पायलट उड़ा रहा था. मौसम खराब होने के चलते यह एयरक्राफ्ट अनियंत्रित होकर गिर पड़ा और मलबे में तब्दील हो गया. इस एयरक्राफ्ट को हरियाणा के पलवल जिले के रहने वाले 21 वर्षीय पायलट कोणार्क शरन उड़ा रहे थे, जिनकी इस हादसे में मौत हो गई.

आबादी से दूर ले जाकर खेत में किया एयरक्राफ्ट क्रैश



स्थानीय लोगों के मुताबिक मौसम खराब था जिसके चलते एयरक्राफ्ट अनियंत्रित होकर तेजी से जमीन की तरफ बढ़ रहा था. लेकिन ऐसा लगा कि जैसे पायलट ने उसे आबादी से दूर ले जाने की कोशिश की और जब उसे लगा कि वो कंट्रोल नहीं कर सकता तो छलांग लगा दी. जमीन से टकराने के बाद एयरक्राफ्ट के टुकड़े-टुकड़े हो गए. हादसे की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे जिले के अधिकारियों ने लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर प्रशासन से बात की तो बताया गया कि मृतक ट्रेनी पायलट था. प्रशिक्षण विमान रायबरेली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकाडमी से एयरक्राफ्ट ने उड़ान भरा था.
रायबरेली से वाराणसी हवाई क्षेत्र में भ्रमण करने के बाद एयरक्राफ्ट आजमगढ़ से मऊ होते हुए वापस रायबरेली एयरपोर्ट की ओर लौट रहा था तभी वो दुर्घटना का शिकार हो गा. विमान वाराणसी एयरस्पेस में आया, लेकिन एयरपोर्ट पर उतरा नहीं था लिहाजा विमान को वाराणसी एटीसी (एयर ट्रैफकि कंट्रोल) द्वारा ही हैंडल किया जा रहा था. एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान अधिक ऊंचाई पर नहीं उड़ता है. ट्रेनी पायलट कोणार्क शरण अब तक 125 घंटे की उड़ान भर चुके थे. अमेठी से सोमवार सुबह 10 बजकर 20 पर एयरक्राफ्ट ने उड़ान भरी थी. इस दुर्घटना से कैंपस में लोग सदमे में हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज