आजमगढ़: ऑनलाइन गेम्स के लती बेटे ने पिता के खाते से उड़ा दिए 8 लाख रुपए
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आजमगढ़: ऑनलाइन गेम्स के लती बेटे ने पिता के खाते से उड़ा दिए 8 लाख रुपए
पुलिस के हत्थे चढ़ा साइबर ठग

साइबर अपराधियों ने पब्जी व फ्री फायर गेम के चक्कर में शिक्षक के खाते से 8 लाख रुपए उड़ा दिए.

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आजमगढ़. कभी अंडरवर्ड तो कभी बाटला हाउस एनकाउंटर या आतंकवाद को लेकर सुर्खियों में रहने वाला आजमगढ़ (Azamgarh) जिला इन दिनों साइबर अपराध (Cyber Crime) का हब बना हुआ है. झारखण्ड के जामतारा से ट्रेंड होकर निकले अपराधी अलग-अलग तरीकों से से साईबर क्राइम कर रहे है. इस बार इनके निशाने पर एक शिक्षक का बेटा चढ़ा, जिसे ऑनलाइन गेम्स का शौक था. साइबर अपराधियों ने पब्जी व फ्री फायर गेम के चक्कर में शिक्षक के खाते से 8 लाख रुपए उड़ा दिए. बिलरियागंज थाने की पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी की लोकेशन लेकर आगरा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. पुलिस मामले की और गहनता से जांच करने में जुटी हुई है.

आजमगढ़ में ऑनलाइन गेम का नशा एक छात्र पर ऐसा चढ़ा कि उसने अपने पिता के अकॉउंट से 8 लाख रूपये ही उड़ा दिए. उसका मकसद न सिर्फ गेम खेलाना था, बल्कि ऑनलाइन गेम्स की दुनिया का बादशाह बनना था. ऑनलाइन गेम के जरिए एक दूसरे से ऑनलाइन जुड़कर लोग गेम खेलते हैं. हारने पर मायूसी हाथ लगती है. यहीं से शुरू होता है हैकर का काम. हैकर छात्रों को अपने जाल में फंसाते है और उनके परिवार की कमाई को पल भर में अपने कब्जे में ले लेते हैं.

बेटी की शादी के लिए जमा किये थे पैसे



मामला आजमगढ़ जिले के बिलरियागंज क्षेत्र के इस्माइलपुर गोरिया गांव का है, जहां के निवासी हरिबंश लाल श्रीवास्तव शिक्षक हैं. पीड़ित शिक्षक अपनी पुत्री की शादी के लिए आठ लाख रूपये जमाकर के रखा था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से शादी टालनी पड़ी. उनका 12 वर्षीय पुत्र दीप रंजन कक्षा 6 का छात्र है. उसे मोबाइल फोन पर पबजी, डॉ सॉफ्ट, फ्री फायर आदि ऑनलाइन गेम खेलने का शौक है. वह खाली समय गेम खलने में ही बिताता है.
ऐसे बनाया शिकार

पुलिस अधीक्षक प्रो. त्रिवेणी सिंह के मुताबिक दीप रंजन के मोबाइल फोन पर एक दिन एक साइबर अपराधी ने वाट्सएप मैसेज किया. बच्चे ने रुचि दिखाई तो दोनों में दोस्ती हो गई. इसके बाद साइबर अपराधी ने बच्चे के गेम खेलने के शौक को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया. धीरे-धीरे बच्चे को एडवांस गेम खेलने का लालच देता रहा और कहा कि वह इससे काफी रुपए कमा सकता है. दीप रंजन ने पैसा कमाने के चक्कर में गेम खरीदनेे के लिए पिता के डेबिट कार्ड डिटेल्स के साथ ही मोबाइल फोन नंबर भी उसे दे दिया. फिर साइबर अपराधी ने उससे ओटीपी भी मांग ली. इसके बाद वह 10 अप्रैल से 12 मई के मध्य पेटीएम अकाउंट व अन्य माध्यम से धीरे-धीरे कर आठ लाख रुपए उड़ा दिया. हाल में जब शिक्षक को बैंक एकाउंट खाली होने की जानकारी हुई तो उसके होश उड़ गए. उसने इसकी शिकायत पुलिस से की और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गया. पकड़ा गया आरोपी सागर सिंह आगरा जिले का रहने वाला है.
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