आजमगढ़ लॉक डाउन: इस सरकारी शिक्षक ने खुद शुरू की छात्रों के लिए ऑनलाइन क्लास
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आजमगढ़ लॉक डाउन: इस सरकारी शिक्षक ने खुद शुरू की छात्रों के लिए ऑनलाइन क्लास
लॉक डाउन के बीच आजमगढ़ के लालगंज तहसील में सहयोग इंटर कॉलेज के अध्यापक अनिल कुमार उपाध्याय ने खुद से ऑनलाइन क्लास लगानी शुरू कर दी है.

आजमगढ़ (Azamgarh) में लालगंज तहसील के जनता सहयोग इंटर कॉलेज में अध्यापक अनिल कुमार उपाध्याय घर बैठे रोज सुबह से लेकर देर शाम तक बच्चों के प्रश्नों के उत्तर देते रहते है. यही नहीं पढ़ाई के साथ ही अनिल कोरोना के प्रति लोगों व बच्चों को जागरूक भी कर रहे हैं.

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आज़मगढ़. लॉक डाउन (Lockdown) के चलते आजमगढ़ (Azamgarh) में विद्यालय बंद हैं. लेकिन कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं जो खुद की कोशिश से बच्चों तक शिक्षा का प्रसार करने की कोशिश में लगे हुए हैं. ऐसे ही एक टीचर आजमगढ़ के लालगंज तहसील में हैं. दरअसल जनता सहयोग इंटर कॉलेज के हिंदी के अध्यापक अनिल कुमार उपाध्याय ने यूट्यूब व व्हाट्सप्प के माध्यम से हाई स्कूल और इंटर के बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने की बीड़ा उठया है. इनकी कोशिश है कि लॉक डाउन में घर में रहते हुए भी बच्चों का कोर्स पूरा हो. यही नहीं इन्होंने व्हाट्सअप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें छात्र-छात्राएं घर बैठे ही अपने सिलेबस से सम्बंधित जानकारी ले सकते हैं.

पढ़ाई के साथ जागरूकता भी फैला रहे

अनिल कुमार उपाध्याय अब घर बैठे रोज सुबह से लेकर देर शाम तक बच्चों के प्रश्नों के उत्तर देते रहते है. यही नहीं पढ़ाई के साथ ही अनिल कोरोना के प्रति लोगों व बच्चों को जागरूक भी कर रहे हैं. वाराणसी जिले के पिंडरा तहसील के फत्तेपुर गांव निवासी अनिल कुमार उपाध्याय आजमगढ़ जिले के लालगंज तहसील के जनता सहयोग इंटर कॉलेज में हिंदी के अध्यापक हैं. दरअसल अनिल पढ़ाने के मामले में नित्य नये प्रयोग करते हैं, जिससे छात्रों के लिए नई ऊर्जा के साथ प्रतिस्पर्धा बनी रहे. इन दिनों लॉक डाउन चल रहा है. ऐसे में छात्र, अभिभावक, शिक्षक भी घरों मे रहते हुए आपदा से राहत मे लगे है. ऐसे मे शिक्षक ने घरों पर रहते हुए छात्र अध्ययन से दूर न रहे आनलाइन शिक्षा शुरू कर दी. इसमे विषय के तहत शिक्षक लगे हुए है.



व्हॉट्सएप और यूट्यूब का सहारा
अभिभावकों के मोबाइल व्हॉट्सएप और यूट्यूब के जरिये आनलाइन शिक्षक पढ़ा रहे हैं. इसमें छात्र आनलाइन ही प्रश्न भी पूछ रहे हैं और उत्तर के साथ ही प्रतिदिन होमवर्क भी दिये जा रहे हैं. छात्रों को हिदायत भी है कि घरों मे मौजूद कागज आदि का ही प्रयोग करना है. शिक्षक के इस प्रयोग से अभिभावक भी खुश है कि बच्चे घर पर रहते पढाई मे लगे हैं. अनिल कुमार उपाध्याय कहते हैं कि अभिभावकों का बडा योगदान है, जो प्रतिदिन मोबाइल पर वाट्सएप के जरिये प्रातः दस बजे से आनलाइन हो जाते हैं. शिक्षक की यह पहल पूरे जनपद में चर्चा का विषय बनी हुई है.

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