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पढ़ें कैसे, 46 साल बाद फिर जिन्दा हुआ मुर्दा

पढ़ें कैसे, 46 साल बाद फिर जिन्दा हुआ मुर्दा

46 वर्ष पूर्व पीड़ित के भतीजों ने सरकारी कर्मचारियों की मिली भगत से इसे कागजों में मृत घोषित कर इसकी जमीन को अपने नाम करा ली थी.

46 वर्ष पूर्व पीड़ित के भतीजों ने सरकारी कर्मचारियों की मिली भगत से इसे कागजों में मृत घोषित कर इसकी जमीन को अपने नाम करा ली थी.

46 वर्ष पूर्व पीड़ित के भतीजों ने सरकारी कर्मचारियों की मिली भगत से इसे कागजों में मृत घोषित कर इसकी जमीन को अपने नाम करा ली थी.

आजमगढ़ जिले में राजस्व अभिलेखों में मृत एक व्यक्ति को 46 वर्ष के बाद पुनः जिन्दा कर दिया गया. 46 वर्ष पूर्व पीड़ित के भतीजों ने सरकारी कर्मचारियों की मिली भगत से इसे कागजों में मृत घोषित कर इसकी जमीन को अपने नाम करा ली थी.

आजमगढ़ जिले के सगड़ी तहसील क्षेत्र के खीरीडीहा गांव निवासी राजबली को 46 वर्ष पहले जीवित रहते हुए इसके भतीजे ने लेखपाल, कानूनगो और सहायक चकबंदी अधिकारी सगड़ी की मिलीभगत से मृत घोषित कर फर्जी आदेश कराकर उसकी जमीन को अपने नाम करा लिया था.

राजबली न्याय के लिए दर-दर भटकते हुए मृतक संघ के पास पहुंचा. मृतक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालबिहारी मृतक ने इस लड़ाई को लड़ा और 46 वर्ष बाद राजबली पुनः जिन्दा हो गया.

मृतक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल बिहारी मृतक का कहना है कि 1970 में इन्हें मृत घोषित कर दिया गया था काफी लड़ाई के बाद इन्हें जिन्दा तो कर दिया गया लेकिन इनकी जमीन अभी इनके नाम नही हुई जिसकी लड़ाई जारी है. वहीं कागजों में जिन्दा हुए राजबली का कहना है कि उनके भतीजे उनको मृत दिखाकर उनकी जमीन जायदाद ले लिए. वह दर-दर भटक रहा था और उसके पपौत्र ने उसे सहारा दिया.

उपसंचालक चकबंदी ऋतु सुहास का कहना है कि 1970 में एसीओ के आर्डर के अंतर्गत इनको मृतक बताया गया था. इनके द्वारा एसओसी के यहां आवेदन किया गया और पुराना आर्डर जिसमें वह मृतक थे उसे खारिज कर इन्हें पुनः जीवित कर दिया गया.

Tags: Azamgarh news, आजमगढ़

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